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पुरानी पेंशन के लिए शिक्षक-कर्मचारी लामबंद, तीन दिन करेंगे तालाबंदी
Updated Tue, 23 Oct 2018 11:08 PM IST
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बुधवार को शहर में निकालेंगे जन-जागरण बाइक रैली, 25 अक्तूबर से कार्य बहिष्कार
पुरानी पेंशन के लिए शिक्षक-कर्मचारी लामबंद, तीन दिन करेंगे तालाबंदी
बुधवार को शहर में निकालेंगे जन-जागरण बाइक रैली, 25 अक्तूबर से कार्य बहिष्कार
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। पुरानी पेंशन की मांग को लेकर शिक्षक और कर्मचारी लामबंद हो गए हैं। जिला प्रशासन के दबाव के आगे कर्मचारी नेता झुकने को तैयार नहीं हैं। बुधवार को शहर में जन-जागरण बाइक रैली निकालकर सभी को एकजुट किया जाएगा। जबकि 25 अक्तूबर से तीन दिनों तक कार्यालयों में तालाबंदी करके कार्य बहिष्कार करने का फैसला लिया है।
पुरानी पेंशन के बहाली की मांग को लेकर जिले के 52 संगठनों ने एकजुटता दिखाते हुए आंदोलन करने का फैसला लिया है। कर्मचारी-शिक्षक, अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच के संयोजक राजेश मोहन मिश्र ने कहा है कि कर्मचारी अपनी मांगों से पीछे हटने वाले नहीं हैं। पुरानी पेंशन कर्मचारियों का हक है और उसे लेकर ही रहेंगे। उन्होंने बताया कि 24 अक्तूबर को शहर में जन-जागरण बाइक रैली निकालकर साथियों का उत्साहवर्धन किया जाएगा। 25 अक्तूबर को कार्यालय बंद करके जुलूस निकाला जाएगा। 26 अक्तूबर को विकास भवन में सभी विभागों के कर्मचारियों का जमावड़ा होगा। 27 अक्तूबर को डीएम कार्यालय के बाहर कर्मचारियों का प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपा जाएगा। कर्मचारियों के इस आंदोलन में सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ भी आ गया है। जिलाध्यक्ष मनोकानिका उपाध्याय ने बताया कि वह जब सेवा में थे, तो उस समय भी पुरानी पेंशन की बहाली के लिए लड़ रहे थे और आज सेवानिवृत्त होने के बाद भी आंदोलन जारी है।
नई पेंशन कर्मचारियों के साथ धोखा
बोले कर्मचारी नेता, कर्मचारियों की कटौती से सरकार कर रही व्यवसाय
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। पुरानी पेंशन की मांग को लेकर संघर्ष करने वाले कर्मचारी नेताओं ने नई पेंशन को साथियों के साथ धोखा बताया है। कर्मचारियों नेताओं का कहना है कि कर्मचारियों के वेतन से कटौती करके सरकार व्यवसाय कर रही है। इससे कर्मचारियों का बहुत अहित हो रहा है।
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फोटो
आंदोलन करना मजबूरी
0 नई पेंशन योजना लागू करके कर्मचारियों और शिक्षकों को ठगा जा रहा है। व्यवस्था यह थी कि शिक्षकों के वेतन से दस प्रतिशत की कटौती होगी और इतनी ही धनराशि सरकार देगी। मगर पिछले वर्षों में ऐसा हुआ है कर्मचारियों के वेतन से कटौती हो गई, मगर सरकार ने कटौती के लिए बजट ही नहीं दिया। नई पेंशन योजना पूरी तरह शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए धोखा है। इसलिए आंदोलन करना मजबूरी है। पूरे जिले के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में पठन-पाठन नहीं होगा, बल्कि शिक्षक बीआरसी पर मौजूद रहकर प्रदर्शन करेंगे।
रमाशंकर शुक्ल, अध्यक्ष, कर्मचारी-शिक्षक अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच, एवं अध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक संघ।
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सरकार को दिखाएंगे अपनी ताकत
नई पेंशन योजना कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए लालीपॉप है। सरकार चाहे जितना दबाव बनाए, हम डरने वाले नहीं हैं। तीन दिवसीय प्रदर्शन में सरकार को अपनी ताकत का एहसास कराएंगे। पुरानी पेंशन योजना हमारा हक है और इसे हम लेकर ही रहेंगे। जिले के सभी स्कूलों में तीन दिन तक ताला लटकता रहेगा। शिक्षक स्कूल में मौजूद होने के बजाए बीआरसी पर रहेंगे।
विनय सिंह, कर्मचारी-शिक्षक अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच एवं जिला मंत्री प्राथमिक शिक्षक संघ।
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पुरानी पेंशन हमारा हक, लेकर ही रहेंगे
पुरानी पेंशन कर्मचारियों का हक है और इसे हम लेकर ही रहेंगे। सरकार हमारी आवाज दबाने का प्रयास कर रही है, जो संभव नहीं है। जब तक सरकार हमारी मांगें नहीं पूरा करती है, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। एक अप्रैल 2005 के बाद तैनात कर्मचारी उसी तरह कार्य कर रहे हैं, जैसे हम लोग कर रहे हैं।
राजेश मोहन मिश्र, संयोजक, कर्मचारी-शिक्षक अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच, एवं अध्यक्ष राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद।
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कर्मचारियों के रुपये से सरकार कर रही व्यवसाय
नई पेंशन योजना में कर्मचारियों के वेतन से होने वाली कटौती से सरकार व्यवसाय कर रही है। एलआईसी को 32 प्रतिशत, एसबीआई को 33.50 प्रतिशत और यूटीआई को 34 प्रतिशत फंड निवेश किया जा रहा है। नई पेंशन योजना कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। इसे हम कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। सरकार के दबाव में आं दोलन समाप्त नहीं होगा।
रमाशंकर तिवारी, सह संयोजक, कर्मचारी-शिक्षक अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच एवं जिला मंत्री, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद।
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पुरानी पेंशन मिलने तक चलेगा आंदोलन
एक अप्रैल 2005 के बाद तैनाती पाने वाले कर्मचारियों और शिक्षकों को पुरानी पेंशन से बाहर किया गया है। नई पेंशन का विरोध और पुरानी पेंशन की मांग को लेकर हम लोग पहले भी आंदोलन कर रहे थे, आज भी आंदोलन कर रहे हैं। जब तक पुरानी का लाभ नहीं मिलता है, तब तक आंदोलन चलता रहेगा।
मनोकानिका उपाध्याय, संरक्षक, कर्मचारी-शिक्षक अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच।
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पुरानी पेंशन के लिए शिक्षक-कर्मचारी लामबंद, तीन दिन करेंगे तालाबंदी
बुधवार को शहर में निकालेंगे जन-जागरण बाइक रैली, 25 अक्तूबर से कार्य बहिष्कार
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। पुरानी पेंशन की मांग को लेकर शिक्षक और कर्मचारी लामबंद हो गए हैं। जिला प्रशासन के दबाव के आगे कर्मचारी नेता झुकने को तैयार नहीं हैं। बुधवार को शहर में जन-जागरण बाइक रैली निकालकर सभी को एकजुट किया जाएगा। जबकि 25 अक्तूबर से तीन दिनों तक कार्यालयों में तालाबंदी करके कार्य बहिष्कार करने का फैसला लिया है।
पुरानी पेंशन के बहाली की मांग को लेकर जिले के 52 संगठनों ने एकजुटता दिखाते हुए आंदोलन करने का फैसला लिया है। कर्मचारी-शिक्षक, अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच के संयोजक राजेश मोहन मिश्र ने कहा है कि कर्मचारी अपनी मांगों से पीछे हटने वाले नहीं हैं। पुरानी पेंशन कर्मचारियों का हक है और उसे लेकर ही रहेंगे। उन्होंने बताया कि 24 अक्तूबर को शहर में जन-जागरण बाइक रैली निकालकर साथियों का उत्साहवर्धन किया जाएगा। 25 अक्तूबर को कार्यालय बंद करके जुलूस निकाला जाएगा। 26 अक्तूबर को विकास भवन में सभी विभागों के कर्मचारियों का जमावड़ा होगा। 27 अक्तूबर को डीएम कार्यालय के बाहर कर्मचारियों का प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपा जाएगा। कर्मचारियों के इस आंदोलन में सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ भी आ गया है। जिलाध्यक्ष मनोकानिका उपाध्याय ने बताया कि वह जब सेवा में थे, तो उस समय भी पुरानी पेंशन की बहाली के लिए लड़ रहे थे और आज सेवानिवृत्त होने के बाद भी आंदोलन जारी है।
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नई पेंशन कर्मचारियों के साथ धोखा
बोले कर्मचारी नेता, कर्मचारियों की कटौती से सरकार कर रही व्यवसाय
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। पुरानी पेंशन की मांग को लेकर संघर्ष करने वाले कर्मचारी नेताओं ने नई पेंशन को साथियों के साथ धोखा बताया है। कर्मचारियों नेताओं का कहना है कि कर्मचारियों के वेतन से कटौती करके सरकार व्यवसाय कर रही है। इससे कर्मचारियों का बहुत अहित हो रहा है।
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आंदोलन करना मजबूरी
0 नई पेंशन योजना लागू करके कर्मचारियों और शिक्षकों को ठगा जा रहा है। व्यवस्था यह थी कि शिक्षकों के वेतन से दस प्रतिशत की कटौती होगी और इतनी ही धनराशि सरकार देगी। मगर पिछले वर्षों में ऐसा हुआ है कर्मचारियों के वेतन से कटौती हो गई, मगर सरकार ने कटौती के लिए बजट ही नहीं दिया। नई पेंशन योजना पूरी तरह शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए धोखा है। इसलिए आंदोलन करना मजबूरी है। पूरे जिले के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में पठन-पाठन नहीं होगा, बल्कि शिक्षक बीआरसी पर मौजूद रहकर प्रदर्शन करेंगे।
रमाशंकर शुक्ल, अध्यक्ष, कर्मचारी-शिक्षक अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच, एवं अध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक संघ।
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सरकार को दिखाएंगे अपनी ताकत
नई पेंशन योजना कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए लालीपॉप है। सरकार चाहे जितना दबाव बनाए, हम डरने वाले नहीं हैं। तीन दिवसीय प्रदर्शन में सरकार को अपनी ताकत का एहसास कराएंगे। पुरानी पेंशन योजना हमारा हक है और इसे हम लेकर ही रहेंगे। जिले के सभी स्कूलों में तीन दिन तक ताला लटकता रहेगा। शिक्षक स्कूल में मौजूद होने के बजाए बीआरसी पर रहेंगे।
विनय सिंह, कर्मचारी-शिक्षक अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच एवं जिला मंत्री प्राथमिक शिक्षक संघ।
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पुरानी पेंशन हमारा हक, लेकर ही रहेंगे
पुरानी पेंशन कर्मचारियों का हक है और इसे हम लेकर ही रहेंगे। सरकार हमारी आवाज दबाने का प्रयास कर रही है, जो संभव नहीं है। जब तक सरकार हमारी मांगें नहीं पूरा करती है, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। एक अप्रैल 2005 के बाद तैनात कर्मचारी उसी तरह कार्य कर रहे हैं, जैसे हम लोग कर रहे हैं।
राजेश मोहन मिश्र, संयोजक, कर्मचारी-शिक्षक अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच, एवं अध्यक्ष राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद।
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कर्मचारियों के रुपये से सरकार कर रही व्यवसाय
नई पेंशन योजना में कर्मचारियों के वेतन से होने वाली कटौती से सरकार व्यवसाय कर रही है। एलआईसी को 32 प्रतिशत, एसबीआई को 33.50 प्रतिशत और यूटीआई को 34 प्रतिशत फंड निवेश किया जा रहा है। नई पेंशन योजना कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। इसे हम कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। सरकार के दबाव में आं दोलन समाप्त नहीं होगा।
रमाशंकर तिवारी, सह संयोजक, कर्मचारी-शिक्षक अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच एवं जिला मंत्री, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद।
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पुरानी पेंशन मिलने तक चलेगा आंदोलन
एक अप्रैल 2005 के बाद तैनाती पाने वाले कर्मचारियों और शिक्षकों को पुरानी पेंशन से बाहर किया गया है। नई पेंशन का विरोध और पुरानी पेंशन की मांग को लेकर हम लोग पहले भी आंदोलन कर रहे थे, आज भी आंदोलन कर रहे हैं। जब तक पुरानी का लाभ नहीं मिलता है, तब तक आंदोलन चलता रहेगा।
मनोकानिका उपाध्याय, संरक्षक, कर्मचारी-शिक्षक अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच।