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संदिग्ध हालात में चकबंदी कानूनगो की मौत
Updated Sat, 13 Jan 2018 07:52 PM IST
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संागीपुर। संदिग्ध परिस्थितियों में चकबंदी कानूनगो की मौत हो गई। सुबह उन्होंने ठंड लगने की शिकायत की थी। शाम को अचानक उनकी तबियत ज्यादा बिगड़ गई और इलाज के लिए लखनऊ ले जाते समय उन्होंने दम तोड़ दिया।
मऊ जनपद के रहने वाले शिवचंद्र (57) लालगंज तहसील के सांगीपुर सर्किल में लेखपाल के पद पर तैनात थे। बाद में उनकी पदोन्नति यहीं कानूनगो के पद पर हो गई। शुक्रवार को उनकी तबियत काफी खराब थी। सुबह उन्होंने ठंड लगने की शिकायत की थी। साथी लेखपालों ने शिवचंद्र को स्थानीय सीएचसी में डाक्टरों को दिखाया, जहां हालत गंभीर होने पर पीजीआई लखनऊ ले जाने की सलाह दी गई। शाम को लगभग पांच बजे उन्हें लखनऊ ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही मौत हो गई।
शिवचंद्र शुगर, हृदय की बीमारियों से भी पीड़ित थे और उनका इलाज चल रहा था। बीते दिनों बाइक से गिरने की वजह से उनके पैर में भी चोटें आई थीं। शिवचंद्र की मौत कैसे और किन वजहों से हुई, यह कोई नहीं बता रहा है। कुछ लोग यह भी चर्चा करते रहे कि काम के बोझ से वह काफी तनाव में रहते थे। फिलहाल उनका शव उनके पैतृक घर भेजवा दिया गया है। चकबंदी विभाग से जुड़े लोगों की मानें तो इन दिनों विभाग के हर अधिकारी और कर्मचारी पर काम का बोझ ज्यादा है। साथ ही समय से काम पूरा करने का दबाव है। तमाम लेखपाल और कानूनगो रात-दिन एक कर काम पूरा कर रहे हैं। इसके साथ ही कार्रवाई का भय भी उन्हें सता रहा है। इससे वे तनाव में रहते हैं। हालाकि विभागीय अफसर इससे इनकार करते रहे।
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मऊ जनपद के रहने वाले शिवचंद्र (57) लालगंज तहसील के सांगीपुर सर्किल में लेखपाल के पद पर तैनात थे। बाद में उनकी पदोन्नति यहीं कानूनगो के पद पर हो गई। शुक्रवार को उनकी तबियत काफी खराब थी। सुबह उन्होंने ठंड लगने की शिकायत की थी। साथी लेखपालों ने शिवचंद्र को स्थानीय सीएचसी में डाक्टरों को दिखाया, जहां हालत गंभीर होने पर पीजीआई लखनऊ ले जाने की सलाह दी गई। शाम को लगभग पांच बजे उन्हें लखनऊ ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही मौत हो गई।
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शिवचंद्र शुगर, हृदय की बीमारियों से भी पीड़ित थे और उनका इलाज चल रहा था। बीते दिनों बाइक से गिरने की वजह से उनके पैर में भी चोटें आई थीं। शिवचंद्र की मौत कैसे और किन वजहों से हुई, यह कोई नहीं बता रहा है। कुछ लोग यह भी चर्चा करते रहे कि काम के बोझ से वह काफी तनाव में रहते थे। फिलहाल उनका शव उनके पैतृक घर भेजवा दिया गया है। चकबंदी विभाग से जुड़े लोगों की मानें तो इन दिनों विभाग के हर अधिकारी और कर्मचारी पर काम का बोझ ज्यादा है। साथ ही समय से काम पूरा करने का दबाव है। तमाम लेखपाल और कानूनगो रात-दिन एक कर काम पूरा कर रहे हैं। इसके साथ ही कार्रवाई का भय भी उन्हें सता रहा है। इससे वे तनाव में रहते हैं। हालाकि विभागीय अफसर इससे इनकार करते रहे।
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