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सीजन में पहली बार फिजाओं में कोहरे ने तानी चादर
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फोटो 00
सीजन में पहली बार कोहरे ने तानी चादर
दो दशक पहले दिखा था फरवरी में ऐसा नजारा, सुबह 11 बजे तक रही धुंध
अचानक कोहरा पड़ने से लुढ़का तापमान, ठंड से कांपे लोग, सड़क पर रेंगते दिखे वाहन
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। जाड़े के मौसम में दिसंबर और जनवरी बीत जाने के बाद फरवरी के पहले सप्ताह में पहली बार कोहरे ने फिजाओं में चादर तानी। रविवार सुबह लोग सोकर उठे तो चारों तरफ घना कोहरा और धुंध छाई हुई थी। मौसम विभाग का मानना है कि दो दशक बाद ऐसा हुआ है। कोहरा इस कदर घना था कि दस मीटर तक भी नहीं दिखाई पड़ रहा था। सुबह 11 बजे के बाद धूप हुई। कोहरे और धुंध के कारण अचानक फिर से ठंड बढ़ गई।
आमतौर पर ठंडी की शुरुआत दिसंबर माह में कोहरे व धुंध के साथ होती है। बर्फीली हवाओं के बीच शीतलहर लोगों को कंपाना शुरू कर देती है। लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। मगर इस सीजन में ऐसा देखने को नहीं मिला। जनवरी माह तक तल्ख धूप से तापमान चढ़ा रहा। दिन में खिली धूप का असर दिखा। इससे दिन में ठंड का पता नहीं चल सका। हालांकि रात में ठंड का प्रभाव रहता। बीच-बीच में बारिश व बादलों की उमड़-घुमड़ भी देखने को मिली। मगर कोहरा, धुंध व शीतलहर का असर नहीं था। शनिवार को देर रात मौसम का मिजाज बदलना शुरू हो गया। आसमान में बादलों की आहट रही। हवाओं का मिलाजुला असर रहा। इससे ठंड भी बढने लगी। रविवार तडक़े लोगों की आंख खुली तो दरवाजे तक चढ़े कोहरे को देख लोग भौचक रह गए। ठंडी के सीजन में पहली बार कोहरा देखने को मिला। मौसम विभाग के सुरेंद्र प्रजापति ने बताया कि दो दशक पूर्व ठंड का ऐसा मौसम दिखा था। फरवरी माह के अंतिम चरण में कोहरे की शुरुआत हुई थी। हालांकि महज एक या दो दिन बाद मौसम फिर से साफ हो गया था। रविवार को सुबह कोहरे के चलते ठंड तेज थी। घर से बाहर निकलने पर कुछ भी दिखाई नहीं पड़ रहा था। शहर के चिलबिला बाजार से लेकर भुपियामऊ तक कोहरे के चलते वाहन रेंगते रहे। सुबह 11 बजे त लाइट के सहारे कछुए की गति से वाहन सड़क से होकर गुजरते रहे। चौराहों, बसअड्डों व रेलवे स्टेशन पर अलाव धधकते रहे। सुबह 11 बजे के बाद कोहरा छंटा, धूप खिली तो लोगों को ठंड से राहत मिली। दोपहर एक बजे के बाद बाजारों में चहल-पहल शुरू हुई। हलांाकि सूर्य ढलते ही फिर से ठंड का कहर शुरू हो गया। मौसम विभाग के वैज्ञानिक सुरेंद्र प्रजापति ने बताया कि हप्तेभर से ओस की बूंदें गिर रही थीं। इससे मौसम नम हुआ और कोहरे का प्रभाव शुरू हो गया। हालांकि इसका असर अधिक नहीं रहेगा।
इनसेट
पार्कों में रहा सन्नाटा, रजाई में दुबके रहे लोग
रविवार को कोहरे की चादर तनने से शहर के पार्कों में सन्नाटा रहा। सुबह मार्निंग वाक करने वालों की भीड़ कम रही। सडक़ोिं पर भी लोग कम दिखे। घरों में अलाव व रजाई के सहारे लोग बिस्तर में लोग दुबके रहे।
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इनसेट
तापमान में आई गिरावट, शीतलहर का असर
कोहरे व धुंध के बीच सुबह शीतलहर का प्रभाव भी रहा। ठंड का असर बना रहा। इससे तापमान में गिरावट आई है। अधिकतम तापमान 24 से डिग्री से लुढक कर 21.0 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है। हालांकि न्यूनतम तापमान में 1 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। 8.0 से बढक़र 9.0 रिकार्ड किया गया।
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सीजन में पहली बार कोहरे ने तानी चादर
दो दशक पहले दिखा था फरवरी में ऐसा नजारा, सुबह 11 बजे तक रही धुंध
अचानक कोहरा पड़ने से लुढ़का तापमान, ठंड से कांपे लोग, सड़क पर रेंगते दिखे वाहन
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। जाड़े के मौसम में दिसंबर और जनवरी बीत जाने के बाद फरवरी के पहले सप्ताह में पहली बार कोहरे ने फिजाओं में चादर तानी। रविवार सुबह लोग सोकर उठे तो चारों तरफ घना कोहरा और धुंध छाई हुई थी। मौसम विभाग का मानना है कि दो दशक बाद ऐसा हुआ है। कोहरा इस कदर घना था कि दस मीटर तक भी नहीं दिखाई पड़ रहा था। सुबह 11 बजे के बाद धूप हुई। कोहरे और धुंध के कारण अचानक फिर से ठंड बढ़ गई।
आमतौर पर ठंडी की शुरुआत दिसंबर माह में कोहरे व धुंध के साथ होती है। बर्फीली हवाओं के बीच शीतलहर लोगों को कंपाना शुरू कर देती है। लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। मगर इस सीजन में ऐसा देखने को नहीं मिला। जनवरी माह तक तल्ख धूप से तापमान चढ़ा रहा। दिन में खिली धूप का असर दिखा। इससे दिन में ठंड का पता नहीं चल सका। हालांकि रात में ठंड का प्रभाव रहता। बीच-बीच में बारिश व बादलों की उमड़-घुमड़ भी देखने को मिली। मगर कोहरा, धुंध व शीतलहर का असर नहीं था। शनिवार को देर रात मौसम का मिजाज बदलना शुरू हो गया। आसमान में बादलों की आहट रही। हवाओं का मिलाजुला असर रहा। इससे ठंड भी बढने लगी। रविवार तडक़े लोगों की आंख खुली तो दरवाजे तक चढ़े कोहरे को देख लोग भौचक रह गए। ठंडी के सीजन में पहली बार कोहरा देखने को मिला। मौसम विभाग के सुरेंद्र प्रजापति ने बताया कि दो दशक पूर्व ठंड का ऐसा मौसम दिखा था। फरवरी माह के अंतिम चरण में कोहरे की शुरुआत हुई थी। हालांकि महज एक या दो दिन बाद मौसम फिर से साफ हो गया था। रविवार को सुबह कोहरे के चलते ठंड तेज थी। घर से बाहर निकलने पर कुछ भी दिखाई नहीं पड़ रहा था। शहर के चिलबिला बाजार से लेकर भुपियामऊ तक कोहरे के चलते वाहन रेंगते रहे। सुबह 11 बजे त लाइट के सहारे कछुए की गति से वाहन सड़क से होकर गुजरते रहे। चौराहों, बसअड्डों व रेलवे स्टेशन पर अलाव धधकते रहे। सुबह 11 बजे के बाद कोहरा छंटा, धूप खिली तो लोगों को ठंड से राहत मिली। दोपहर एक बजे के बाद बाजारों में चहल-पहल शुरू हुई। हलांाकि सूर्य ढलते ही फिर से ठंड का कहर शुरू हो गया। मौसम विभाग के वैज्ञानिक सुरेंद्र प्रजापति ने बताया कि हप्तेभर से ओस की बूंदें गिर रही थीं। इससे मौसम नम हुआ और कोहरे का प्रभाव शुरू हो गया। हालांकि इसका असर अधिक नहीं रहेगा।
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पार्कों में रहा सन्नाटा, रजाई में दुबके रहे लोग
रविवार को कोहरे की चादर तनने से शहर के पार्कों में सन्नाटा रहा। सुबह मार्निंग वाक करने वालों की भीड़ कम रही। सडक़ोिं पर भी लोग कम दिखे। घरों में अलाव व रजाई के सहारे लोग बिस्तर में लोग दुबके रहे।
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तापमान में आई गिरावट, शीतलहर का असर
कोहरे व धुंध के बीच सुबह शीतलहर का प्रभाव भी रहा। ठंड का असर बना रहा। इससे तापमान में गिरावट आई है। अधिकतम तापमान 24 से डिग्री से लुढक कर 21.0 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है। हालांकि न्यूनतम तापमान में 1 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। 8.0 से बढक़र 9.0 रिकार्ड किया गया।