{"_id":"591471f74f1c1b203485163c","slug":"vaachar-tara-chandra-s-family-got-1-75-lakh-aid","type":"story","status":"publish","title_hn":"वाचर ताराचंद्र के परिवार को मिली 1.75 लाख की सहायता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वाचर ताराचंद्र के परिवार को मिली 1.75 लाख की सहायता
अमर उजाला ब्यूरो पीलीभीत।
Updated Thu, 11 May 2017 11:05 PM IST
विज्ञापन
त्वरित मदद
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाचर ताराचंद्र के परिवार को मिली 1.75 लाख की सहायतावनसंरक्षक ने 1.25 लाख रुपये नकद और 50 हजार का चेक दिया
बाघ के हमले में मारे गए वाचर ताराचंद्र के परिवार को त्वरित मदद के रूप में स्टाफ ने अपना एक दिन का वेतन दिया है। वहीं डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की ओर से भी 50 हजार रुपये का चेक दिया गया। वन संरक्षक वीके सिंह ने बृहस्पतिवार को वाचर ताराचंद्र के घर जाकर पीड़ित परिवार को 1.75 लाख रुपये दिए। कुछ अन्य वनाधिकारियों ने भी अपना एक दिन का वेतन देने की बात कही है।
टाइगर रिजर्व के महोफ रेंज की वनकटी बीट में सोमवार को रेंजर द्वारा आग लगने की सूचना पर गए वाचर ताराचंद को बाघ ने हमलाकर मार डाला था। घटना के बाद अधिकारी उसके परिवार को शासन एवं एनटीसीए से आर्थिक सहायता दिलाने के प्रयास में जुटे हैं। बृहस्पतिवार को वन संरक्षक वीके सिंह से लेकर फारेस्ट गार्ड तक ने अपना वेतन एकत्र किया। यह धनराशि 1.25 लाख रुपये हुई। उधर, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की ओर से 50 हजार रुपये का चेक दिया गया। बृहस्पतिवार दोपहर बाद वन संरक्षक वीके सिंह, डीएफओ कैलाश प्रकाश, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के डॉ. मुदित गुप्ता, परियोजना अधिकारी नरेश कुमार सहित कई अधिकारी वाचर ताराचंद्र के घर गए और 1.25 लाख रुपये नकद व 50 हजार का चेक वाचर की पत्नी को सौंपा। वनसंरक्षक ने बताया कि वन निगम के एमडी, काशी वन्यजीव प्रभाग बनारस के डीएफओ सहित कई अन्य अधिकारियों ने भी अपना एक दिन का वेतन देने की घोषणा की है।
तीसरे दिन भी नहीं मिले ताराचंद्र के अवशेष
बाघ के हमले में मारे गए वाचर ताराचंद्र के दोनों पैर मंगलवार को मिले थे। जानकारों के अनुसार उसे यदि बाघ ने हमलाकर मारा है तो सिर व कूल्हे की हड्डियों सहित शरीर का कुछ भाग तो मिलना चाहिए था। मगर ऐसा न होने पर उसकी हत्या की आशंका भी व्यक्त की जा रही है। इस पर वन संरक्षक ने स्टाफ लगाकर उसकी तलाश तीसरे दिन भी जारी रखी, लेकिन अब तक ताराचंद्र के शरीर के अवशेष नहीं मिले हैं। उसकी मौत का रहस्य गहराता जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बाघ के हमले में मारे गए वाचर ताराचंद्र के परिवार को त्वरित मदद के रूप में स्टाफ ने अपना एक दिन का वेतन दिया है। वहीं डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की ओर से भी 50 हजार रुपये का चेक दिया गया। वन संरक्षक वीके सिंह ने बृहस्पतिवार को वाचर ताराचंद्र के घर जाकर पीड़ित परिवार को 1.75 लाख रुपये दिए। कुछ अन्य वनाधिकारियों ने भी अपना एक दिन का वेतन देने की बात कही है।
टाइगर रिजर्व के महोफ रेंज की वनकटी बीट में सोमवार को रेंजर द्वारा आग लगने की सूचना पर गए वाचर ताराचंद को बाघ ने हमलाकर मार डाला था। घटना के बाद अधिकारी उसके परिवार को शासन एवं एनटीसीए से आर्थिक सहायता दिलाने के प्रयास में जुटे हैं। बृहस्पतिवार को वन संरक्षक वीके सिंह से लेकर फारेस्ट गार्ड तक ने अपना वेतन एकत्र किया। यह धनराशि 1.25 लाख रुपये हुई। उधर, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की ओर से 50 हजार रुपये का चेक दिया गया। बृहस्पतिवार दोपहर बाद वन संरक्षक वीके सिंह, डीएफओ कैलाश प्रकाश, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के डॉ. मुदित गुप्ता, परियोजना अधिकारी नरेश कुमार सहित कई अधिकारी वाचर ताराचंद्र के घर गए और 1.25 लाख रुपये नकद व 50 हजार का चेक वाचर की पत्नी को सौंपा। वनसंरक्षक ने बताया कि वन निगम के एमडी, काशी वन्यजीव प्रभाग बनारस के डीएफओ सहित कई अन्य अधिकारियों ने भी अपना एक दिन का वेतन देने की घोषणा की है।
विज्ञापन
तीसरे दिन भी नहीं मिले ताराचंद्र के अवशेष
बाघ के हमले में मारे गए वाचर ताराचंद्र के दोनों पैर मंगलवार को मिले थे। जानकारों के अनुसार उसे यदि बाघ ने हमलाकर मारा है तो सिर व कूल्हे की हड्डियों सहित शरीर का कुछ भाग तो मिलना चाहिए था। मगर ऐसा न होने पर उसकी हत्या की आशंका भी व्यक्त की जा रही है। इस पर वन संरक्षक ने स्टाफ लगाकर उसकी तलाश तीसरे दिन भी जारी रखी, लेकिन अब तक ताराचंद्र के शरीर के अवशेष नहीं मिले हैं। उसकी मौत का रहस्य गहराता जा रहा है।
विज्ञापन