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एक साथ उठीं तीन अर्थियां तो हर किसी के आंखें हो गईं नम
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मृतकों का अंतिम संस्कार कर लौटते परिजन को संभालते लोग। संवाद
- फोटो : PILIBHIT
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बिलसंड़ा/पीलीभीत। घर से मायके जाने को निकली विवाहित को क्या पता था कि रास्ते में उसकी मौत हो जाएगी। परिवार के साथ हंसी खुशी बातें करते हुए मायके जा रही थी। सास और बच्चों को भी साथ में ले जा रही थी। घटना के चंद मिनट पहले पति से जल्द लौटने का वादा की रह रही थी कि गाड़ी नहर में गिर गई। जब तक बाहर निकला गया तब तक चार लोगों की मौत हो गई। दो बच्चे लापता हो गए। एक परिवार में चार लोगों की मौत और दो बच्चों के लापता की खबर से हर किसी की आंख नम थी।
गांव मैनी रविवार को दिनभर गम में डूबा रहा। रामपाल का पूरा परिवार उसे छोड़कर चला गया। पत्नी संगीता, बेटी चाहत, मां रूपा देवी और साले का पुत्र रूपेश काल के गाल में समा गए। वहीं एक पुत्र रुद्रा और एक पुत्री अनन्या का घटना के बाद से अभी तक कुछ पता नहीं चला सका। इस दर्दनाक घटना को जिसने सुना वहीं सिसक उठा। शनिवार रात करीब 12 बजे शव गांव पहुंचे, तो गांव में चीखपुकार मच गई। हर किसी देखने वाले की आंखें नम थी। सुबह शवों के अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू हुई, तो अंतिम दर्शन के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। दोपहर साढ़े 11 बजे पत्नी, बेटी और मां तीनों अर्थी एक साथ उठने पर गांव गम में डूब गया। गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया कर दिया गया। जबकि साले के पुत्र रूपेश का सुल्तानपुर में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया।
दोनों बच्चों के सही सलाम की दुआ करते रहे लोग
दुर्घटना में लापता हुए रामपाल के दो बच्चों रुद्रा और अनन्या के सही सलामत होने की गांव में सभी दुआ कर रहे हैं। लोगों के मुंह से बस यही दुआ निकल रही है कि भगवान दोनों बच्चों को सुरक्षित रखना। रामपाल खुद भी अपने कलेजों के टुकड़ों को सुरक्षित होने के लिए बार-बार भगवान से प्रार्थना कर रहे थे। रामपाल को लोग ढांढस बांधने कोशिश कर रहे लोग खुद भी आंसू नहीं रोक पा रहे थे।
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दुर्घटना की कहानी, गोवर्धनलाल की जुबानी
दुर्घटना के दौरान गाड़ी में मौजूद संगीता के जेठ और रामपाल के बड़े भाई गोवर्धनलाल ने बताया कि दुर्घटना से पहले सभी गाड़ी में बातें कर रहे थे। अनुज वधू संगीता ने भी जल्द लौटने की बात कही। इसी दौरान वह भाई रामपाल यानी अपने पति से मोबाइल फोन पर बात करें लगी थी। बस इतना ही कह पाई की जल्द ही घर लौट आएंगे। बस इसके बाद गाड़ी नहर में गिर गई और चीख पुकार मच गई थी।
चालक की हालत बिगड़ी, शाहजहांपुर में भर्ती
सुल्तानपुर से लौटते समय चालक कुलदीप की हालात रास्ते में फिर बिगड़ गई थी। इससे उसे शाहजहांपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। कुलदीप के पिता राजेश कुमार ने बताया कि रात लौटते समय अचानक उसकी हालत बिगड़ गई थी। हालांकि डॉक्टरों ने खतरे से बाहर बताया है।
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गांव मैनी रविवार को दिनभर गम में डूबा रहा। रामपाल का पूरा परिवार उसे छोड़कर चला गया। पत्नी संगीता, बेटी चाहत, मां रूपा देवी और साले का पुत्र रूपेश काल के गाल में समा गए। वहीं एक पुत्र रुद्रा और एक पुत्री अनन्या का घटना के बाद से अभी तक कुछ पता नहीं चला सका। इस दर्दनाक घटना को जिसने सुना वहीं सिसक उठा। शनिवार रात करीब 12 बजे शव गांव पहुंचे, तो गांव में चीखपुकार मच गई। हर किसी देखने वाले की आंखें नम थी। सुबह शवों के अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू हुई, तो अंतिम दर्शन के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। दोपहर साढ़े 11 बजे पत्नी, बेटी और मां तीनों अर्थी एक साथ उठने पर गांव गम में डूब गया। गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया कर दिया गया। जबकि साले के पुत्र रूपेश का सुल्तानपुर में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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दोनों बच्चों के सही सलाम की दुआ करते रहे लोग
दुर्घटना में लापता हुए रामपाल के दो बच्चों रुद्रा और अनन्या के सही सलामत होने की गांव में सभी दुआ कर रहे हैं। लोगों के मुंह से बस यही दुआ निकल रही है कि भगवान दोनों बच्चों को सुरक्षित रखना। रामपाल खुद भी अपने कलेजों के टुकड़ों को सुरक्षित होने के लिए बार-बार भगवान से प्रार्थना कर रहे थे। रामपाल को लोग ढांढस बांधने कोशिश कर रहे लोग खुद भी आंसू नहीं रोक पा रहे थे।
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दुर्घटना की कहानी, गोवर्धनलाल की जुबानी
दुर्घटना के दौरान गाड़ी में मौजूद संगीता के जेठ और रामपाल के बड़े भाई गोवर्धनलाल ने बताया कि दुर्घटना से पहले सभी गाड़ी में बातें कर रहे थे। अनुज वधू संगीता ने भी जल्द लौटने की बात कही। इसी दौरान वह भाई रामपाल यानी अपने पति से मोबाइल फोन पर बात करें लगी थी। बस इतना ही कह पाई की जल्द ही घर लौट आएंगे। बस इसके बाद गाड़ी नहर में गिर गई और चीख पुकार मच गई थी।
चालक की हालत बिगड़ी, शाहजहांपुर में भर्ती
सुल्तानपुर से लौटते समय चालक कुलदीप की हालात रास्ते में फिर बिगड़ गई थी। इससे उसे शाहजहांपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। कुलदीप के पिता राजेश कुमार ने बताया कि रात लौटते समय अचानक उसकी हालत बिगड़ गई थी। हालांकि डॉक्टरों ने खतरे से बाहर बताया है।