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ट्रैक्टर के सामने आया बाघ, किसानों में दहशत
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मझोला। अमरिया तहसील की ग्राम कुलारा फार्म के फार्मर गेहूं के लिए खेत तैयार करने ट्रैक्टर से जा रहे थे। रास्ते में ट्रैक्टर के सामने बाघ आ गया। बाघ को देखकर डरा चालक खेत की जुताई छोड़ कर गया। किसानों में दहशत का माहौल है।
गुरुवार रात गुरमेल सिंह और उनका चालक कार्ति मंडल गेहूं के लिए खेत तैयार कर रहे थे। लगभग 12 बजे रात को गुरमेल सिंह के ट्रैक्टर में अचानक खराबी आई। गुरमेल सिंह ट्रैक्टर लेकर फार्म पर लौट आए। दूसरा ट्रैक्टर ड्राइवर चला रहा था। रात लगभग एक बजे अचानक बाघ जुताई वाले खेत में आकर बैठ गया। जब ड्राइवर ने दूर से ही लाइट में बाघ को देखा तो वह डर गया। हार्न बजाया। काफी शोर करने के बाद भी बाघ नहीं उठा तो ड्राइवर ट्रैक्टर को लेकर फार्म की ओर भाग गया। सुबह उठ कर मालिक गुरमेल सिंह को बाघ की पूरी जानकारी दी। ड्राइवर कार्तिक मंडल व अन्य लोगों के साथ मौके पर खेत में जाकर देखा तो वहां बाघ के पंजों के निशान थे। यह देख सभी दहशत में आ गए।
गन्ने के खेत में बाघ होने की सूचना वन विभाग को दी। सूचना पर वन विभाग की टीम ने मौके पर देवेन्द्र सिंह, शैलेंद्र सिंह यादव, सोनी सिंह वन दरोगा, राजीव ढाली, कैलाश, टाईगर ट्रैकर विकास मौजूद रहे। वन विभाग के देवेंद्र सिंह ने बताया कि बाघ के पगचिह्न उत्तराखंड की ओर मिले हैं। वन विभाग की टीम ने किसानों को सतर्क किया है। अकेले खेतों की ओर न जाएं। जरूरत होने पर कम से कम दो लोग हो तभी खेतों की ओर जाएं।
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गुरुवार रात गुरमेल सिंह और उनका चालक कार्ति मंडल गेहूं के लिए खेत तैयार कर रहे थे। लगभग 12 बजे रात को गुरमेल सिंह के ट्रैक्टर में अचानक खराबी आई। गुरमेल सिंह ट्रैक्टर लेकर फार्म पर लौट आए। दूसरा ट्रैक्टर ड्राइवर चला रहा था। रात लगभग एक बजे अचानक बाघ जुताई वाले खेत में आकर बैठ गया। जब ड्राइवर ने दूर से ही लाइट में बाघ को देखा तो वह डर गया। हार्न बजाया। काफी शोर करने के बाद भी बाघ नहीं उठा तो ड्राइवर ट्रैक्टर को लेकर फार्म की ओर भाग गया। सुबह उठ कर मालिक गुरमेल सिंह को बाघ की पूरी जानकारी दी। ड्राइवर कार्तिक मंडल व अन्य लोगों के साथ मौके पर खेत में जाकर देखा तो वहां बाघ के पंजों के निशान थे। यह देख सभी दहशत में आ गए।
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गन्ने के खेत में बाघ होने की सूचना वन विभाग को दी। सूचना पर वन विभाग की टीम ने मौके पर देवेन्द्र सिंह, शैलेंद्र सिंह यादव, सोनी सिंह वन दरोगा, राजीव ढाली, कैलाश, टाईगर ट्रैकर विकास मौजूद रहे। वन विभाग के देवेंद्र सिंह ने बताया कि बाघ के पगचिह्न उत्तराखंड की ओर मिले हैं। वन विभाग की टीम ने किसानों को सतर्क किया है। अकेले खेतों की ओर न जाएं। जरूरत होने पर कम से कम दो लोग हो तभी खेतों की ओर जाएं।
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