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अंडरपास के लिए वन विभाग की जमीन से मिट्टी खोदने पर ठनी, काम रुकवाया
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पीलीभीत। बरेली हाईवे के पास अंडरपास बनाने को वन विभाग की जमीन से बिना अनुमति मिट्टी खोदने पर दोनों विभाग के अधिकारियों में विवाद हो गया। 18 पेड़ काटने के बाद मिट्टी खोदकर ले जाने पर सामाजिक वानिकी की टीम ने रेलवे की पोकलैंड मशीन कब्जे में लेकर जब्त कर काम रुकवा दिया। इसके साथ ही वन विभाग ने रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर समेत पांच लोगों पर केस भी काट दिया। वन दरोगा और रेलवे पुलिस के बीच इस मामले को तीखी बहस भी हुई।
बरेली हाइवे से सटे बाईपास पर रेलवे की ओर से अंडरपास का निर्माण कराया जा रहा है। रविवार सुबह रेलवे के ठेकेदार पोकलैंड मशीन लगाकर मिट्टी खोदवा रहे थे। तभी सामाजिक वानिकी के डिप्टी रेंजर धीरेंद्र पाल सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने आरोप लगाया कि रेलवे ठेकेदार ने जामुन के 18 पेड़ काटकर मिट्टी का खुदान किया गया। इसके लिए वन विभाग से पहले से कोई अनुमति नहीं ली गई थी। सामाजिक वानिकी टीम ने पोकलैंड मशीन कब्जे में लेकर रेलवे के अंडरपास निर्माण का काम बंद करा दिया। रेलवे पुलिस ने इसका विरोध किया तो दोनों के बीच मामला गरमा गया। वन दरोगा और रेलवे पुलिस के बीच तीखी बहस हुई। सामाजिक वानिकी टीम सख्ती कर रेलवे की पोकलैंड मशीन वन विभाग के रेंज कार्यालय ले गई। इसके बाद वनरक्षक अंकित कुमार की ओर से रेलवे के सेक्शन इंजीनियर संजीव कुमार, असिस्टेंट इंजीनियर अनिरुद्ध शर्मा, उपनिरीक्षक वाईके यादव, एक आरक्षी, ठेकेदार प्रतापपुर (फिरोजाबाद) निवासी अजय कुमार पर वन अधिनियम के तहत केस काट दिया गया। वहीं रेलवे अफसरों का कहना है कि सामाजिक वानिकी की ओर से जिस जमीन को अपना बताया जा रहा है, वह वन संरक्षित नहीं है।
रेलवे की ओर से वन विभाग के संरक्षित वन क्षेत्र पर बिना अनुमति कार्य किया जा रहा था। इसकी वन विभाग से अनुुमति नहीं ली गई थी। इसके चलते पोकलैंड मशीन को कब्जे में लेकर सीनियर सेक्शन इंजीनियर समेत पांच लोगों पर विभागीय केस काटा गया है। - संजीव कुमार, प्रभागीय वनाधिकारी, वन एवं वन्यजीव प्रभाग
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जिस भूमि को वन संरक्षित भूमि बताया जा रहा है, वह नियमता वन संरक्षित नहीं है। सामाजिक वानिकी टीम ने रेलवे कर्मचारियों से अभद्रता कर उनका मोबाइल फोन छीन लिया और पोकलैंड मशीन भी कब्जे में ले ली। उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराया गया है। - अनिरुद्ध शर्मा, असिस्टेंट इंजीनियर, इज्जतनगर मंडल
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बरेली हाइवे से सटे बाईपास पर रेलवे की ओर से अंडरपास का निर्माण कराया जा रहा है। रविवार सुबह रेलवे के ठेकेदार पोकलैंड मशीन लगाकर मिट्टी खोदवा रहे थे। तभी सामाजिक वानिकी के डिप्टी रेंजर धीरेंद्र पाल सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने आरोप लगाया कि रेलवे ठेकेदार ने जामुन के 18 पेड़ काटकर मिट्टी का खुदान किया गया। इसके लिए वन विभाग से पहले से कोई अनुमति नहीं ली गई थी। सामाजिक वानिकी टीम ने पोकलैंड मशीन कब्जे में लेकर रेलवे के अंडरपास निर्माण का काम बंद करा दिया। रेलवे पुलिस ने इसका विरोध किया तो दोनों के बीच मामला गरमा गया। वन दरोगा और रेलवे पुलिस के बीच तीखी बहस हुई। सामाजिक वानिकी टीम सख्ती कर रेलवे की पोकलैंड मशीन वन विभाग के रेंज कार्यालय ले गई। इसके बाद वनरक्षक अंकित कुमार की ओर से रेलवे के सेक्शन इंजीनियर संजीव कुमार, असिस्टेंट इंजीनियर अनिरुद्ध शर्मा, उपनिरीक्षक वाईके यादव, एक आरक्षी, ठेकेदार प्रतापपुर (फिरोजाबाद) निवासी अजय कुमार पर वन अधिनियम के तहत केस काट दिया गया। वहीं रेलवे अफसरों का कहना है कि सामाजिक वानिकी की ओर से जिस जमीन को अपना बताया जा रहा है, वह वन संरक्षित नहीं है।
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रेलवे की ओर से वन विभाग के संरक्षित वन क्षेत्र पर बिना अनुमति कार्य किया जा रहा था। इसकी वन विभाग से अनुुमति नहीं ली गई थी। इसके चलते पोकलैंड मशीन को कब्जे में लेकर सीनियर सेक्शन इंजीनियर समेत पांच लोगों पर विभागीय केस काटा गया है। - संजीव कुमार, प्रभागीय वनाधिकारी, वन एवं वन्यजीव प्रभाग
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जिस भूमि को वन संरक्षित भूमि बताया जा रहा है, वह नियमता वन संरक्षित नहीं है। सामाजिक वानिकी टीम ने रेलवे कर्मचारियों से अभद्रता कर उनका मोबाइल फोन छीन लिया और पोकलैंड मशीन भी कब्जे में ले ली। उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराया गया है। - अनिरुद्ध शर्मा, असिस्टेंट इंजीनियर, इज्जतनगर मंडल