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जान के दुश्मन बने सड़कों पर गडे़ बेतरतीब विद्युत पोल 17-52-12
Updated Sun, 27 Aug 2017 07:20 PM IST
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प्रतापगढ़। शहर में विद्युत विभाग की लापरवाही राहगीरों पर भारी पड़ रही है। शहर से गुजरे इलाहाबाद-फैजाबाद राजमार्ग सहित मार्गों पर बेतरतीब विद्युत पोल लगे हुए हैं, जिससे आए दिन राहगीरों को हादसे का शिकार होना पड़ रहा है। इसे हटाने को लेकर कई बार शिकायतें की गईं, मगर विभाग इससे अनजान बना हुआ है।
जिले में बिजली विभाग की लापरवाही के चलते हर साल कई लोगों को जिंदगी से हाथ धोना पड़ जाता है तो कई हादसे का जख्म सालों झेलते हैं। ग्रामीणांचल में टेढ़े पोल पर लटकते तार की चपेट में आकर रोजाना दुर्घटनाएं होती हैं, खेतों व रास्तों में गिरे जर्जर तार हादसे की वजह बनते हैं। मगर शहर में खुले तार और लटकते तार की तो दूर यहां बेतरतीब पोल ही जिंदगी के दुश्मन बने हुए हैं। शहर में प्रवेश करते ही इलाहाबाद-फैजाबाद राजमार्ग पर भंगवाचुंगी से लेकर सदर बाजार तक, वहीं से बलीपुर होते हुए कचहरी रोड़ के साथ ट्रेजरी चौराहे से होेते अबेडकर चौराहा व रोडवेज बसअड्डा तक सड़कों एवं पटरियों तक पोल बेतरतीब गड़े हुए है।
कमोबेश यही हाल घंटाघर कचेहरी को जाने वाले मार्ग से राजापाल टंकी तक है। शहर के बीचोबीच जिलाअस्पताल, कचेहरी, रोडवेज बसअड़्डा, बिजली कार्यायल, रोडवेज स्टेशन, पुलिस अधीक्षक कार्यायल होने से यहां रोजाना भारी भीड़ रहती है। जिसकी वहज सड़कों पर आवागमन अधिक रहता है। सुबह से मैजिक, टेंपो, कार, बुलेरों सहित सवारी वाहनों की लंबी फेहरिस्त रहती है। स्थिति यह होती है कि सड़क से गुजरते समय थोड़ी सी भी चूक होने लेाग सड़क पर व पटरी पर तने खंभों की चपेट में आ जाते है। अक्सर लोगों बाइक लेकर लुढ़कते या फिर अनियंत्रित होकर कार से टक्कराते देखे जाता है। कभी- कभी तो लोग भीषण हादसे का भी शिकार हो जाते है। मगर हादसे को दावत दे रहे बेतरतीब खंभों को हटाकर सुव्यवस्थित करने के लिए विद्युत विभाग कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है।
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वर्ष 2014 में शहर की बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए आरएपीडीआरपी योजना के तहत करोड़ो ंकी धनराशि खर्च की गई। विभाग की माने तो इसके तहत फीडर क्षमता वृद्धि, नए ट्रांसफार्मर, विद्युत तार, नए पोल सहित तमाम व्यवस्था किए जाने का दावा किया गया। मगर आड़े- तिरछे पोलों को हटाने को हटाने की जहमत अफसरों ने नहीं की। शहर की सड़क ों का विस्तार हुआ। साथ ही दोनों तरफ यात्रियों की सुगमता के लिए पटरियां भी बनाई गई। मगर इन सब के बीच विद्युत आपूर्ति के लिए सड़कों पर तने पुराने पोल जहां के तहां रहे। अब विभाग की अनदेखी हादसे का सबब बनी हुई है।
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जिले में बिजली विभाग की लापरवाही के चलते हर साल कई लोगों को जिंदगी से हाथ धोना पड़ जाता है तो कई हादसे का जख्म सालों झेलते हैं। ग्रामीणांचल में टेढ़े पोल पर लटकते तार की चपेट में आकर रोजाना दुर्घटनाएं होती हैं, खेतों व रास्तों में गिरे जर्जर तार हादसे की वजह बनते हैं। मगर शहर में खुले तार और लटकते तार की तो दूर यहां बेतरतीब पोल ही जिंदगी के दुश्मन बने हुए हैं। शहर में प्रवेश करते ही इलाहाबाद-फैजाबाद राजमार्ग पर भंगवाचुंगी से लेकर सदर बाजार तक, वहीं से बलीपुर होते हुए कचहरी रोड़ के साथ ट्रेजरी चौराहे से होेते अबेडकर चौराहा व रोडवेज बसअड्डा तक सड़कों एवं पटरियों तक पोल बेतरतीब गड़े हुए है।
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कमोबेश यही हाल घंटाघर कचेहरी को जाने वाले मार्ग से राजापाल टंकी तक है। शहर के बीचोबीच जिलाअस्पताल, कचेहरी, रोडवेज बसअड़्डा, बिजली कार्यायल, रोडवेज स्टेशन, पुलिस अधीक्षक कार्यायल होने से यहां रोजाना भारी भीड़ रहती है। जिसकी वहज सड़कों पर आवागमन अधिक रहता है। सुबह से मैजिक, टेंपो, कार, बुलेरों सहित सवारी वाहनों की लंबी फेहरिस्त रहती है। स्थिति यह होती है कि सड़क से गुजरते समय थोड़ी सी भी चूक होने लेाग सड़क पर व पटरी पर तने खंभों की चपेट में आ जाते है। अक्सर लोगों बाइक लेकर लुढ़कते या फिर अनियंत्रित होकर कार से टक्कराते देखे जाता है। कभी- कभी तो लोग भीषण हादसे का भी शिकार हो जाते है। मगर हादसे को दावत दे रहे बेतरतीब खंभों को हटाकर सुव्यवस्थित करने के लिए विद्युत विभाग कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है।
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वर्ष 2014 में शहर की बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए आरएपीडीआरपी योजना के तहत करोड़ो ंकी धनराशि खर्च की गई। विभाग की माने तो इसके तहत फीडर क्षमता वृद्धि, नए ट्रांसफार्मर, विद्युत तार, नए पोल सहित तमाम व्यवस्था किए जाने का दावा किया गया। मगर आड़े- तिरछे पोलों को हटाने को हटाने की जहमत अफसरों ने नहीं की। शहर की सड़क ों का विस्तार हुआ। साथ ही दोनों तरफ यात्रियों की सुगमता के लिए पटरियां भी बनाई गई। मगर इन सब के बीच विद्युत आपूर्ति के लिए सड़कों पर तने पुराने पोल जहां के तहां रहे। अब विभाग की अनदेखी हादसे का सबब बनी हुई है।