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बाघ खदेड़ने के लिए बरसाए ईंट पत्थर तो वन कर्मियों पर तीन बार किया हमला
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पीलीभीत। जराकोठी पुलिस चौकी के समीप किसान समेत तीन लोगों पर हमला करने वाला बाघ शुक्रवार को देर रात जंगल में चला गया। इससे पहले देर शाम को उसे खदेड़ने के अभियान के दौरान भीड़ ने ईंट पत्थर बरसाए तो वह आक्रामक हो गया और इस काम में लगी वन विभाग की टीम पर तीन बार हमला बोला। ईंट-पत्थर फेंकने वालों में वनकर्मी भी शामिल रहे, नजदीक होने के कारण बाघ ने इसलिए उन पर हमला बोला। बाघ के जंगल में चले जाने के बाद शनिवार सुबह से ही हमलावर बाघ पर निगरानी करना शुरू कर दी गई।
असम हाइवे से महज 700 मीटर की दूरी पर जराकोठी शिवनगर मार्ग पर झाड़ियों में छिपे बाघ ने शुक्रवार सुबह सात बजे गांव लालपुर निवासी रामबहादुर, लालता प्रसाद और गांव जरी निवासी बुजुर्ग उजागर सिंह पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। दो घंटे बाद पहुंचे टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने बाघ को खदेड़ने का अभियान शुरू कर दिया। कुछ ही देर में भीड़ भी मौके पर जमा हो गई। बाघ वहां से जाकर नहर किनारे बैठ गया। भीड़ में कुछ लोगों ने बाघ को वहां से निकालने के लिए उस पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। कुछ लोगों ने पटाखे भी दागे। इससे बाघ गुस्से में आ गया और उसने कांबिंग में लगी टाइगर रिजर्व की टीम के ट्रैक्टर पर छलांग लगा दी। इससे कवर्ड ट्रैक्टर में बैठे वनकर्मियों में हड़कंप मच गया। इसके बावजूद बाघ को खदेड़ने के प्रयास चलते रहे इस बीच दोपहर को ही बाघ ने एक बार फिर टीम पर हमला किया। बाघ के गुस्से को देखकर कांबिंग रोक दी गई। अधिकारी भी मौके से चले गए। हालांकि वनकर्मी और पुलिस मौके पर मौजूद रहे।
दोपहर ढाई बजे से लेकर शाम 7:30 बजे तक बाघ ने कोई हरकत नहीं की। शाम 7:30 बजे के बाद बाघ नहर से निकलकर जैसे ही खेतों की ओर बढ़ा, वनकर्मियों ने उसके पीछे ट्रैक्टर दौड़ा दिया। गुस्साए बाघ ने तीसरी बार ट्रैक्टर पर बैठी टीम पर हमला कर दिया। इससे वनकर्मी घबरा गए और उन्होंने पीछे हटना ही ठीक समझा। अधिकारियों के मुताबिक देर रात बाघ खेतों से होता हुआ सुरक्षित जंगल की ओर चला गया। सुरक्षा की दृष्टि से शनिवार सुबह तड़के भी कांबिंग कराई गई। घटनास्थल के आसपास घरों के चारों ओर खाबर (जाल) भी लगा दिया गया है। बाघ की मॉनिटरिंग के लिए घटनास्थल के आसपास टीम लगाई गई है।
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घायलों की हालत में सुधार, हर एक को मिलेंगे 10 हजार
बाघ के हमले में घायल उजागर सिंह, रामबहादुर और लालता प्रसाद को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सीएमएस डॉ. रतनपाल सिंह सुमन ने बताया कि तीनों की हालत में सुधार है। इधर, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के परियोजना अधिकारी नरेश कुमार ने भी अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना। उन्होंने बताया कि तीनों घायलों को 10-10 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी।
घटना स्थल पर सुुबह तड़के कांबिंग कराई गई है। बाघ देर रात खेतों से होता हुआ सुरक्षित जंगल की ओर चला गया है। घटनास्थल के आसपास मॉनिटरिंग को टीमें लगाई गई हैं। - नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, टाइगर रिजर्व
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असम हाइवे से महज 700 मीटर की दूरी पर जराकोठी शिवनगर मार्ग पर झाड़ियों में छिपे बाघ ने शुक्रवार सुबह सात बजे गांव लालपुर निवासी रामबहादुर, लालता प्रसाद और गांव जरी निवासी बुजुर्ग उजागर सिंह पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। दो घंटे बाद पहुंचे टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने बाघ को खदेड़ने का अभियान शुरू कर दिया। कुछ ही देर में भीड़ भी मौके पर जमा हो गई। बाघ वहां से जाकर नहर किनारे बैठ गया। भीड़ में कुछ लोगों ने बाघ को वहां से निकालने के लिए उस पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। कुछ लोगों ने पटाखे भी दागे। इससे बाघ गुस्से में आ गया और उसने कांबिंग में लगी टाइगर रिजर्व की टीम के ट्रैक्टर पर छलांग लगा दी। इससे कवर्ड ट्रैक्टर में बैठे वनकर्मियों में हड़कंप मच गया। इसके बावजूद बाघ को खदेड़ने के प्रयास चलते रहे इस बीच दोपहर को ही बाघ ने एक बार फिर टीम पर हमला किया। बाघ के गुस्से को देखकर कांबिंग रोक दी गई। अधिकारी भी मौके से चले गए। हालांकि वनकर्मी और पुलिस मौके पर मौजूद रहे।
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दोपहर ढाई बजे से लेकर शाम 7:30 बजे तक बाघ ने कोई हरकत नहीं की। शाम 7:30 बजे के बाद बाघ नहर से निकलकर जैसे ही खेतों की ओर बढ़ा, वनकर्मियों ने उसके पीछे ट्रैक्टर दौड़ा दिया। गुस्साए बाघ ने तीसरी बार ट्रैक्टर पर बैठी टीम पर हमला कर दिया। इससे वनकर्मी घबरा गए और उन्होंने पीछे हटना ही ठीक समझा। अधिकारियों के मुताबिक देर रात बाघ खेतों से होता हुआ सुरक्षित जंगल की ओर चला गया। सुरक्षा की दृष्टि से शनिवार सुबह तड़के भी कांबिंग कराई गई। घटनास्थल के आसपास घरों के चारों ओर खाबर (जाल) भी लगा दिया गया है। बाघ की मॉनिटरिंग के लिए घटनास्थल के आसपास टीम लगाई गई है।
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घायलों की हालत में सुधार, हर एक को मिलेंगे 10 हजार
बाघ के हमले में घायल उजागर सिंह, रामबहादुर और लालता प्रसाद को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सीएमएस डॉ. रतनपाल सिंह सुमन ने बताया कि तीनों की हालत में सुधार है। इधर, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के परियोजना अधिकारी नरेश कुमार ने भी अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना। उन्होंने बताया कि तीनों घायलों को 10-10 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी।
घटना स्थल पर सुुबह तड़के कांबिंग कराई गई है। बाघ देर रात खेतों से होता हुआ सुरक्षित जंगल की ओर चला गया है। घटनास्थल के आसपास मॉनिटरिंग को टीमें लगाई गई हैं। - नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, टाइगर रिजर्व