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पीएम का पीड़ितों को 'मरहम', अखिलेश्ा को नसीहत
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Mon, 16 Sep 2013 03:58 PM IST
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मुजफ्फरनगर के दंगा प्रभावित इलाकों का दौरा करने पहुंच प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सोमवार को कहा कि पीड़ितों की हरसंभव मदद की जाएगी और दंगाइयों को बख्शा नहीं जाएगा।
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उन्होंने एक तरफ जहां पीड़ितों का हालचाल जाना और उन्हें ढांढस बंधाया, वहीं बातों-बातों में अखिलेश सरकार को नसीहत भी दे डाली।
मनमोहन सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, "मैं पीड़ितों का दुख-दर्द बांटने यहां आया हूं। राज्य सरकार का फर्ज बनता है कि सभी के जानमाल की पूरी सुरक्षा हो। कानून व्यवस्था राज्य का मामला है।"
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उन्होंने कहा, "हमारी कोशिश है कि लोग जल्द से जल्द अपने घरों को लौट सके और जब तक ऐसा मुमकिन नहीं होता, उनके पुनर्वास की कोशिश हो।"
प्रधानमंत्री ने कहा, "केंद्र की ओर से उत्तर प्रदेश सरकार को पूरी मदद दी जाएगी। और हम यह भी आश्वासन देते हैं कि जिम्मेदार लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी।"
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सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के दौरे के एक बाद एक रोज बाद मुजफ्फरनगर पहुंचे मनमोहन सिंह के साथ यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, राज्यपाल बी एल जोशी और गृह राज्य मंत्री आर पी एन सिंह भी थे।
मनमोहन सिंह के दौरे के मद्देनजर मुजफ्फरनगर में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। वह हिंसाग्रस्त इलाकों का दौरा करने पहुंचे हैं। वे राहत शिविरों में भी जा रहे हैं।
इससे एक दिन पहले ही राज्य के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जिले का दौरा किया था और लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा था।
मुजफ्फनगर में हुई सांप्रदायिक हिंसा में अब तक 47 लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों लोग बेघर हो गए हैं। हिंसा प्रभावित बहुत से लोगों को अस्थायी शिविरों में ठहराया गया है।
प्रधानमंत्री के दौरे से एक दिन पहले रविवार को अखिलेश यादव ने कवाल गांव का दौरा किया, जहां 27 अगस्त को एक छेड़खानी की वारदात के बाद तीन लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद पूरे ज़िले में तनाव पैदा हो गया था।
अखिलेश को गांववालों ने काले झंडे दिखाए और नारेबाज़ी की। गांव वालों ने सरकार पर तुरंत कार्रवाई न करने और हिंसा को रोक पाने में नाकाम रहने के आरोप लगाए।
अखिलेश यादव ने घटना को दुखद बताते हुए कहा कि दंगाइयों के खिलाफ़ सरकार कड़े कदम उठाएगी। ‘हम उनके ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई करेंगे और दोषियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून के तहत कार्रवाई होगी।’
उन्होंने यह भी कहा है कि सरकार ने न्यायिक आयोग गठित किया है जो 27 अगस्त के बाद की घटनाओं की पड़ताल कर रहा है।