आंवले की कम पैदावार से बिचौलियों के अच्छे दिन

Allahabad Bureau Updated Fri, 08 Dec 2017 12:35 AM IST
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आंवले की कम पैदावार से बिचौलियों के अच्छे दिन
लक्ष्य पूरा करने में जुटे आयुर्वेदिक कंपनियों के एजेंट, तय हो रहा मनमाना रेट, किसान फिर ठगे जा रहे
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। जिले में आंवले का उत्पादन घटने का लाभ बिचौलिए उठा रहे हैं। किसानों से कम दाम पर आंवले की खरीद करने वाले बिचौलिए आयुर्वेदिक कंपनियों के एजेंटों को मंहगे दाम पर बेच रहे हैं। चिलबिला स्थित महुली मंडी में होने वाले खेल पर पुलिस अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रही है।
जिले में छह साल बाद आंवले की आवक कम होने से किसानों के हाथ जहां निराशा लगी है, वहीं बिचौलिए माला माल हो रहे हैं। आयुर्वेदिक कंपनियों की मांग पूरा करने के लिए किसानों को दो गुना दाम तो मिल रहे हैं, मगर बिचौलिए मोटी रकम की कमाई कर रहे हैं। दरअसल में इस वर्ष आंवले की फलक कम होने के कारण सक्रिय हुए बिचौलिए ने किसानों के आंवले की बाग खरीद ली है। जो किसान बाग में आंवला नहीं बेचे हैं, वह मंडी में आकर बेच रहे हैं। मंडी पहुंचते ही बिचौलिए दूने दाम पर खरीद कर किसानों को खुश कर देते हैं।
मगर इसके बाद होने वाले खेल से वह अनजान होते हैं। दरअसल आंवले का सौदा पर्दे के पीछे से किया जाता है। हाथ मिलाने के दौरान ऊपर से गमछा डाल दिया जाता है और हाथ की उंगलियों और पंजा से भाव का निर्धारण किया जाता है। इससे बगल में खड़ा रहने वाला व्यक्ति यह नहीं जान सकता है, किसान से खरीदा हुआ आंवला किस भाव बिका है।
किसानों के आंखों के सामने होने वाले खेल में बिचौलिए मालामाल हो रहे हैं। मगर किसानों को सीधे तौर पर इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। डाबर, पतंजलि, झंडु, हरिद्वार की आयुर्वेदिक कंपनियों के अभिकर्ताओं की नजर अब सीजन समाप्त होने वाले आंवले की लगी हुई है। वह बिचौलिए के आगे-पीछे घूम रहे हैं। फिलहाल बिचौलिए के इस खेल पर प्रतिबंध लगाने में स्थानीय पुलिस और मंडी विभाग कोई प्रयास नहीं कर रहा है।
वर्जन
आंवले की फलक कम होने से बीते वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष दूने दाम पर बिक रहा है। मंडी में अगर बिचौलिए सक्रिय हैं तो यह कार्य मंडी सचिव और पुलिस का है कि वह किसानों के उत्पाद का उचित मूल्य दिलाए।
रणविजय सिंह, जिला उद्यान अधिकारी।
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सिर पर कफन बांधकर महिलाओं ने निकाला जुलूस
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। मानदेय बढ़ाकर 18,000 रुपये करने की मांग को लेकर गुरुवार को आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने सिर पर कफन बांधकर जुलूस निकाला। केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने चेताया है कि जब तक मानदेय में बढ़ोतरी नहीं होती है, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के बैनर तले कचहरी में होने वाला धरना गुरुवार को 47वें दिन जारी रहा। जिलाध्यक्ष माधुरी सिंह के नेतृत्व में काम बंद, कलम बंद हड़ताल करने वाली महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि हम लोग झुकने वाले नहीं हैं। सिर पर कफन बांधकर निकलने वाली महिलाओं ने अंबेडकर चौराहे से पुलिस लाइन चौराहा के रास्ते वापस धरना स्थल पर आ गई। आन्दोलन को धार देने के लिए बीना सिंह को सदर ब्लाक का अध्यक्ष और मंजू सिंह को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस मौके पर सुषमा सिंह, कंचन सिंह, पूनम सिंह, सुनीता, शोभा, संजू तिवारी, साधना सिंह, उर्मिला पाल, पुष्पलता आदि मौजूद रहीं।

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