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रमजान का दूसरा अशरा खत्म, तीसरा कल से शुरू

Sun, 26 May 2019 11:07 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 26 May 2019 11:07 PM IST
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रमजान का दूसरा अशरा खत्म, तीसरा कल से शुरू
27 मई 2019
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मुकद्दस रमजान
इक्कीसवां रोजा इफ्तार
सुन्नी 6.50
शिया 6.55
बाइसवां रोजा सहरी
सुन्नी 3.31
शिया 3.26

रमजान का दूसरा अशरा खत्म, तीसरा कल से शुरू
ईद का चांद दिखने तक एतेकाफ में बैठेंगे रोजेदार
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। पाक रमजान माह का दूसरा अशरा रविवार को मगरिब नमाज के बाद समाप्त हो गया। इसके बाद से ही मुकद्दस रमजान का तीसरा अशरा प्रारंभ हो गया। इस अशरे में खुदा की इबादत से गुनाहों से मगफिरत तो मिलेगी ही इसके अलावा जहन्नुम की आग से भी नेक बंदों को पनाह मिल सकेगी। दस दिनों के लिए रोजेदार मस्जिदों में एतेकाफ पर बैठेंगे।
चिलचिलाती गर्मी में पाक रमजान माह में नेकियों के लिए बंदे अल्लाह की रजा हासिल करने के लिए बारगाह में सजदा करने के साथ ही कुरान पाक की तिलावत का सिलसिला तेज कर दिया है। देखते-देखते दूसरा अशरा रविवार को समाप्त हो गया और तीसरे अशरे की शुरुआत हो गई। रमजान माह में बचे हुए दिनों में खुदा की रजा के लिए खूब इबादत करें, ताकि खुदा आपकी दुआ कबूल कर लें।
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चांद तारा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना इश्तियाक ने एतेकाफ की फजीलत बयां की। कहा, माहे रमजान में उन मसजिदों में लोगों को एतेकाफ पर बैठना लाजिमी होता है, जहां जमात के साथ पांचों वक्त की नमाज अदा की जाती हो। एतेकाफ पर बैठने वाले लोगों और दोजख के दरमियान महज तीन खंदक दूरी रहती है। यह सिलसिला चांद दिखने तक जारी रहता है। यदि किसी मसजिद में लोग एतेकाफ पर नहीं बैठते तो वहां की बस्ती से खुदा अपनी रहमत उठा लेता है। ऐसी हालात में कोशिश होनी चाहिए कि कम से कम एक व्यक्ति मसजिद में एतेकाफ पर बैठे। ताकि अल्लाह अपने बंदों से खुश होकर रमजान माह में रोजा रखने वालों को तमाम इनाम दे सके। मौलाना ताजदार अहमद ने बताया कि एतेकाफ पर बैठने वाले व्यक्ति को दूसरों से कम बातचीत करनी चाहिए। केवल खुदा की बारगाह में सजदा के साथ हमेशा इबादत और कुरान-ए-पाक की तिलावत में मशगूल रहना चाहिए। जनपद की तमाम मसजिदों में बीसवें रमजान के इफ्तार के बाद एतेकाफ पर बैठने वाले लोग दिनचर्या के सामान के साथ पहुंच गए।
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