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मतदान का बहिष्कार कर रहे ग्रामीणों को सीडीओ ने पिटवाया
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मतदान का बहिष्कार कर रहे ग्रामीणों से जबरन डलवाया वोट
लढ़वत गांव के बहिष्कार के एलान पर पहुंचे अफसर, शाम तक सिर्फ 20 लोगों ने किया मतदान
ग्रामीणों को पीटने का भी आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
घुइसरनाथधाम/संडवाचंद्रिका। सई नदी पर पुल निर्माण व रास्ते की मांग को लेकर विश्वनाथगंज विधानसभा के लढ़वत के मतदाताओं ने मतदान बहिष्कार का एलान किया था। पुलिस प्रशासन मतदाताओं को समझाने बुझाने में जुटा रहा, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। आरोप है कि दोपहर बाद पहुंचे सीडीओ धीरेंद्र प्रताप सिंह, एसडीएम मोहनलाल गुप्ता व सीओ रमेशचंद्र लालगंज व सीओ सदर ने मतदाताओं को मत देने के लिए कहा। जब लोग उनकी बात अनसुनी कर अपने घरों की ओर जाने लगे तो अफसरों का पारा गरम हो गया। आरोप है कि लोगों को दौड़ाकर पीटा गया। जबरन लोगों से मतदान कराया गया। इसके बावजूद शाम तक केवल बीस मत ही पड़े।
सई नदी पर पुल व रास्ते की मांग को लेकर विधानसभा विश्वनाथगंज के बूथ संख्या पांच लढ़वत के मतदाताओं ने मतदान का बहिष्कार का ऐलान किया था। मतदाता मतदान केंद्रों के पास डटे जरूर थे लेकिन मतदान से किनारा कसते रहे। पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और सभी को समझाने लगी लेकिन कोई भी मतदान करने के लिए आगे नहीं आया। दोपहर में सीडीओ धीरेंद्र प्रताप सिंह, एसडीएम लालगंज मोहनलाल गुप्ता दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। अफसरों को देख मतदाताओं को लगा कि अफसर उनकी समस्या का निराकरण करने आए हैं। ग्रामीण अफसरों को अपना दुखड़ा सुनाने लगे। अफसर सभी को मतदान के लिए कहते रहे लेकिन दबाव देख मतदाता घरों की जाने लगे। आरोप है कि इस बीच पुलिसकर्मी व महिला सिपाही मतदाताओं के घरों में घुस गईं। मतदाताओं को जबरन घरों से निकालकर लाया गया। मतदान का विरोध कर रही रमावती पत्नी इंद्रपाल को महिला पुलिस ने बाहर निकालकर पीटा, फिर वोट डलवाया। सीता व राजकली से भी जबरन मतदान कराया गया। इंद्रावती का आरोप है कि महिला पुलिस ने उसे मारपीट कर वोट डलवाया। गांव के वंशराज वर्मा, प्रदीप कुमार यादव, सुरेश वर्मा, विशाल यादव, अरुण यादव, संतोष यादव, देवतादीन यादव समेत दर्जन भर लोगों को पुलिस ने पकड़कर पीटा और जबरन मतदान कराया। इस दौरान निर्दोष लोगों पर पुलिस का डंडा बरसता रहा। लोग बचने के लिए सई नदी की तलहटी की ओर भागते नजर आए। प्रशासन की पूरी ताकत लगाने के बाद भी शाम तीन बजे तक लढ़वत प्राइमरी स्कूल बूथ संख्या 5 में 316 मतदाताओं में से केवल 20 मत ही पड़े। अधिकारियों की मौजूदगी में मतदाताओं के ऊपर जारी तांडव से लोगों में आक्रोश फैल गया। कुछ देर बाद ग्रामीण एकजुट होने लगे तो अफसर वहां से खिसक लिए। ग्रामीण प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते रहे। बतादें कि खजुरी ग्रामसभा के लढ़वत गांव सई नदी के किनारे स्थित है। यहां आने का कोई रास्ता नहीं है। लोगों को शादी विवाह से लेकर हर कार्यक्रमों में समस्या उठानी पड़ती है। बरसात के दिनों में लोगों के सामने मुसीबत खड़ी हो जाती है। तमाम प्रयास के बाद भी ग्रामीणों की समस्या का निराकरण नहीं हो सका। कई किमी का चक्कर लगाने के बाद ग्रामीण अपने घर पहुंचते हैं। गांव के देवतादीन, इंद्रावती समेत ग्रामीणों का आरोप है कि सीडीओ के आदेश पर उन सभी को पीटा गया। एसडीएम लालगंज मोहनलाल गुप्ता ने पिटाई के आरोप से इनकार करते हुए कहा कि मतदाताओं को वे लोग समझाने गए थे किसी के साथ कोई मारपीट नहीं हुई। कुछ लोगों ने अपनी मर्जी से वोटिंग की है।
इनसेट-----
अफसरों के समझाने पर मानें ग्रामीणों ने किया मतदान
रास्ते के निर्माण को लेकर विश्वनाथगंज विधानसभा के सहिजनपुर और सदर विधानसभा के औरंगाबाद के ग्रामीणों ने मतदान बहिष्कार का ऐलान किया था। ग्रामीण सुबह से ही मतदान केंद्रों पर डटे रहे लेकिन मतदान करने से हाथ खड़ा कर दिया। सहिजनपुर प्राइमरी विद्यालय में बने बूथ पर मतदान न होने की खबर पर एसडीएम सदर पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे। सभी को समझाबुझाकर भरोसा दिलाया कि चुनाव बाद उनकी मांगों को पूरा कराया जाएगा। दोपहर बाद से मतदान प्रारंभ हुआ। सदर विधानसभा के औरंगाबाद दलित बस्ती के लोगों ने भी मतदान बहिष्कार का ऐलान किया था। ग्रामीण मतदान करने से पीछे हट गए। पुलिस ने सभी को समझाया लेकिन वे नहीं माने। दोपहर बाद ग्राम प्रधान समेत अन्य लोगों ने दलित बस्ती के लोगों को भरोसा दिलाया कि बस्ती तक जाने के लिए रास्ते का निर्माण होगा। इसके बाद जाकर मतदान करने लोग घरों से निकले।
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मतदान का बहिष्कार कर रहे ग्रामीणों से जबरन डलवाया वोट
लढ़वत गांव के बहिष्कार के एलान पर पहुंचे अफसर, शाम तक सिर्फ 20 लोगों ने किया मतदान
ग्रामीणों को पीटने का भी आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
घुइसरनाथधाम/संडवाचंद्रिका। सई नदी पर पुल निर्माण व रास्ते की मांग को लेकर विश्वनाथगंज विधानसभा के लढ़वत के मतदाताओं ने मतदान बहिष्कार का एलान किया था। पुलिस प्रशासन मतदाताओं को समझाने बुझाने में जुटा रहा, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। आरोप है कि दोपहर बाद पहुंचे सीडीओ धीरेंद्र प्रताप सिंह, एसडीएम मोहनलाल गुप्ता व सीओ रमेशचंद्र लालगंज व सीओ सदर ने मतदाताओं को मत देने के लिए कहा। जब लोग उनकी बात अनसुनी कर अपने घरों की ओर जाने लगे तो अफसरों का पारा गरम हो गया। आरोप है कि लोगों को दौड़ाकर पीटा गया। जबरन लोगों से मतदान कराया गया। इसके बावजूद शाम तक केवल बीस मत ही पड़े।
सई नदी पर पुल व रास्ते की मांग को लेकर विधानसभा विश्वनाथगंज के बूथ संख्या पांच लढ़वत के मतदाताओं ने मतदान का बहिष्कार का ऐलान किया था। मतदाता मतदान केंद्रों के पास डटे जरूर थे लेकिन मतदान से किनारा कसते रहे। पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और सभी को समझाने लगी लेकिन कोई भी मतदान करने के लिए आगे नहीं आया। दोपहर में सीडीओ धीरेंद्र प्रताप सिंह, एसडीएम लालगंज मोहनलाल गुप्ता दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। अफसरों को देख मतदाताओं को लगा कि अफसर उनकी समस्या का निराकरण करने आए हैं। ग्रामीण अफसरों को अपना दुखड़ा सुनाने लगे। अफसर सभी को मतदान के लिए कहते रहे लेकिन दबाव देख मतदाता घरों की जाने लगे। आरोप है कि इस बीच पुलिसकर्मी व महिला सिपाही मतदाताओं के घरों में घुस गईं। मतदाताओं को जबरन घरों से निकालकर लाया गया। मतदान का विरोध कर रही रमावती पत्नी इंद्रपाल को महिला पुलिस ने बाहर निकालकर पीटा, फिर वोट डलवाया। सीता व राजकली से भी जबरन मतदान कराया गया। इंद्रावती का आरोप है कि महिला पुलिस ने उसे मारपीट कर वोट डलवाया। गांव के वंशराज वर्मा, प्रदीप कुमार यादव, सुरेश वर्मा, विशाल यादव, अरुण यादव, संतोष यादव, देवतादीन यादव समेत दर्जन भर लोगों को पुलिस ने पकड़कर पीटा और जबरन मतदान कराया। इस दौरान निर्दोष लोगों पर पुलिस का डंडा बरसता रहा। लोग बचने के लिए सई नदी की तलहटी की ओर भागते नजर आए। प्रशासन की पूरी ताकत लगाने के बाद भी शाम तीन बजे तक लढ़वत प्राइमरी स्कूल बूथ संख्या 5 में 316 मतदाताओं में से केवल 20 मत ही पड़े। अधिकारियों की मौजूदगी में मतदाताओं के ऊपर जारी तांडव से लोगों में आक्रोश फैल गया। कुछ देर बाद ग्रामीण एकजुट होने लगे तो अफसर वहां से खिसक लिए। ग्रामीण प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते रहे। बतादें कि खजुरी ग्रामसभा के लढ़वत गांव सई नदी के किनारे स्थित है। यहां आने का कोई रास्ता नहीं है। लोगों को शादी विवाह से लेकर हर कार्यक्रमों में समस्या उठानी पड़ती है। बरसात के दिनों में लोगों के सामने मुसीबत खड़ी हो जाती है। तमाम प्रयास के बाद भी ग्रामीणों की समस्या का निराकरण नहीं हो सका। कई किमी का चक्कर लगाने के बाद ग्रामीण अपने घर पहुंचते हैं। गांव के देवतादीन, इंद्रावती समेत ग्रामीणों का आरोप है कि सीडीओ के आदेश पर उन सभी को पीटा गया। एसडीएम लालगंज मोहनलाल गुप्ता ने पिटाई के आरोप से इनकार करते हुए कहा कि मतदाताओं को वे लोग समझाने गए थे किसी के साथ कोई मारपीट नहीं हुई। कुछ लोगों ने अपनी मर्जी से वोटिंग की है।
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अफसरों के समझाने पर मानें ग्रामीणों ने किया मतदान
रास्ते के निर्माण को लेकर विश्वनाथगंज विधानसभा के सहिजनपुर और सदर विधानसभा के औरंगाबाद के ग्रामीणों ने मतदान बहिष्कार का ऐलान किया था। ग्रामीण सुबह से ही मतदान केंद्रों पर डटे रहे लेकिन मतदान करने से हाथ खड़ा कर दिया। सहिजनपुर प्राइमरी विद्यालय में बने बूथ पर मतदान न होने की खबर पर एसडीएम सदर पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे। सभी को समझाबुझाकर भरोसा दिलाया कि चुनाव बाद उनकी मांगों को पूरा कराया जाएगा। दोपहर बाद से मतदान प्रारंभ हुआ। सदर विधानसभा के औरंगाबाद दलित बस्ती के लोगों ने भी मतदान बहिष्कार का ऐलान किया था। ग्रामीण मतदान करने से पीछे हट गए। पुलिस ने सभी को समझाया लेकिन वे नहीं माने। दोपहर बाद ग्राम प्रधान समेत अन्य लोगों ने दलित बस्ती के लोगों को भरोसा दिलाया कि बस्ती तक जाने के लिए रास्ते का निर्माण होगा। इसके बाद जाकर मतदान करने लोग घरों से निकले।
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