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सात माह की लड़ाई के बाद बहाल हुई शुकुलपुर की प्रधानी
Updated Sun, 27 Aug 2017 12:53 AM IST
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सात मगड़वारा (ब्यूरो)। संडवा चंद्रिका विकास खंड के शुकुलपुर में सात माह की लड़ाई के बाद डीएम ने प्रधानी बहाल कर दी है। हाईकोर्ट के आदेश आने के बाद डीएम ने तीन सदस्यीय कमेटी के गठन के आदेश को निरस्त करते हुए आशिया बेगम को प्रधान पद के दायित्वों का निर्वहन करने को कहा है।
क्षेत्र के शुकुलपुर ग्राम पंचायत की आशिया बेगम कुरैशी (पिछड़ी जाति) का प्रमाणपत्र बनवाकर प्रधान पद पर निर्वाचित हुई थीं। प्रधानी का पद पिछड़ी जाति के लिए ही आरक्षित था। गांव के ही मो. हमजा पुत्र युनुस की शिकायत पर मामले की जांच की गई, तो पता चला कि आशिया बेगम सामान्य जाति की हैं। राजस्व विभाग की जांच में सामान्य जाति का होने पर तहसीलदार ने कुरैशी जाति का प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया। जाति प्रमाणपत्र निरस्त होते ही मामला हाईकोर्ट पहुंच गया, हाईकोर्ट के आदेश पर मंडलीय समिति ने प्रधान के खाते पर रोक लगाकर तीन सदस्यीय कमेटी गठन की कार्रवाई प्रारंभ कर दी। इसके बाद प्रधान ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और कोर्ट ने राहत प्रदान कर दी। डीएम ने प्रधान के अधिकार को बहाल करते हुए प्रधान पद के दायित्वों का निर्वहन करने को कहा है।
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क्षेत्र के शुकुलपुर ग्राम पंचायत की आशिया बेगम कुरैशी (पिछड़ी जाति) का प्रमाणपत्र बनवाकर प्रधान पद पर निर्वाचित हुई थीं। प्रधानी का पद पिछड़ी जाति के लिए ही आरक्षित था। गांव के ही मो. हमजा पुत्र युनुस की शिकायत पर मामले की जांच की गई, तो पता चला कि आशिया बेगम सामान्य जाति की हैं। राजस्व विभाग की जांच में सामान्य जाति का होने पर तहसीलदार ने कुरैशी जाति का प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया। जाति प्रमाणपत्र निरस्त होते ही मामला हाईकोर्ट पहुंच गया, हाईकोर्ट के आदेश पर मंडलीय समिति ने प्रधान के खाते पर रोक लगाकर तीन सदस्यीय कमेटी गठन की कार्रवाई प्रारंभ कर दी। इसके बाद प्रधान ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और कोर्ट ने राहत प्रदान कर दी। डीएम ने प्रधान के अधिकार को बहाल करते हुए प्रधान पद के दायित्वों का निर्वहन करने को कहा है।
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