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मीटर के बहाने उपभोक्ताओं को लूट 18-42-17
Updated Sun, 27 Aug 2017 12:53 AM IST
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प्रतापगढ़। बिजली चोरी रोकने के लिए विभाग शहर से लेकर गांव तक मीटर लगा रहा है। मगर मीटर लगाने के कार्य में नियुक्त की गईं कंपनियां दोयम दर्जे का मीटर लगाकर इससे मोटी कमाई कर रहे हैं। जंपिंग और बैंकिंग की समस्या के चलते मीटर अधिक बिल उगल रहे हैं। करीब डेढ़ सौ उपभोक्ता विद्युत विभाग के शिकायत पटल पर इसकी शिकायत दर्ज करा चुके है। अब उपभोक्ता बिल जमा करने से कतरा रहे हैं।
जिले में बिजली चोरी बड़ी समस्या है। विभाग को बिजली चोरी से हर साल लाखों का चूना लगता है। विभागीय आंकड़ों में करीब 34 से 40 प्रतिशत लाइन लास होने की बात कही जाती है। इसके लिए विभाग बंच कंडक्टर लगाने व घर-घर मीटर लगाने का अभियान चला रखा है। इसके विभाग की तरफ से प्राइवेट मीटर कंपनियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो शहर से लेकर गांव तक क्र मवार मीटर लगाने का काम कर रह रही है। करीब सालभर से मीटर लगाने का कार्य किया जा रहा है। मगर मुश्किल यह है कि कंपनियां मीटर लगाने के जरिए मोटी कमाई कर रही हैं।
धड़ल्ले से लोकल मीटर लगाए जा रहे हैं। तीन से चार महीने तक चलने के बाद मीटर में जंप एवं बैक की तकनीकी खराबी सामने आ रही है। ऐसे में उपभोक्ताओं की खपत के अनुरूप बिजली बिल नही आ रहा है, अलबत्ता इसके दोगुना, तीन गुना अधिक बिलिंग हो रही है। जिससे उपभोक्ता बिल देने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि मीटर सही कराने के साथ बिलिंग व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग कर रहे हैं। मीटर खराबी की समस्या को लेकर शिकायत पटल पर सैकड़ों उपभोक्ता शिकायत कर चुके हैं। उपभोक्ताओं ने बिलिंग अधिक होने की भी शिकायत दर्ज कराई है। उनके अनुसार मीटर खराबी के चलते मीटर रीडिंग गलत बता रहा है, जिससे दोगुना-तीन गुना बिल आ रहा है। उपभोक्ताओं ने मीटर दुरुस्त कराने की मांग की है।
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जिले में बिजली चोरी बड़ी समस्या है। विभाग को बिजली चोरी से हर साल लाखों का चूना लगता है। विभागीय आंकड़ों में करीब 34 से 40 प्रतिशत लाइन लास होने की बात कही जाती है। इसके लिए विभाग बंच कंडक्टर लगाने व घर-घर मीटर लगाने का अभियान चला रखा है। इसके विभाग की तरफ से प्राइवेट मीटर कंपनियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो शहर से लेकर गांव तक क्र मवार मीटर लगाने का काम कर रह रही है। करीब सालभर से मीटर लगाने का कार्य किया जा रहा है। मगर मुश्किल यह है कि कंपनियां मीटर लगाने के जरिए मोटी कमाई कर रही हैं।
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धड़ल्ले से लोकल मीटर लगाए जा रहे हैं। तीन से चार महीने तक चलने के बाद मीटर में जंप एवं बैक की तकनीकी खराबी सामने आ रही है। ऐसे में उपभोक्ताओं की खपत के अनुरूप बिजली बिल नही आ रहा है, अलबत्ता इसके दोगुना, तीन गुना अधिक बिलिंग हो रही है। जिससे उपभोक्ता बिल देने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि मीटर सही कराने के साथ बिलिंग व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग कर रहे हैं। मीटर खराबी की समस्या को लेकर शिकायत पटल पर सैकड़ों उपभोक्ता शिकायत कर चुके हैं। उपभोक्ताओं ने बिलिंग अधिक होने की भी शिकायत दर्ज कराई है। उनके अनुसार मीटर खराबी के चलते मीटर रीडिंग गलत बता रहा है, जिससे दोगुना-तीन गुना बिल आ रहा है। उपभोक्ताओं ने मीटर दुरुस्त कराने की मांग की है।
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