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पहल हुई तो 26,739 लोगों को मिलेंगे हर माह 2500 रुपये
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27 हजार लोगों को मिल सकते हैं हर माह ढाई हजार
सेवायोजन कार्यालय में 18,524 पुरुषों और 8,215 महिलाओं ने बेरोजगार के तौर पर कराया है रजिस्ट्रेशन
केंद्र की मोदी सरकार नए साल में यूनिवर्सल बेसिक इनकम योजना लागू करने की कर ही तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। केंद्र की मोदी सरकार नए साल में यूनिवर्सल बेसिक इनकम (यूबीआई) योजना लागू करती है तो जिले के करीब 27,000 बेरोजगारों को 2500-2500 रुपये हर माह मिलेंगे। जिले में सेवायोजन कार्यालय में इतने लोगों ने ही रजिस्ट्रेशन कराया है। पंजीकरण कराने वालों में तकरीबन 18,524 पुरुष तो लगभग 8,215 महिलाएं हैं। हालांकि बाद में यह संख्या और भी बढ़ सकती है। क्योंकि सपा सरकार में लागू बेरोजगारी भत्ता बंद होने के बाद दो साल से लोग पंजीकरण कराने में रुचि नहीं ले रहे हैं। तकनीकी शिक्षा ग्रहण करने वाले बेरोजगारों ने भी अपना पंजीकरण नहीं कराया है।
रोजगार के अभाव में दर-दर भटकने वाले बेरोजगारों के दिन एक बार फिर लौटने वाले हैं। इन बेरोजगारों को घर बैठे मोदी सरकार 2500-2500 रुपये भत्ता देने की तैयारी कर रही है। जिला सेवायोजन कार्यालय में पंजीकरण कराने वाले बेरोजगारों की संख्या करीब 26,739 है। बेरोजगारों में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट उत्तीर्ण लोगों की संख्या अधिक है। इनमें से 11,131 बेरोजगारों ने हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण की है, जबकि तकरीबन 7,550 इंटरमीडिएट हैं। स्नातक बेरोजगारों की संख्या लगभग 6,955 है, तो पीजी करने वाले 551 बेरोजगार हैं। पॉलीटेक्निक, इंजीनियरिंग करने वाले बेरोजगारों ने अपना पंजीकरण ही नहीं कराया है। इसकी जो भी वजह हो, मगर विभागीय अधिकारियों का यह मानना है कि तकनीकी शिक्षा ग्रहण करने वाले लोगों को प्राय: नौकरी मिल जाती है। इसके पहले वर्ष 2012-2014 तक बेरोजगारों को एक-एक हजार रुपये भत्ते के रूप में भेजे गए थे। विभागीय आंकड़ों पर गौर किया जाए तो 26,045 लाभार्थियों को बेरोजगारी भत्ता मिला था। मगर इस वर्ष बेरोजगारी भत्ता का लाभ लेने वालों की संख्या बढ़ गई है। फिलहाल अब लोगों की नजरें मोदी सरकार की घोषणा पर टिकी हुई हैं।
इनसेट--------
मई 2015 से बंद है मैनुअल रजिस्ट्रेशन
जिले के सेवायोजन कार्यालय में पंजीकृत बेरोजगारों का मैनुअल रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया गया है। अब बेरोजगारों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होता है। कोई भी व्यक्ति घर बैठकर विभाग की वेबसाइट पर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकता है।
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इनसेट-----------
तीन साल के लिए वैध होता है रजिस्ट्रेशन
जिला सेवायोजन कार्यालय में एक बार रजिस्ट्रेशन कराने पर तीन साल तक वैध रहता है। इसके बाद अभ्यर्थी को नवीनीकरण कराना होता है। नवीनीकरण नहीं कराने पर रजिस्ट्रेशन स्वत: रद्द मान लिया जाता है।
इनसे5---------
विभाग से पहले ही मांगा जा चुका है आंकड़ा
जिला सेवायोजन कार्यालय में पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या पहले ही निदेशालय मांग चुका है। विभागीय जानकारों का मानना है कि इस दिशा में तीन माह से तैयारी में तेजी आई है। महिला और पुरुष के संख्यात्मक आंकड़े के साथ ही हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक और पीजी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की संख्या अलग-अलग मांगी जा चुकी है।
इनसेट-----------
अखबारों में खबर पढ़कर बेरोजगार पहुंचने लगे ऑफिस
शनिवार को अखबारों में बेरोजगारों को भत्ता मिलने संबंधी खबर पढ़कर युवाओं की फौज सेवायोजन कार्यालय पहुंच कर जानकारी जुटाने में लगी रही। हालांकि अधिकारियों ने इस संबंध में कोई भी जानकारी नहीं होने की बात कहकर सभी को लौटा दिया।
वर्जन------
ऑनलाइन पंजीकरण कराने वाले करीब 26,739 अभ्यथीऱ हैं, जो अभी तक विभाग में बेरोजगार के रूप में हैं। फिलहाल अभी तक शासन स्तर से इस दिशा में कोई पहल नहीं हुई है। अगर कोई रजिस्ट्रेशन कराना चाहता है तो उसे कार्यालय आने की जरूरत नहीं है। घर बैठे ऑनलाइन पंजीकरण करा सकता है।
विजय बहादुर सिंह सेंगर, जिला सेवायोजन अधिकारी।
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सेवायोजन कार्यालय में 18,524 पुरुषों और 8,215 महिलाओं ने बेरोजगार के तौर पर कराया है रजिस्ट्रेशन
केंद्र की मोदी सरकार नए साल में यूनिवर्सल बेसिक इनकम योजना लागू करने की कर ही तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। केंद्र की मोदी सरकार नए साल में यूनिवर्सल बेसिक इनकम (यूबीआई) योजना लागू करती है तो जिले के करीब 27,000 बेरोजगारों को 2500-2500 रुपये हर माह मिलेंगे। जिले में सेवायोजन कार्यालय में इतने लोगों ने ही रजिस्ट्रेशन कराया है। पंजीकरण कराने वालों में तकरीबन 18,524 पुरुष तो लगभग 8,215 महिलाएं हैं। हालांकि बाद में यह संख्या और भी बढ़ सकती है। क्योंकि सपा सरकार में लागू बेरोजगारी भत्ता बंद होने के बाद दो साल से लोग पंजीकरण कराने में रुचि नहीं ले रहे हैं। तकनीकी शिक्षा ग्रहण करने वाले बेरोजगारों ने भी अपना पंजीकरण नहीं कराया है।
रोजगार के अभाव में दर-दर भटकने वाले बेरोजगारों के दिन एक बार फिर लौटने वाले हैं। इन बेरोजगारों को घर बैठे मोदी सरकार 2500-2500 रुपये भत्ता देने की तैयारी कर रही है। जिला सेवायोजन कार्यालय में पंजीकरण कराने वाले बेरोजगारों की संख्या करीब 26,739 है। बेरोजगारों में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट उत्तीर्ण लोगों की संख्या अधिक है। इनमें से 11,131 बेरोजगारों ने हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण की है, जबकि तकरीबन 7,550 इंटरमीडिएट हैं। स्नातक बेरोजगारों की संख्या लगभग 6,955 है, तो पीजी करने वाले 551 बेरोजगार हैं। पॉलीटेक्निक, इंजीनियरिंग करने वाले बेरोजगारों ने अपना पंजीकरण ही नहीं कराया है। इसकी जो भी वजह हो, मगर विभागीय अधिकारियों का यह मानना है कि तकनीकी शिक्षा ग्रहण करने वाले लोगों को प्राय: नौकरी मिल जाती है। इसके पहले वर्ष 2012-2014 तक बेरोजगारों को एक-एक हजार रुपये भत्ते के रूप में भेजे गए थे। विभागीय आंकड़ों पर गौर किया जाए तो 26,045 लाभार्थियों को बेरोजगारी भत्ता मिला था। मगर इस वर्ष बेरोजगारी भत्ता का लाभ लेने वालों की संख्या बढ़ गई है। फिलहाल अब लोगों की नजरें मोदी सरकार की घोषणा पर टिकी हुई हैं।
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मई 2015 से बंद है मैनुअल रजिस्ट्रेशन
जिले के सेवायोजन कार्यालय में पंजीकृत बेरोजगारों का मैनुअल रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया गया है। अब बेरोजगारों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होता है। कोई भी व्यक्ति घर बैठकर विभाग की वेबसाइट पर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकता है।
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तीन साल के लिए वैध होता है रजिस्ट्रेशन
जिला सेवायोजन कार्यालय में एक बार रजिस्ट्रेशन कराने पर तीन साल तक वैध रहता है। इसके बाद अभ्यर्थी को नवीनीकरण कराना होता है। नवीनीकरण नहीं कराने पर रजिस्ट्रेशन स्वत: रद्द मान लिया जाता है।
इनसे5---------
विभाग से पहले ही मांगा जा चुका है आंकड़ा
जिला सेवायोजन कार्यालय में पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या पहले ही निदेशालय मांग चुका है। विभागीय जानकारों का मानना है कि इस दिशा में तीन माह से तैयारी में तेजी आई है। महिला और पुरुष के संख्यात्मक आंकड़े के साथ ही हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक और पीजी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की संख्या अलग-अलग मांगी जा चुकी है।
इनसेट-----------
अखबारों में खबर पढ़कर बेरोजगार पहुंचने लगे ऑफिस
शनिवार को अखबारों में बेरोजगारों को भत्ता मिलने संबंधी खबर पढ़कर युवाओं की फौज सेवायोजन कार्यालय पहुंच कर जानकारी जुटाने में लगी रही। हालांकि अधिकारियों ने इस संबंध में कोई भी जानकारी नहीं होने की बात कहकर सभी को लौटा दिया।
वर्जन------
ऑनलाइन पंजीकरण कराने वाले करीब 26,739 अभ्यथीऱ हैं, जो अभी तक विभाग में बेरोजगार के रूप में हैं। फिलहाल अभी तक शासन स्तर से इस दिशा में कोई पहल नहीं हुई है। अगर कोई रजिस्ट्रेशन कराना चाहता है तो उसे कार्यालय आने की जरूरत नहीं है। घर बैठे ऑनलाइन पंजीकरण करा सकता है।
विजय बहादुर सिंह सेंगर, जिला सेवायोजन अधिकारी।