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ई रिक्शा पर कसा शिकंजा, 99 पहुंचे पुलिस लाइन 17-43-26
Updated Tue, 24 Oct 2017 06:26 PM IST
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प्रतापगढ़। शहर में मंगलवार को ई-रिक्शा के खिलाफ अभियान चलाया गया। करीब 99 ई-रिक्शा को पुलिस लाइन भेजा। इसमें से करीब 36 को सीज कर दिया गया। लगभग 63 का चालान किया गया। केवल एक ई-रिक्शा का अब तक पंजीकरण हुआ है।
ई-रिक्शा के खिलाफ मंगलवार को एआरटीओ प्रवर्तन मनोज सिंह और सीओ सिटी राम आशीष यादव ने अभियान चलाया। शहर में सवारियां ढो रहे ई-रिक्शा को पुलिस लाइन लाया गया। जहां चालक व मालिक हंगामा करने लगे। हंगामे को देखते हुए पुलिसकर्मियों ने सभी को खदेड़कर पुलिस लाइन से बाहर किया। दोपहर तक 99 ई-रिक्शा पुलिस लाइन पहुंच गए थे। इसमें से 36 ई-रिक्शा कोई पेपर नहीं दिखा सके। इससे इन्हें सीज कर दिया गया। जिन लोगों ने अधूरा पेपर दिखाया। उन लोगों का चालान करने की कार्रवाई शुरू हो गई। प्रशासन की कार्रवाई के बाद शहर में ई-रिक्शा संचालकों में हड़कंप मच गया। लोग अपना रिक्शे सुरक्षित करने के लिए भागने लगे। कुछ देर में ही शहर से ई-रिक्शा गायब हो गए। सीओ सिटी ने बताया कि बिना पंजीकरण के लिए ई-रिक्शा चलाए जा रहे थे। इसके चलते शहर में समस्या पैदा हो रही थी। नाबालिग भी रिक्शा चला रहे थे। इससे आए दिन दुर्घटनाएं भी हो रहीं थीं। बताया जाता है कि शहर में बेखौफ सवारियां ढोने वाले ई-रिक्शा मालिकों ने पंजीकरण नहीं कराया। केवल एक ई-रिक्शा का अब तक पंजीकरण हुआ है। जबकि शहर में इनकी संख्या एक हजार से अधिक हो चुकी है।
ई-रिक्शा से लोकल सफर करने वाली सवारियों को मंगलवार को परेशानी का सामना करना पड़ा। लोग ई-रिक्शा का इंतजार करते रह गए, लेकिन नहीं मिला। टेंपो भी सड़कों से गायब हो गए। मंगलवार को हासिए पर पहुंच चुके रिक्शा वालों का दिन फिर लौट आया। एआरटीओ प्रवर्तन मनोज सिंह ने बताया कि शासन ने कई साल पहले ई-रिक्शा के पंजीकरण के लिए विभाग को निर्देश दिए थे, लेकिन जिले में यह लागू क्यों नहीं हुआ। यह उन्हें नहीं मालूम। जिन लोगों ने ई-रिक्शा खरीदा है। वे एआरटीओ कार्यालय में रजिस्ट्रेशन कराएं। बिना रजिस्ट्रेशन ई-रिक्शा नहीं चलने पाएगा।
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ई-रिक्शा के खिलाफ मंगलवार को एआरटीओ प्रवर्तन मनोज सिंह और सीओ सिटी राम आशीष यादव ने अभियान चलाया। शहर में सवारियां ढो रहे ई-रिक्शा को पुलिस लाइन लाया गया। जहां चालक व मालिक हंगामा करने लगे। हंगामे को देखते हुए पुलिसकर्मियों ने सभी को खदेड़कर पुलिस लाइन से बाहर किया। दोपहर तक 99 ई-रिक्शा पुलिस लाइन पहुंच गए थे। इसमें से 36 ई-रिक्शा कोई पेपर नहीं दिखा सके। इससे इन्हें सीज कर दिया गया। जिन लोगों ने अधूरा पेपर दिखाया। उन लोगों का चालान करने की कार्रवाई शुरू हो गई। प्रशासन की कार्रवाई के बाद शहर में ई-रिक्शा संचालकों में हड़कंप मच गया। लोग अपना रिक्शे सुरक्षित करने के लिए भागने लगे। कुछ देर में ही शहर से ई-रिक्शा गायब हो गए। सीओ सिटी ने बताया कि बिना पंजीकरण के लिए ई-रिक्शा चलाए जा रहे थे। इसके चलते शहर में समस्या पैदा हो रही थी। नाबालिग भी रिक्शा चला रहे थे। इससे आए दिन दुर्घटनाएं भी हो रहीं थीं। बताया जाता है कि शहर में बेखौफ सवारियां ढोने वाले ई-रिक्शा मालिकों ने पंजीकरण नहीं कराया। केवल एक ई-रिक्शा का अब तक पंजीकरण हुआ है। जबकि शहर में इनकी संख्या एक हजार से अधिक हो चुकी है।
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ई-रिक्शा से लोकल सफर करने वाली सवारियों को मंगलवार को परेशानी का सामना करना पड़ा। लोग ई-रिक्शा का इंतजार करते रह गए, लेकिन नहीं मिला। टेंपो भी सड़कों से गायब हो गए। मंगलवार को हासिए पर पहुंच चुके रिक्शा वालों का दिन फिर लौट आया। एआरटीओ प्रवर्तन मनोज सिंह ने बताया कि शासन ने कई साल पहले ई-रिक्शा के पंजीकरण के लिए विभाग को निर्देश दिए थे, लेकिन जिले में यह लागू क्यों नहीं हुआ। यह उन्हें नहीं मालूम। जिन लोगों ने ई-रिक्शा खरीदा है। वे एआरटीओ कार्यालय में रजिस्ट्रेशन कराएं। बिना रजिस्ट्रेशन ई-रिक्शा नहीं चलने पाएगा।
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