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वैज्ञानिक सोच उत्पन्न करने के लिए सराहनीय कार्य: एसडीएम
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Mon, 28 Nov 2016 11:14 PM IST
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वैज्ञानिक सोच उत्पन्न करने के लिए सराहनीय कार्य: एसडीएम
- फोटो : पीलीभ्ाीत/उत्ततर प्रदेश्ा
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जवाहर नवोदय विद्यालय में क्षेत्र स्तरीय राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ एसडीएम बीपी सिंह ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वल कर किया। अपने संबोधन में एसडीएम ने वैज्ञानिक सोच उत्पन्न करने के लिए विद्यालय के कार्य को सराहनीय बताया।
लखनऊ विद्यालय समिति की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसडीएम ने कहा कि छात्रों में वैज्ञानिक सोंच उत्पन्न करने के लिए विद्यालय का सहरानीय कार्य है। इससे बच्चों में वैज्ञानिक सोंच बढ़ेगी। स्टेट कोआर्डिनेटर बीपी सिंह ने कहा कि वैज्ञानिक सोंच के लिए डिग्री आवश्यक नहीं। घटनाओं को विवेचनात्मक रूप से देखना ही विज्ञान है। विद्यालय के प्राचार्य/सहायक आयुक्त लखनऊ संभाग जीएस अवस्थी ने कहा कि घटना को ध्यान से देखकर विवेचना जरुरी है। कार्यकम में चार संकुल लखनऊ, आगरा, हरिद्वार, वाराणसी के कई विद्यालयों से 35 चयनित बच्चों ने मॉडल प्रस्तुत किए। जिसमें चार मॉडलों को चयनित किया गया। उनकों पुणे में राष्ट स्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस में प्रस्तुत किया जाएगा। इस मौके पर रीजनल कोआर्डिनेट करमचंद, जिला समन्वयक अनिल कुमार, प्रोजेक्ट कोआर्डिनेट डीके मिश्रा मौजूद रहे।
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लखनऊ विद्यालय समिति की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसडीएम ने कहा कि छात्रों में वैज्ञानिक सोंच उत्पन्न करने के लिए विद्यालय का सहरानीय कार्य है। इससे बच्चों में वैज्ञानिक सोंच बढ़ेगी। स्टेट कोआर्डिनेटर बीपी सिंह ने कहा कि वैज्ञानिक सोंच के लिए डिग्री आवश्यक नहीं। घटनाओं को विवेचनात्मक रूप से देखना ही विज्ञान है। विद्यालय के प्राचार्य/सहायक आयुक्त लखनऊ संभाग जीएस अवस्थी ने कहा कि घटना को ध्यान से देखकर विवेचना जरुरी है। कार्यकम में चार संकुल लखनऊ, आगरा, हरिद्वार, वाराणसी के कई विद्यालयों से 35 चयनित बच्चों ने मॉडल प्रस्तुत किए। जिसमें चार मॉडलों को चयनित किया गया। उनकों पुणे में राष्ट स्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस में प्रस्तुत किया जाएगा। इस मौके पर रीजनल कोआर्डिनेट करमचंद, जिला समन्वयक अनिल कुमार, प्रोजेक्ट कोआर्डिनेट डीके मिश्रा मौजूद रहे।
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