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Pilibhit News: दो राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल एक फार्मासिस्ट के सहारे
Wed, 21 Jan 2026 11:37 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Wed, 21 Jan 2026 11:37 PM IST
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आयुर्वेद अस्पताल रम्पुरा नत्थू में चिकित्सक की सीट पर मौजूद फार्मासिस्ट। संवाद
- फोटो : 1
बरखेड़ा। दो राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल एक फार्मासिस्ट के सहारे संचालित हो रहे हैं। दोनों अस्पतालों पर कोई चिकित्सक नहीं है। कई महीनों तक चिकित्सक के अवकाश पर रहने से 24 से अधिक गांवों के मरीज प्रभावित हैं।
क्षेत्र के गांव ज्योरहा कल्यानपुर एवं अमखेड़ा लखनऊ के राजकीय आयुर्वेदिक अस्पतालोंं में एक चिकित्सक की नियुक्ति थी। वह दोनों अस्पतालों में तीन-तीन दिन मरीजों को देखते थे। उनके मेडिकल अवकाश जाने से दोनों अस्पतालों पर अब मरीज देखने के लिए कोई चिकित्सक उपलब्ध नहीं है। ऐसे में विभाग के उच्चाधिकारियों ने दोनों अस्पताल में एक फार्मासिस्ट संजय कुमार सिंह को ड्यूटी पर तैनात कर दिया है। वह दोनों अस्पतालों में मरीजों को तीन-तीन दिन देखकर दवा देने का कार्य करेंगे। इन दोनों राजकीय आयुर्वेदिक अस्पतालों के अंतर्गत ज्योरहा कल्यानपुर, इमलिया, बरगदा, सिमरिया ताराचंद, गाजीपुर मुगल, खमरिया, पंडरी, फुटाकुआं, कुर्रैया, रम्पुरा नत्थू, भोपतपुर, बर्रामऊ, मसीत, गंजरहा, प्रतापडांडी, गंगापुरी, पिपरा खास आदि गांवों के लगभग 50 हजार से ज्यादा लोग इलाज के लिए प्रभावित रहेंगे। संवाद
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फोटो-4
नियमित चिकित्सक के न बैठने से गांव के लोगो को इलाज से वंचित रहना पड़ता है। चिकित्सक की स्थायी नियुक्ति जल्द होनी चाहिए।
- राजेश कुमार
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जब-जब अस्पताल गया तो चिकित्सक नहीं मिले। वार्ड बॉय ने ही दवा दी है। इस अव्यवस्था में सुधार होना चाहिए।
- हरीश कुमार
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क्षेत्र के गांव ज्योरहा कल्यानपुर एवं अमखेड़ा लखनऊ के राजकीय आयुर्वेदिक अस्पतालोंं में एक चिकित्सक की नियुक्ति थी। वह दोनों अस्पतालों में तीन-तीन दिन मरीजों को देखते थे। उनके मेडिकल अवकाश जाने से दोनों अस्पतालों पर अब मरीज देखने के लिए कोई चिकित्सक उपलब्ध नहीं है। ऐसे में विभाग के उच्चाधिकारियों ने दोनों अस्पताल में एक फार्मासिस्ट संजय कुमार सिंह को ड्यूटी पर तैनात कर दिया है। वह दोनों अस्पतालों में मरीजों को तीन-तीन दिन देखकर दवा देने का कार्य करेंगे। इन दोनों राजकीय आयुर्वेदिक अस्पतालों के अंतर्गत ज्योरहा कल्यानपुर, इमलिया, बरगदा, सिमरिया ताराचंद, गाजीपुर मुगल, खमरिया, पंडरी, फुटाकुआं, कुर्रैया, रम्पुरा नत्थू, भोपतपुर, बर्रामऊ, मसीत, गंजरहा, प्रतापडांडी, गंगापुरी, पिपरा खास आदि गांवों के लगभग 50 हजार से ज्यादा लोग इलाज के लिए प्रभावित रहेंगे। संवाद
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फोटो-4
नियमित चिकित्सक के न बैठने से गांव के लोगो को इलाज से वंचित रहना पड़ता है। चिकित्सक की स्थायी नियुक्ति जल्द होनी चाहिए।
- राजेश कुमार
जब-जब अस्पताल गया तो चिकित्सक नहीं मिले। वार्ड बॉय ने ही दवा दी है। इस अव्यवस्था में सुधार होना चाहिए।
- हरीश कुमार