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फायर ब्रिगेड की इस हेल्पलाइन को खुद चाहिए मदद

Mon, 09 Jul 2018 11:44 PM IST
Updated Mon, 09 Jul 2018 11:44 PM IST
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फायर ब्रिगेड की इस हेल्पलाइन को खुद चाहिए मदद
यह 101 नंबर है। यानी अगर कहीं आग लग जाती है तो इस नंबर पर फोन करके फायर ब्रिगेड की मदद मांगी जाती है, लेकिन आजकल इस सेवा का लाभ किसी को नहीं मिल सकता। यह टोल फ्री नंबर दूरसंचार विभाग में लगी आग के बाद से खराब पड़ा है। संबंधित अफसर अग्रिकांड पीड़ित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए फोन दुरुस्त कराना बेहतर नहीं समझे। जिसका नतीजा यह है कि टोल फ्री नंबर 101 लगता ही नहीं है।
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सोमवार को श्रीराम तिराहे पर लगी आग के बाद लोग बार-बार 101 नंबर डायल करते रहे। बेल तो जाती रही, लेकिन कोई रिस्पांस नहीं मिला। इससे हर कोई हैरत में पड़ गया। सीयूजी नंबर पर खबर मिलने के बाद कंट्रोल रूम की खबर के बाद आग बुझाने या दूसरे पीड़ितों की मदद के लिए फायरब्रिगेड घटनास्थल पर पहुंच रही है। इस समस्या की ओर पुलिस विभाग के अफसरों को भी चिंता नहीं है।
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क्या करूं, फोन ही नहीं लग रहा
शहर के श्रीराम तिराहे पर सोमवार को करीब सवा तीन बजे वाटर वेंडिंग मशीन में शार्ट सर्किट के कारण धुआं उठने लगा। यह देख व्यापारी परेशान हो उठे। लोग आग बुझाने के लिए फायरब्रिगेड की मदद लेने को 101 नंबर डायल करने लगे। पूरी घंटी जाने के बाद भी काल रिसीव नहीं हो रही थी। इससे परेशान होकर लोगों ने डायल 100 को खबर दी। कंट्रोल रूम की खबर के बाद फायरब्रिगेड के कर्मचारी 45 मिनट बाद पहुंचे और किसी तरह आग पर काबू पाया। इस दौरान व्यापारियों के माथे पर चिंता की लकीरें देखने को मिलीं।
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क्या करूं कोई सुनता ही नहीं
फायरब्रिगेड में वैसे तो कर्मचारियों की काफी कमी है। कई साल से एक अदद एफएसओ नहीं मिल सका। प्रभारी के तौर पर महेंद्र प्रसाद ही कार्यभार देख रहे हैं। फायरब्रिगेड कंट्रोल रूम पर तैनात आरक्षी से जब पूछा गया कि आम लोगों को केवल 101 नंबर की ही जानकारी है। फोन नहीं उठ रहा। उसने बताया कि 5 मई 2018 को दूर संचार कार्यालय में आग लगी। तब से 101 टोलफ्री नंबर के साथ ही दूसरा नंबर भी काम नहीं कर रहा। क्या किया जाए पत्राचार कर दिया गया, लेकिन कोई सुनता ही नहीं।

भले खराब है, गालियों से तो मिल गई राहत
जनता के हित में शासन ने 101 टोल फ्री नंबर जारी किया है। आग लगने या मवेशियों के कुंए और नालों में गिरने की सूचना लोग आज भी 101 नंबर पर देते हैं, लेकिन दो माह से फोन ही नहीं उठ रहा। सोमवार को कंट्रोल रूम में बैठे फायरब्रिगेड के जवानों से जब 101 नंबर बंद होने का कारण पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अच्छा हुआ नंबर बंद है। कम से कम गालियां तो सुनने को नहीं मिल रहीं। उसका कहना था कि ऐसी कोई रात नहीं बचती थी, जब लोग फोन करने के बाद गालियां देने के साथ ही शराब न मंगाते रहे हों। कोई पति के न पहुंचने की शिकायत करती तो कोई पत्नी की। इससे अब राहत मिली हुई है।

इस नंबर भी दे सकते हैं सूचना
फायरब्रिगेड का टोल फ्री नंबर 101 न लगने पर लोग सीयूजी नंबर पर घटना की जानकारी दे सकते हैं। फायरब्रिगेड के कंट्रोल रूम के सीयूजी नंबर 9454418576 पर तत्काल आग लगने से संबंधित सूचना दी जा सकती है।


वैसे तो अब 101 के स्थान पर डायल 100 पर सूचना देने से फायरब्रिगेड से संबंधित सूचनाएं मिल जाती हैं। मौके पर टीम रवाना भी कर दी जाती है। टोल फ्री और पीएनटी नंबर किस वजह से खराब है, इसका सत्यापन कराएंगे। जल्द काम करने लगेगा।
राधेश्याम दुबे, प्रभारी एफएसओ।
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