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दूल्हा बाराती तैयार, डीजे की अनुमति का इंतजार 18-01-07
Updated Thu, 01 Feb 2018 11:05 PM IST
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दूल्हा बाराती तैयार, डीजे की अनुमति का इंतजार
शादी में लाउडस्पीकर की अनुमति के लिए तहसील, कोतवाली का चक्कर काट रहे परिजन
अनुमति के लिए शादी का कार्ड लेकर दौड़ रहे दूल्हा और दुल्हन के परिजन
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। चार फरवरी से शुरू हो रहे विवाह मुहूर्त में इस बार लाउडस्पीकर व डीजे पुलिस प्रशासन के अनुमति के बाद ही बजेगा। अभी तक दो हजार से अधिक शादियों के लिए डीजे बुक हैं, लेकिन डीजे संचालक सभी से प्रशासन से अनुमति लेने की शर्त रख रहे हैं। इसके लिए वर और कन्या पक्ष के लोग परेशान है। वे तहसील और कोतवाली का चक्कर लगा रहे हैं। अभी तक एक भी शादी में डीजे बजाने की अनुमति जारी नहीं हुई है। दूल्हा और दुल्हन के परिजन शादी का कार्ड लेकर अनुमति के लिए तहसील और थानों का चक्कर लगा रहे हैं। बहुत से लोगों को आवेदन कहां करें यह जानकारी ही नहीं है।
हाईकोर्ट ने बिना इजाजत लाउडस्पीकर बजाने पर पाबंदी लगा रखी है। किसी भी आयोजन में साउंड सिस्टम बजाने से पहले अनुमति लेना जरूरी हो गया है। आज के दौर में डीजे बजवाने की होती है। यही वजह है कि डीजे की बुकिंग पहले ही कर ली जाती है। हर डीजे वाले के पास 10 से लेकर 20 बुकिंग है। जिले में लगभग दो हजार शादी की बुकिंग हो चुकी है। उसी बारात में डीजे बजेगा, जिसने इसकी अनुमति प्रशासन से ली होगी। वह भी केवल रात दस बजे तक के लिए ही मान्य होगी। इसके बाद किसी भी कीमत पर साउंड सिस्टम नहीं बजने दिया जाएगा। मतलब साफ है कि अगर डीजे बजाने की अनुमति मिल भी गई, तो तय समय सीमा के दायरे में रहते हुए बजाने की इजाजत होगी। जिन डीजे संचालकों ने पांच छह माह पहले बुकिंग कर ली थी। उन लोगों को डीजे संचालक फोन कर जिला प्रशासन से अनुमति लेने के लिए कह रहे हैं। बबुरहा के रहने वाले राजेश श्रीवास्तव ने अपनी बेटी की शादी के लिए डीजे बुक किया था। डीजे संचालक ने फोन कर प्रशासन से अनुमति लेने की बात कही। करनपुर निवासी रमेशचंद्र के पास भी पुराना माल गोदाम रोड से डीजे संचालक का फोन आया कि वे डीजे बजाने की अनुमति प्रशासन से लेकर उसकी छायाप्रति उन्हें उपलब्ध करा दें। तभी वे विवाह में शामिल हो सकेंगे। मानधाता के राम आसरे बेटी के हाथ पीले करने के लिए डीजे बुक किया है। वह अनुमति के लिए तहसील से लेकर थाने का चक्कर काट रहा है। वहीं डीजे संचालकों ने साफ कर दिया है कि बगैर अनुमति वह अपना साउंड सिस्टम नहीं भेजेगा।
इनसेट---
शादी के दौरान दायरे में होगा डांस
जिला प्रशासन शादी विवाह के लिए लोगों को डीजे बजाने व डांस करने के अनुमति देने को तैयार है लेकिन अनुमति लेने के बाद सभी को दायरे में रहना होगा। विवाह में लोगों को डीजे व साउंड सिस्टम बजाने की अनुमति दी जाएगी लेकिन समय सीमा के साथ। रात 10 बजे के बाद किसी प्रकार के साउंड नहीं बजेंगे। मिलने वाली अनुमति क्षेत्रवार होगी। इसका पालन भी करना होगा। जनता को भी चाहिए कि वह बंदिशों के दायरे में रहकर वैवाहिक उत्सव का हिस्सा बनें।
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इनसेट----
कहां से ले अनुमति, जानकारी ही नहीं
कलेक्ट्रेट और तहसील में ध्वनि यंत्रों के प्रयोग के लिए अनुमति लेने पहुंचे लोग परेशान हो रहे हैं। अभी तक हेल्पडेस्क की व्यवस्था नहीं की गई। काम बढ़ जाने से कर्मचारी लोगों के सवाल करते ही अपनी भड़ास निकालने लगते हैं। पढ़े लिखे लोग भले ही अनुमति के लिए परेशान न हो लेकिन ग्रामीण अंचल मेें लोगों को दिक्कत हो रही है। उन्हें यह भी पता नहीं है कि कहां से अनुमति लें।
इनसेट----
उपजिलाधिकारी सदर कार्यालय में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग से पहले अनुमति की बाध्यता लागू होने के बाद से आवेदनों की भरमार है। रोज तकरीबन 20-30 आवेदन आ रहे हैं। इनमे सबसे अधिक डीजे बजाने के आवेदन हैं। अनुमति की जानकारी के लिए पहुंचने वालों की भी खासी संख्या है।
इनसेट----
20 रुपये में बिक रहा अनुमति पत्र का प्रारूप
तहसील कार्यालयों में अनुमति पत्र का प्रारूप न मिलने पर लोगों को बाजार से खरीदना पड़ रहा है। लोगों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए दुकानदार बीस रुपये में प्रारूप बेच रहे हैं। जबकि जिलाधिकारी ने सभी तहसील कार्यालय से प्रारूप उपलब्ध कराने का निर्देश दे रखा है।
वर्जन----
आवेदन लंबित नहीं रखा जा रहा है। पुलिस की रिपोर्ट लगने के तुरंत बाद अनुमति पत्र जारी कर दिया जाता है। कार्यालय में अनुमति उपलब्ध कराया गया है। अगर कोई बाहर महंगे दाम पर फार्म बेचता है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
पंकज वर्मा, उपजिलाधिकारी सदर
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शादी में लाउडस्पीकर की अनुमति के लिए तहसील, कोतवाली का चक्कर काट रहे परिजन
अनुमति के लिए शादी का कार्ड लेकर दौड़ रहे दूल्हा और दुल्हन के परिजन
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। चार फरवरी से शुरू हो रहे विवाह मुहूर्त में इस बार लाउडस्पीकर व डीजे पुलिस प्रशासन के अनुमति के बाद ही बजेगा। अभी तक दो हजार से अधिक शादियों के लिए डीजे बुक हैं, लेकिन डीजे संचालक सभी से प्रशासन से अनुमति लेने की शर्त रख रहे हैं। इसके लिए वर और कन्या पक्ष के लोग परेशान है। वे तहसील और कोतवाली का चक्कर लगा रहे हैं। अभी तक एक भी शादी में डीजे बजाने की अनुमति जारी नहीं हुई है। दूल्हा और दुल्हन के परिजन शादी का कार्ड लेकर अनुमति के लिए तहसील और थानों का चक्कर लगा रहे हैं। बहुत से लोगों को आवेदन कहां करें यह जानकारी ही नहीं है।
हाईकोर्ट ने बिना इजाजत लाउडस्पीकर बजाने पर पाबंदी लगा रखी है। किसी भी आयोजन में साउंड सिस्टम बजाने से पहले अनुमति लेना जरूरी हो गया है। आज के दौर में डीजे बजवाने की होती है। यही वजह है कि डीजे की बुकिंग पहले ही कर ली जाती है। हर डीजे वाले के पास 10 से लेकर 20 बुकिंग है। जिले में लगभग दो हजार शादी की बुकिंग हो चुकी है। उसी बारात में डीजे बजेगा, जिसने इसकी अनुमति प्रशासन से ली होगी। वह भी केवल रात दस बजे तक के लिए ही मान्य होगी। इसके बाद किसी भी कीमत पर साउंड सिस्टम नहीं बजने दिया जाएगा। मतलब साफ है कि अगर डीजे बजाने की अनुमति मिल भी गई, तो तय समय सीमा के दायरे में रहते हुए बजाने की इजाजत होगी। जिन डीजे संचालकों ने पांच छह माह पहले बुकिंग कर ली थी। उन लोगों को डीजे संचालक फोन कर जिला प्रशासन से अनुमति लेने के लिए कह रहे हैं। बबुरहा के रहने वाले राजेश श्रीवास्तव ने अपनी बेटी की शादी के लिए डीजे बुक किया था। डीजे संचालक ने फोन कर प्रशासन से अनुमति लेने की बात कही। करनपुर निवासी रमेशचंद्र के पास भी पुराना माल गोदाम रोड से डीजे संचालक का फोन आया कि वे डीजे बजाने की अनुमति प्रशासन से लेकर उसकी छायाप्रति उन्हें उपलब्ध करा दें। तभी वे विवाह में शामिल हो सकेंगे। मानधाता के राम आसरे बेटी के हाथ पीले करने के लिए डीजे बुक किया है। वह अनुमति के लिए तहसील से लेकर थाने का चक्कर काट रहा है। वहीं डीजे संचालकों ने साफ कर दिया है कि बगैर अनुमति वह अपना साउंड सिस्टम नहीं भेजेगा।
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इनसेट---
शादी के दौरान दायरे में होगा डांस
जिला प्रशासन शादी विवाह के लिए लोगों को डीजे बजाने व डांस करने के अनुमति देने को तैयार है लेकिन अनुमति लेने के बाद सभी को दायरे में रहना होगा। विवाह में लोगों को डीजे व साउंड सिस्टम बजाने की अनुमति दी जाएगी लेकिन समय सीमा के साथ। रात 10 बजे के बाद किसी प्रकार के साउंड नहीं बजेंगे। मिलने वाली अनुमति क्षेत्रवार होगी। इसका पालन भी करना होगा। जनता को भी चाहिए कि वह बंदिशों के दायरे में रहकर वैवाहिक उत्सव का हिस्सा बनें।
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कहां से ले अनुमति, जानकारी ही नहीं
कलेक्ट्रेट और तहसील में ध्वनि यंत्रों के प्रयोग के लिए अनुमति लेने पहुंचे लोग परेशान हो रहे हैं। अभी तक हेल्पडेस्क की व्यवस्था नहीं की गई। काम बढ़ जाने से कर्मचारी लोगों के सवाल करते ही अपनी भड़ास निकालने लगते हैं। पढ़े लिखे लोग भले ही अनुमति के लिए परेशान न हो लेकिन ग्रामीण अंचल मेें लोगों को दिक्कत हो रही है। उन्हें यह भी पता नहीं है कि कहां से अनुमति लें।
इनसेट----
उपजिलाधिकारी सदर कार्यालय में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग से पहले अनुमति की बाध्यता लागू होने के बाद से आवेदनों की भरमार है। रोज तकरीबन 20-30 आवेदन आ रहे हैं। इनमे सबसे अधिक डीजे बजाने के आवेदन हैं। अनुमति की जानकारी के लिए पहुंचने वालों की भी खासी संख्या है।
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20 रुपये में बिक रहा अनुमति पत्र का प्रारूप
तहसील कार्यालयों में अनुमति पत्र का प्रारूप न मिलने पर लोगों को बाजार से खरीदना पड़ रहा है। लोगों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए दुकानदार बीस रुपये में प्रारूप बेच रहे हैं। जबकि जिलाधिकारी ने सभी तहसील कार्यालय से प्रारूप उपलब्ध कराने का निर्देश दे रखा है।
वर्जन----
आवेदन लंबित नहीं रखा जा रहा है। पुलिस की रिपोर्ट लगने के तुरंत बाद अनुमति पत्र जारी कर दिया जाता है। कार्यालय में अनुमति उपलब्ध कराया गया है। अगर कोई बाहर महंगे दाम पर फार्म बेचता है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
पंकज वर्मा, उपजिलाधिकारी सदर