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कैबिनेट मंत्री के क्षेत्र में हार गई भाजपा
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कैबिनेट मंत्री के क्षेत्र में हार गई भाजपा
पट्टी विधानसभा में भाजपा प्रत्याशी से 3739 मत ज्यादा मिले सपा-गठबंधन के उम्मीदवार को
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। प्रतापगढ़ लोकसभा सीट के तहत आने वाले योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह के विधानसभा क्षेत्र पट्टी में भाजपा प्रत्याशी संगमलाल गुप्ता को सपा-बसपा गठबंधन के प्रत्याशी अशोक त्रिपाठी के हाथों हार का सामना करना पड़ा। यहां गठबंधन के प्रत्याशी अशोक त्रिपाठी को भाजपा प्रत्याशी से 3739 मत ज्यादा मिले। पट्टी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी संगमलाल गुप्ता को 82416 वोट मिले, जबकि गठबंधन के उम्मीदवार अशोक त्रिपाठी ने यहां 86155 मत हासिल किए। मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी को कम वोट मिलने पर सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
पट्टी से विधायक और उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह की जिले की सियासत खासी दखल है। लोकसभा चुनाव के लिए प्रतापगढ़ से भाजपा के उम्मीदवारों को लेकर उनके भी नाम की चर्चा चल रही थी, लेकिन बाद में संगमलाल गुप्ता को उम्मीवार घोषित कर दिया गया। पार्टी के निर्देशों के बाद काबीना मंत्री मोती सिंह भी संगमलाल के प्रचार में पूरी तरह डटे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, गृहमंत्री राजनाथ सिंह की सभाओं के साथ उन्होंने संगमलाल गुप्ता के समर्थन में पट्टी इलाके में भी कई सभाएं और बैठकें की थीं। संगमलाल को जीत दिलाने के लिए वह जोर-शोर से लगे थे, लेकिन इसके बाद भी उनके इलाके में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। भाजपा प्रत्याशी से ज्यादा वोट गठबंधन के उम्मीदवार को मिल गए।
2014 के लोकसभा चुनाव में पट्टी में भाजपा और अपना दल के संयुक्त प्रत्याशी हरिवंश सिंह को 84392 वोट मिले थे। बसपा प्रत्याशी को 47896 और सपा के उम्मीदवार को 35680 वोट मिले थे। यदि सपा-बसपा को मिलाकर देखा जाए तो 83576 वोट दोनों पार्टियों को मिले थे। इसके बाद भी भाजपा-अद प्रत्याशी 84392 मत पाकर आगे थे। 2019 के लोकसभा चुनाव में सारे प्रयासों के बाद भी भारतीय जनता पार्टी यहां गठबंधन से पिछड़ गई। 2017 के विधानसभा चुनाव में भी सपा और भाजपा में कांटे का मुकाबला हुआ था। भाजपा के प्रत्याशी राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह मामूली वोटों के अंतर से जीत हासिल कर सके थे। सपा प्रत्याशी राम सिंह पटेल को यहां से 73538 वोट मिले थे, जबकि मोती सिंह को 75011 वोट मिले थे।
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कैबिनेट मंत्री के क्षेत्र में हार गई भाजपा
पट्टी विधानसभा में भाजपा प्रत्याशी से 3739 मत ज्यादा मिले सपा-गठबंधन के उम्मीदवार को
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। प्रतापगढ़ लोकसभा सीट के तहत आने वाले योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह के विधानसभा क्षेत्र पट्टी में भाजपा प्रत्याशी संगमलाल गुप्ता को सपा-बसपा गठबंधन के प्रत्याशी अशोक त्रिपाठी के हाथों हार का सामना करना पड़ा। यहां गठबंधन के प्रत्याशी अशोक त्रिपाठी को भाजपा प्रत्याशी से 3739 मत ज्यादा मिले। पट्टी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी संगमलाल गुप्ता को 82416 वोट मिले, जबकि गठबंधन के उम्मीदवार अशोक त्रिपाठी ने यहां 86155 मत हासिल किए। मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी को कम वोट मिलने पर सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
पट्टी से विधायक और उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह की जिले की सियासत खासी दखल है। लोकसभा चुनाव के लिए प्रतापगढ़ से भाजपा के उम्मीदवारों को लेकर उनके भी नाम की चर्चा चल रही थी, लेकिन बाद में संगमलाल गुप्ता को उम्मीवार घोषित कर दिया गया। पार्टी के निर्देशों के बाद काबीना मंत्री मोती सिंह भी संगमलाल के प्रचार में पूरी तरह डटे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, गृहमंत्री राजनाथ सिंह की सभाओं के साथ उन्होंने संगमलाल गुप्ता के समर्थन में पट्टी इलाके में भी कई सभाएं और बैठकें की थीं। संगमलाल को जीत दिलाने के लिए वह जोर-शोर से लगे थे, लेकिन इसके बाद भी उनके इलाके में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। भाजपा प्रत्याशी से ज्यादा वोट गठबंधन के उम्मीदवार को मिल गए।
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2014 के लोकसभा चुनाव में पट्टी में भाजपा और अपना दल के संयुक्त प्रत्याशी हरिवंश सिंह को 84392 वोट मिले थे। बसपा प्रत्याशी को 47896 और सपा के उम्मीदवार को 35680 वोट मिले थे। यदि सपा-बसपा को मिलाकर देखा जाए तो 83576 वोट दोनों पार्टियों को मिले थे। इसके बाद भी भाजपा-अद प्रत्याशी 84392 मत पाकर आगे थे। 2019 के लोकसभा चुनाव में सारे प्रयासों के बाद भी भारतीय जनता पार्टी यहां गठबंधन से पिछड़ गई। 2017 के विधानसभा चुनाव में भी सपा और भाजपा में कांटे का मुकाबला हुआ था। भाजपा के प्रत्याशी राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह मामूली वोटों के अंतर से जीत हासिल कर सके थे। सपा प्रत्याशी राम सिंह पटेल को यहां से 73538 वोट मिले थे, जबकि मोती सिंह को 75011 वोट मिले थे।
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