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राजस्व व विकास विभाग रोकेंगे गौकशी
Updated Sat, 08 Dec 2018 07:27 PM IST
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राजस्व व विकास विभाग रोकेंगे गोकशी
लेखपाल व सेक्रेटरी के ऊपर भी रहेगी जिम्मेदारी
आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व रोजगार सेवकों से लेंगे मदद
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। बुलंदशहर की घटना के बाद शासन गोकशी को लेकर गंभीर हो गया है। जिले में 11 महीने के भीतर 10 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। जिसमें सबसे अधिक कंधई में चार हैं। अब पुलिस के साथ ही राजस्व विभाग व विकास विभाग को भी अपने इलाके के गांवों पर नजर रखनी होगी। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा, रोजगार सेवक से मदद ली जाएगी। ऐसे लोगों की कुंडली तैयार कर उसे अधिकारियों को उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि ऐसे लोगों पर पुलिस पहले से ही शिकंजा कस सके।
जिले में भी गोकशी व पशु तस्करी जगजाहिर है। कंधई, जेठवारा से लेकर मानधाता इलाके में प्रतिबंधित मवेशियों के साथ क्रूरता की घटनाएं लगातार होती रहती है। 3 दिसंबर को प्रदेश के बुलंदशहर में गोकशी की घटना के बाद हुए बवाल के दौरान इंस्पेक्टर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। एक युवक को भी मौत के घाट उतार दिया गया। इस घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। गोकशी की घटनाओं पर रोक न लग पाने पर शासन ने जिला प्रशासन को पत्र जारी किया है। जिसमें स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि किसी भी कीमत पर गोकशी न हो सके। पुलिस के साथ ही अब राजस्व व विकास विभाग की भी जिम्मेदारी तय कर दी गई है। गांवों के लेखपाल और सेक्रेटरी भी ऐसा कृत्य करने वालों पर नजर रखेंगे। पुलिस की मदद जिस तरह चौकीदार करते हैं। ठीक उसी तरह लेखपाल व सेक्रेटरी अपने गांव के रोजगार सेवक, आशा, कोटेदार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मदद ले सकते हैं। यदि इसमे लापरवाही बरती गई तो पुलिस के साथ ही संबंधित लेखपाल और सेक्रेटरी के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी अवनीश मिश्र ने बताया कि गोकशी रोकने के लिए बीट के दरोगा व सिपाहियों को अलर्ट किया गया है। गोकशी रोकने के लिए अब विकास व राजस्व विभाग की मदद मिलेगी।
इनसेट---
रामपुर कुर्मियान में होती है गोकशी की घटनाएं
जिले के कंधई थाना क्षेत्र में सबसे अधिक गोकशी की घटनाएं होती हैं। 11 माह के भीतर अब तक गौकशी की 10 घटनाएं हुईं हैं। कंधई पुलिस ने रामपुर कुर्मियान में दबिश देकर गोकशी करने वालों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा है। कई बार ग्रामीण आमने-सामने भी आ चुके हैं। कंधई में 4, जेठवारा, मानधाता, नगर कोतवाली में 2-2 मामले सामने आए हैं। जिसमें मुकदमा दर्ज करने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। नगर कोतवाली के सदर बाजार में गत दिनों मवेशी का मांस मिलने पर अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी।
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इनसेट-------
अंतू के रास्ते होती है पशु तस्करी
जिले में पशु तस्करी का खेल अब भी चल रहा है। अंतू थाना क्षेत्र के कई गांव पशु तस्करी के लिए चर्चित हैं। सूत्रों की मानें तो अंतू थाना क्षेत्र से होकर मवेशी लदे वाहन गुजरते हैं। कई बार रोकने की कोशिश में पुलिस से पशु तस्कर मुठभेड़ भी कर चुके हैं। कोहड़ौर व अंतू पुलिस पर हमला कर पशु तस्कर भागने में कामयाब हुए हैं।
इनसेट------
अवारा पशुओं को बना रहे शिकार
शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों में आवारा पशुओं से हर कोई परेशान है। ऐसे में पशु तस्कर आवारा पशुओं को अपना शिकार बना रहे हैं। सूत्रों की मानें तो दूसरे इलाके में दिन भर आवारा पशुओं को पकड़ने के बाद सुनसान स्थान पर पेड़ से बांध देते हैं। रात होने पर उन पशुओं को वाहनों से लादकर बाहर भेज दिया जाता है या फिर उन्हें काटा जाता है।
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लेखपाल व सेक्रेटरी के ऊपर भी रहेगी जिम्मेदारी
आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व रोजगार सेवकों से लेंगे मदद
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। बुलंदशहर की घटना के बाद शासन गोकशी को लेकर गंभीर हो गया है। जिले में 11 महीने के भीतर 10 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। जिसमें सबसे अधिक कंधई में चार हैं। अब पुलिस के साथ ही राजस्व विभाग व विकास विभाग को भी अपने इलाके के गांवों पर नजर रखनी होगी। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा, रोजगार सेवक से मदद ली जाएगी। ऐसे लोगों की कुंडली तैयार कर उसे अधिकारियों को उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि ऐसे लोगों पर पुलिस पहले से ही शिकंजा कस सके।
जिले में भी गोकशी व पशु तस्करी जगजाहिर है। कंधई, जेठवारा से लेकर मानधाता इलाके में प्रतिबंधित मवेशियों के साथ क्रूरता की घटनाएं लगातार होती रहती है। 3 दिसंबर को प्रदेश के बुलंदशहर में गोकशी की घटना के बाद हुए बवाल के दौरान इंस्पेक्टर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। एक युवक को भी मौत के घाट उतार दिया गया। इस घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। गोकशी की घटनाओं पर रोक न लग पाने पर शासन ने जिला प्रशासन को पत्र जारी किया है। जिसमें स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि किसी भी कीमत पर गोकशी न हो सके। पुलिस के साथ ही अब राजस्व व विकास विभाग की भी जिम्मेदारी तय कर दी गई है। गांवों के लेखपाल और सेक्रेटरी भी ऐसा कृत्य करने वालों पर नजर रखेंगे। पुलिस की मदद जिस तरह चौकीदार करते हैं। ठीक उसी तरह लेखपाल व सेक्रेटरी अपने गांव के रोजगार सेवक, आशा, कोटेदार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मदद ले सकते हैं। यदि इसमे लापरवाही बरती गई तो पुलिस के साथ ही संबंधित लेखपाल और सेक्रेटरी के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी अवनीश मिश्र ने बताया कि गोकशी रोकने के लिए बीट के दरोगा व सिपाहियों को अलर्ट किया गया है। गोकशी रोकने के लिए अब विकास व राजस्व विभाग की मदद मिलेगी।
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रामपुर कुर्मियान में होती है गोकशी की घटनाएं
जिले के कंधई थाना क्षेत्र में सबसे अधिक गोकशी की घटनाएं होती हैं। 11 माह के भीतर अब तक गौकशी की 10 घटनाएं हुईं हैं। कंधई पुलिस ने रामपुर कुर्मियान में दबिश देकर गोकशी करने वालों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा है। कई बार ग्रामीण आमने-सामने भी आ चुके हैं। कंधई में 4, जेठवारा, मानधाता, नगर कोतवाली में 2-2 मामले सामने आए हैं। जिसमें मुकदमा दर्ज करने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। नगर कोतवाली के सदर बाजार में गत दिनों मवेशी का मांस मिलने पर अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी।
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अंतू के रास्ते होती है पशु तस्करी
जिले में पशु तस्करी का खेल अब भी चल रहा है। अंतू थाना क्षेत्र के कई गांव पशु तस्करी के लिए चर्चित हैं। सूत्रों की मानें तो अंतू थाना क्षेत्र से होकर मवेशी लदे वाहन गुजरते हैं। कई बार रोकने की कोशिश में पुलिस से पशु तस्कर मुठभेड़ भी कर चुके हैं। कोहड़ौर व अंतू पुलिस पर हमला कर पशु तस्कर भागने में कामयाब हुए हैं।
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अवारा पशुओं को बना रहे शिकार
शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों में आवारा पशुओं से हर कोई परेशान है। ऐसे में पशु तस्कर आवारा पशुओं को अपना शिकार बना रहे हैं। सूत्रों की मानें तो दूसरे इलाके में दिन भर आवारा पशुओं को पकड़ने के बाद सुनसान स्थान पर पेड़ से बांध देते हैं। रात होने पर उन पशुओं को वाहनों से लादकर बाहर भेज दिया जाता है या फिर उन्हें काटा जाता है।