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शराब कारोबारियों की अब नहीं चलेगी मनमानी
Updated Sun, 28 Jan 2018 07:32 PM IST
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प्रतापगढ़। आबकारी विभाग इस बार जिले से अतिरिक्त मुनाफे की तैयारी में जुटा है। जिले में केवल दस फीसदी शराब की दुकानें बढ़ाई जाएंगी। इस बार शराब कारोबारी केवल वे दो दुकानों के लिए ही आनलाइन आवेदन कर सकेंगे। वहीं जिला आबकारी अधिकारी बच्चालाल का कहना है कि नई नीति से स्पेशल जोन खत्म होने के बाद नए लोगों को रोजगार का मौका मिलेगा। एकाधिकार खत्म होने के साथ-साथ अधिक ब्रांड की शराब दुकानों पर रहेगी।
शराब के कारोबार को लेकर शासन ने नई गाइड लाइन बनाई है। नई नीति के तहत शराब की दुकानों से राजस्व बढ़ाने के लिए आबकारी विभाग को लक्ष्य मिला है। हालांकि इस वित्तीय वर्ष में अभी तक पहले की अपेक्षा शराब के कारोबार से राजस्व बढ़ा है। जिले में शराब की दुकानों की अगले वित्तीय वर्ष के लिए आनलाइन आवेदन मांगे जाएंगे। इस बार शराब का कारोबार करने वालों की मनमानी नहीं चलेगी। केवल एक व्यक्ति दो दुकानों के लिए आनलाइन आवेदन कर सकता है। अगले वित्तीय वर्ष में जिले में 38 नई दुकानें खोली जाएंगी। नई नीति के बाद अब शराब के कारोबारी नए सिरे से तैयारी में जुट गए हैं।
वहीं नई आबकारी नीति के लागू होते ही अप्रैल से देशी, अंग्रेजी शराब और बीयर के दामों में पांच से 10 फीसदी तक वृद्धि की संभावना है। इसके पीछे विभागीय अधिकारियों का तर्क है कि आवेदन की प्रक्रिया से लेकर लाइसेंस फीस आदि में वृद्धि और जीएसटी लागू होने के बाद शराब के दाम में बढ़ोतरी हो सकती है।
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शराब के कारोबार को लेकर शासन ने नई गाइड लाइन बनाई है। नई नीति के तहत शराब की दुकानों से राजस्व बढ़ाने के लिए आबकारी विभाग को लक्ष्य मिला है। हालांकि इस वित्तीय वर्ष में अभी तक पहले की अपेक्षा शराब के कारोबार से राजस्व बढ़ा है। जिले में शराब की दुकानों की अगले वित्तीय वर्ष के लिए आनलाइन आवेदन मांगे जाएंगे। इस बार शराब का कारोबार करने वालों की मनमानी नहीं चलेगी। केवल एक व्यक्ति दो दुकानों के लिए आनलाइन आवेदन कर सकता है। अगले वित्तीय वर्ष में जिले में 38 नई दुकानें खोली जाएंगी। नई नीति के बाद अब शराब के कारोबारी नए सिरे से तैयारी में जुट गए हैं।
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वहीं नई आबकारी नीति के लागू होते ही अप्रैल से देशी, अंग्रेजी शराब और बीयर के दामों में पांच से 10 फीसदी तक वृद्धि की संभावना है। इसके पीछे विभागीय अधिकारियों का तर्क है कि आवेदन की प्रक्रिया से लेकर लाइसेंस फीस आदि में वृद्धि और जीएसटी लागू होने के बाद शराब के दाम में बढ़ोतरी हो सकती है।
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