फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   tiger terror

बाघ खदेड़ने के लिए बरसाए ईंट पत्थर तो वन कर्मियों पर तीन बार किया हमला

Sat, 02 May 2020 11:51 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 02 May 2020 11:51 PM IST
विज्ञापन
tiger terror
पीलीभीत। जराकोठी पुलिस चौकी के समीप किसान समेत तीन लोगों पर हमला करने वाला बाघ शुक्रवार को देर रात जंगल में चला गया। इससे पहले देर शाम को उसे खदेड़ने के अभियान के दौरान भीड़ ने ईंट पत्थर बरसाए तो वह आक्रामक हो गया और इस काम में लगी वन विभाग की टीम पर तीन बार हमला बोला। ईंट-पत्थर फेंकने वालों में वनकर्मी भी शामिल रहे, नजदीक होने के कारण बाघ ने इसलिए उन पर हमला बोला। बाघ के जंगल में चले जाने के बाद शनिवार सुबह से ही हमलावर बाघ पर निगरानी करना शुरू कर दी गई।
विज्ञापन

असम हाइवे से महज 700 मीटर की दूरी पर जराकोठी शिवनगर मार्ग पर झाड़ियों में छिपे बाघ ने शुक्रवार सुबह सात बजे गांव लालपुर निवासी रामबहादुर, लालता प्रसाद और गांव जरी निवासी बुजुर्ग उजागर सिंह पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। दो घंटे बाद पहुंचे टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने बाघ को खदेड़ने का अभियान शुरू कर दिया। कुछ ही देर में भीड़ भी मौके पर जमा हो गई। बाघ वहां से जाकर नहर किनारे बैठ गया। भीड़ में कुछ लोगों ने बाघ को वहां से निकालने के लिए उस पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। कुछ लोगों ने पटाखे भी दागे। इससे बाघ गुस्से में आ गया और उसने कांबिंग में लगी टाइगर रिजर्व की टीम के ट्रैक्टर पर छलांग लगा दी। इससे कवर्ड ट्रैक्टर में बैठे वनकर्मियों में हड़कंप मच गया। इसके बावजूद बाघ को खदेड़ने के प्रयास चलते रहे इस बीच दोपहर को ही बाघ ने एक बार फिर टीम पर हमला किया। बाघ के गुस्से को देखकर कांबिंग रोक दी गई। अधिकारी भी मौके से चले गए। हालांकि वनकर्मी और पुलिस मौके पर मौजूद रहे।
विज्ञापन

दोपहर ढाई बजे से लेकर शाम 7:30 बजे तक बाघ ने कोई हरकत नहीं की। शाम 7:30 बजे के बाद बाघ नहर से निकलकर जैसे ही खेतों की ओर बढ़ा, वनकर्मियों ने उसके पीछे ट्रैक्टर दौड़ा दिया। गुस्साए बाघ ने तीसरी बार ट्रैक्टर पर बैठी टीम पर हमला कर दिया। इससे वनकर्मी घबरा गए और उन्होंने पीछे हटना ही ठीक समझा। अधिकारियों के मुताबिक देर रात बाघ खेतों से होता हुआ सुरक्षित जंगल की ओर चला गया। सुरक्षा की दृष्टि से शनिवार सुबह तड़के भी कांबिंग कराई गई। घटनास्थल के आसपास घरों के चारों ओर खाबर (जाल) भी लगा दिया गया है। बाघ की मॉनिटरिंग के लिए घटनास्थल के आसपास टीम लगाई गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

घायलों की हालत में सुधार, हर एक को मिलेंगे 10 हजार
बाघ के हमले में घायल उजागर सिंह, रामबहादुर और लालता प्रसाद को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सीएमएस डॉ. रतनपाल सिंह सुमन ने बताया कि तीनों की हालत में सुधार है। इधर, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के परियोजना अधिकारी नरेश कुमार ने भी अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना। उन्होंने बताया कि तीनों घायलों को 10-10 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी।

घटना स्थल पर सुुबह तड़के कांबिंग कराई गई है। बाघ देर रात खेतों से होता हुआ सुरक्षित जंगल की ओर चला गया है। घटनास्थल के आसपास मॉनिटरिंग को टीमें लगाई गई हैं। - नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, टाइगर रिजर्व
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed