{"_id":"61914e319214095a0a5a334d","slug":"14-ancient-temples-of-raniganj-will-be-rejuvenated-pratapgarh-news-ald320427886","type":"story","status":"publish","title_hn":"रानीगंज तहसील क्षेत्र के 14 प्राचीन मंदिरों का होगा कायाकल्प","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रानीगंज तहसील क्षेत्र के 14 प्राचीन मंदिरों का होगा कायाकल्प
विज्ञापन
temple ( symbolic)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ररानीगंज तहसील क्षेत्र के बदहाल पड़े प्राचीन मंदिरों की तस्वीर जल्द बदलने वाली है। इन मंदिरों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। पहले चरण में 14 प्राचीन मंदिरों का कायाकल्प होगा। विधायक धीरज ओझा की ओर से क्षेत्रीय पर्यटन विभाग को भेजे गए प्रस्ताव पर मुहर लग गई है। सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो जल्द ही कार्य शुरू होगा।
रानीगंज तहसील क्षेत्र में पौराणिक मां वाराही देवी धाम के अलावा कई अन्य प्राचीन मंदिर हैं। इनमें जामताली स्थित कामेश्वर धाम मंदिर, चलाकपुर के खीरीवीर मंदिर, भागीपुर के हनुमान मंदिर, सिपाह महेरी के काली माता का चौरा, सिगाहीं गांव स्थित राधा-कृष्ण मंदिर, मानधाता के छितपालगढ़ स्थित आदिशक्ति दुुर्गा मंदिर, शिवगढ़ ब्लॉक के पूरे बिच्छूर के हनुमान मंदिर, रामगढ़ के शिव मंदिर, हुसैनपुर के जय मां कालीमंदिर, गौरा ब्लॉक के महमूदपुर पाली स्थित सिद्ध नाथ मंदिर, नौडेरा स्थित नौडेरा दाई मंदिर, सुंवसा के कोठारी भवानी मंदिर व चंघईपुर स्थित चंद्रेश्वरनाथ धाम अति प्राचीन हैं।
इन प्राचीन मंदिरों का पौराणिक महत्व है। लंबे समय से देखरेख न होने से मंदिर बदहाल हो चुके हैं। इमारतें जर्जर और प्लास्टर उखड़ चुके हैं। मंदिर परिसर में भी सुविधाओं की दरकार है। क्षेत्रीय लोगों ने मंदिरों के सौंदर्यीकरण को लेकर विधायक धीरज ओझा से मांग की थी। विधायक धीरज ओझा ने पहले चरण में क्षेत्र के 14 प्राचीन मंदिरों की सूची तैयार कर कायाकल्प कराने के लिए प्रस्ताव क्षेत्रीय पर्यटन विभाग को भेजा था। जिस पर पर्यटन विभाग ने मुहर लगा दी है।
विज्ञापन
मंदिरों के कायाकल्प के लिए पौने दो करोड़ रुपये का बजट तैयार किया है। जल्द ही कार्य शुरू होगा। विधायक धीरज ओझा ने बताया कि रानीगंज तहसील क्षेत्र का पौराणिक महात्म्य है। मां वाराही देवी धाम के अलावा भी कई प्राचीन मंदिर हैं। जिनके कायाकल्प को लेकर प्रस्ताव भेजा गया था। अब प्रक्रिया शुरू हो गई है। जल्द ही क्षेत्र की प्राचीन मंदिरों का कायाकल्प होगा।
विज्ञापन
रानीगंज तहसील क्षेत्र में पौराणिक मां वाराही देवी धाम के अलावा कई अन्य प्राचीन मंदिर हैं। इनमें जामताली स्थित कामेश्वर धाम मंदिर, चलाकपुर के खीरीवीर मंदिर, भागीपुर के हनुमान मंदिर, सिपाह महेरी के काली माता का चौरा, सिगाहीं गांव स्थित राधा-कृष्ण मंदिर, मानधाता के छितपालगढ़ स्थित आदिशक्ति दुुर्गा मंदिर, शिवगढ़ ब्लॉक के पूरे बिच्छूर के हनुमान मंदिर, रामगढ़ के शिव मंदिर, हुसैनपुर के जय मां कालीमंदिर, गौरा ब्लॉक के महमूदपुर पाली स्थित सिद्ध नाथ मंदिर, नौडेरा स्थित नौडेरा दाई मंदिर, सुंवसा के कोठारी भवानी मंदिर व चंघईपुर स्थित चंद्रेश्वरनाथ धाम अति प्राचीन हैं।
विज्ञापन
इन प्राचीन मंदिरों का पौराणिक महत्व है। लंबे समय से देखरेख न होने से मंदिर बदहाल हो चुके हैं। इमारतें जर्जर और प्लास्टर उखड़ चुके हैं। मंदिर परिसर में भी सुविधाओं की दरकार है। क्षेत्रीय लोगों ने मंदिरों के सौंदर्यीकरण को लेकर विधायक धीरज ओझा से मांग की थी। विधायक धीरज ओझा ने पहले चरण में क्षेत्र के 14 प्राचीन मंदिरों की सूची तैयार कर कायाकल्प कराने के लिए प्रस्ताव क्षेत्रीय पर्यटन विभाग को भेजा था। जिस पर पर्यटन विभाग ने मुहर लगा दी है।
विज्ञापन
मंदिरों के कायाकल्प के लिए पौने दो करोड़ रुपये का बजट तैयार किया है। जल्द ही कार्य शुरू होगा। विधायक धीरज ओझा ने बताया कि रानीगंज तहसील क्षेत्र का पौराणिक महात्म्य है। मां वाराही देवी धाम के अलावा भी कई प्राचीन मंदिर हैं। जिनके कायाकल्प को लेकर प्रस्ताव भेजा गया था। अब प्रक्रिया शुरू हो गई है। जल्द ही क्षेत्र की प्राचीन मंदिरों का कायाकल्प होगा।