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गेट पर प्रमोद को रोकने पर बिफरे समर्थक
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कांग्रेस नेता प्रमोद को रोकने पर बिफरे समर्थक
एसपी व एएसपी के पहुंचने पर खोला नामांकन स्थल का गेट
एनआईसी गेट पर सीओ रानीगंज से हुई तकरार
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। कांग्रेस नेता व पूर्व राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी को नामांकन स्थल के प्रवेश गेट पर रोकने को लेकर हंगामा हो गया। समर्थक आपे से बाहर हो गए। उनकी सीओ रानीगंज से तीखी झड़प हुई। मामला संभालने के लिए खुद एसपी व एएसपी को आगे आना पड़ा। तब जाकर कार्यकर्ता शांत हुए।
सोमवार को कांग्रेस, भाजपा और जनसत्ता दल के प्रत्याशियों के नामांकन को लेकर पुलिस प्रशासन अलर्ट रहा। खुद एसपी एनआईसी में डटे रहे। दोपहर एक बजे के बाद कांग्रेस प्रत्याशी रत्ना सिंह नामांकन करने भीतर चली गईं। इस बीच भाजपा प्रत्याशी संगमलाल गुप्ता भी आ गए। तभी कांग्रेस के पूर्व राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी लाव लश्कर के साथ पहुंचे। एनआईसी गेट पर सीओ रानीगंज अंजनी राय व सीओ लालगंज रमेशचंद्र फोर्स के साथ मुस्तैद थे। प्रमोद तिवारी को सीओ रानीगंज ने गेट पर ही रोक लिया, जिस पर वह सीओ रानीगंज पर भड़क उठे। दूसरे गेट पर मौजूद एएसपी पूर्वी अवनीश कुमार मिश्र की नजर पड़ी तो वह भागकर पहुंचे। इस बीच एसपी एस आनंद भी पहुंच गए। गेट खुलवाकर प्रमोद को भीतर ले जाने लगे। प्रमोद ने सीओ रानीगंज के रवैए पर गहरी नाराजगी जताई। गेट पर मौजूद कांग्रेस समर्थक हंगामा करने लगे। सीओ रानीगंज अंजनी राय से युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नीरज तिवारी, दानिश माबूद समेत अन्य समर्थकों की तीखी झड़प हुई।
कोई नहीं किसी से कम, नामांकन में झोंका दम
नामांकन करने आई हर बड़ी पार्टी ने किया दमदार प्रदर्शन
एक दूसरे की भीड़ को कमजोर दिखाने की कोशिश
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। अब तक हुए नामांकन से यह साबित हो चुका है कि सियासत के कुरुक्षेत्र में उतरी पार्टियों के प्रत्याशी जोर आजमाइश की जंग में जूझ रहे हैं। नामांकन के लिए जनसभा से लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे प्रत्याशी समर्थकों की भीड़ को एक दूसरे को कमजोर दिखाने की पूरी कोशिश में रहे। सोमवार को अंबेडकर चौराहे से पुलिस लाइन गेट तक ऐसी ही स्थिति रही। चिलचिलाती धूप में नारा लगा रहे समर्थकों का लाल चेहरा देखते ही बन रहा था।
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नामांकन के पहले दिन सपा-बसपा गठबंधन प्रत्याशी अशोक त्रिपाठी जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। जब तक वह पर्चा भरकर बाहर नहीं आए तब तक समर्थक बाहर नारे लगाते रहे। सोमवार को सबसे पहले जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के प्रत्याशी अक्षय प्रताप सिंह गोपालजी ने नामांकन किया। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजाभैया की मौजूदगी में सादगी के साथ नामांकन करने पहुंचे गोपालजी के बाहर निकलते ही समर्थक नारेबाजी करते हुए केपी कॉलेज की ओर गए। वहां भीड़ जुटाकर अपनी ताकत का एहसास कराया। अंबेडकर चौराहे पर ही कांग्रेस प्रत्याशी रत्ना सिंह ने जनसभा का आयोजन किया। जिसमें पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी व प्रमोद तिवारी समेत अन्य नेता शामिल हुए। यहां कांग्रेसियों ने अपनी ताकत का एहसास कराया। उनके समर्थक भी जोरदार नारे लगाते रहे। भाजपा प्रत्याशी संगमलाल गुप्ता लाव लश्कर के साथ नामांकन करने पहुंचे। उनके साथ उत्साही समर्थकों का जुलूस देखते ही बन रहा था। चार प्रमुख दलों प्रत्याशियों के नामांकन में भी समर्थक उत्साह से लबरेज रहे। दोनों प्रत्याशियों के समर्थकों के सिर पर अपने-अपने दल की टोपियां चढ़ी रहीं और हाथ में झंडे लहराते रहे।
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कांग्रेस नेता प्रमोद को रोकने पर बिफरे समर्थक
एसपी व एएसपी के पहुंचने पर खोला नामांकन स्थल का गेट
एनआईसी गेट पर सीओ रानीगंज से हुई तकरार
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। कांग्रेस नेता व पूर्व राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी को नामांकन स्थल के प्रवेश गेट पर रोकने को लेकर हंगामा हो गया। समर्थक आपे से बाहर हो गए। उनकी सीओ रानीगंज से तीखी झड़प हुई। मामला संभालने के लिए खुद एसपी व एएसपी को आगे आना पड़ा। तब जाकर कार्यकर्ता शांत हुए।
सोमवार को कांग्रेस, भाजपा और जनसत्ता दल के प्रत्याशियों के नामांकन को लेकर पुलिस प्रशासन अलर्ट रहा। खुद एसपी एनआईसी में डटे रहे। दोपहर एक बजे के बाद कांग्रेस प्रत्याशी रत्ना सिंह नामांकन करने भीतर चली गईं। इस बीच भाजपा प्रत्याशी संगमलाल गुप्ता भी आ गए। तभी कांग्रेस के पूर्व राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी लाव लश्कर के साथ पहुंचे। एनआईसी गेट पर सीओ रानीगंज अंजनी राय व सीओ लालगंज रमेशचंद्र फोर्स के साथ मुस्तैद थे। प्रमोद तिवारी को सीओ रानीगंज ने गेट पर ही रोक लिया, जिस पर वह सीओ रानीगंज पर भड़क उठे। दूसरे गेट पर मौजूद एएसपी पूर्वी अवनीश कुमार मिश्र की नजर पड़ी तो वह भागकर पहुंचे। इस बीच एसपी एस आनंद भी पहुंच गए। गेट खुलवाकर प्रमोद को भीतर ले जाने लगे। प्रमोद ने सीओ रानीगंज के रवैए पर गहरी नाराजगी जताई। गेट पर मौजूद कांग्रेस समर्थक हंगामा करने लगे। सीओ रानीगंज अंजनी राय से युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नीरज तिवारी, दानिश माबूद समेत अन्य समर्थकों की तीखी झड़प हुई।
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कोई नहीं किसी से कम, नामांकन में झोंका दम
नामांकन करने आई हर बड़ी पार्टी ने किया दमदार प्रदर्शन
एक दूसरे की भीड़ को कमजोर दिखाने की कोशिश
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। अब तक हुए नामांकन से यह साबित हो चुका है कि सियासत के कुरुक्षेत्र में उतरी पार्टियों के प्रत्याशी जोर आजमाइश की जंग में जूझ रहे हैं। नामांकन के लिए जनसभा से लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे प्रत्याशी समर्थकों की भीड़ को एक दूसरे को कमजोर दिखाने की पूरी कोशिश में रहे। सोमवार को अंबेडकर चौराहे से पुलिस लाइन गेट तक ऐसी ही स्थिति रही। चिलचिलाती धूप में नारा लगा रहे समर्थकों का लाल चेहरा देखते ही बन रहा था।
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नामांकन के पहले दिन सपा-बसपा गठबंधन प्रत्याशी अशोक त्रिपाठी जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। जब तक वह पर्चा भरकर बाहर नहीं आए तब तक समर्थक बाहर नारे लगाते रहे। सोमवार को सबसे पहले जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के प्रत्याशी अक्षय प्रताप सिंह गोपालजी ने नामांकन किया। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजाभैया की मौजूदगी में सादगी के साथ नामांकन करने पहुंचे गोपालजी के बाहर निकलते ही समर्थक नारेबाजी करते हुए केपी कॉलेज की ओर गए। वहां भीड़ जुटाकर अपनी ताकत का एहसास कराया। अंबेडकर चौराहे पर ही कांग्रेस प्रत्याशी रत्ना सिंह ने जनसभा का आयोजन किया। जिसमें पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी व प्रमोद तिवारी समेत अन्य नेता शामिल हुए। यहां कांग्रेसियों ने अपनी ताकत का एहसास कराया। उनके समर्थक भी जोरदार नारे लगाते रहे। भाजपा प्रत्याशी संगमलाल गुप्ता लाव लश्कर के साथ नामांकन करने पहुंचे। उनके साथ उत्साही समर्थकों का जुलूस देखते ही बन रहा था। चार प्रमुख दलों प्रत्याशियों के नामांकन में भी समर्थक उत्साह से लबरेज रहे। दोनों प्रत्याशियों के समर्थकों के सिर पर अपने-अपने दल की टोपियां चढ़ी रहीं और हाथ में झंडे लहराते रहे।