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Pilibhit News: बाघिन खाती रही बकरी, वनकर्मी करते रहे पिंजरे में फंसने का इंतजार

Sat, 20 Jan 2024 01:19 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 20 Jan 2024 01:19 AM IST
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Tigress kept eating goat, forest workers kept waiting to get trapped in the cage
कलीनगर। बाघिन की देवहा नदी के क्षेत्र में सक्रियता जारी है। शुक्रवार को बाघिन निगरानी में जुटी टीम से कुछ दूरी पर एक दिन पूर्व शिकार कर मारी गई बकरी के मांस को खाती रही। वनकर्मी दूरी बनाकर बाघिन के पिंजरे में कैद होने का इंतजार करते रहे। वहीं बाघिन की सेहत पर भी सवाल बरकरार है। सात दिन पूर्व शहर से सटे असम हाईवे के क्षेत्र में बाघिन की मौजूदगी देखी गई थी। इसके बाद से बाघिन देवहा नदी के क्षेत्र में डेरा जमाये हुए है। नौगवा क्षेत्र से लेकर सड़िया गांव की सीमा तक बाघिन चहलकदमी कर रही है। दो दिन से बाघिन की इस्लामनगर क्षेत्र में देवहा नदी के किनारे मौजूदगी देखी जा रही है।
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डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल की मौजूदगी में वनकर्मियों ने पिंजरा लगाकर एक बकरी को उसमें बांधा था। सक्रियता का पता लगाने के लिए पिंजरे के बाहर भी एक बकरी बांधी गई थी। बृहस्पतिवार रात बाघिन ने पिंजरे के नजदीक पहुंचकर बाहर बंधी बकरी का शिकार किया था। शुक्रवार को भी इस्लामनगर क्षेत्र में देवहा नदी के किनारे ही बाघिन की मौजूदगी बनी रही।
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ग्रामीणों ने बताया कि निगरानी में जुटी टीम के नजदीक ही बाघिन एक दिन पूर्व मारी गई बकरी के मांस को खाती रही, जबकि वनकर्मी दूरी बनाकर निगरानी करते रहे। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग महज औपचारिकताएं निभा रहा है। बाघिन के पिंजरे में कैद होने का इंतजार किया जा रहा है।
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कहीं खराब सेहत तो नहीं रेस्क्यू न करने की वजह
तीन दिन पूर्व ही बाघिन को पकड़ने को लेकर अफसरों से अनुमति मिल जाने की बात कही थी। इसी बीच बाघिन की सेहत को लेकर सवाल उठने लगे। सड़िया गांव में चहलकदमी करते हुए बाघिन के दो वीडियो भी वायरल हुए, जिसमें वह काफी कमजाेर नजर आ रही है। ग्रामीण भी कमजोेर हो जाने की बात कह रहे थे। इसके बाद अफसरों ने बाघिन को पकड़ने के लिए पिंजरा लगवा दिया। हकीकत परखने के लिए चार कैमरे भी लगाए गए। ऐसे में रेस्क्यू शुरू न करने के पीछे बाघिन की सेहत भी अहम वजह बताई जा रही है।
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