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Pilibhit News: जानलेवा हमले और गैंगस्टर एक्ट में दोषी को तीन साल का कारावास
Tue, 27 Oct 2026 12:39 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Tue, 27 Oct 2026 12:39 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफटीसी)/गैंगस्टर एक्ट अनु सक्सेना की अदालत ने जानलेवा हमले, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट के मामले में दोषी को तीन साल के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर कुल 11 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन के अनुसार, थाना दियोरिया कलां क्षेत्र के गांव देवकली निवासी चिरौंजी लाल कुशवाहा पुत्र माखन लाल व मोहल्ला हबीबुल्ला खा जनूवी केशकील अहमद के खिलाफ थाना बीसलपुर में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद वाद विवेचना आराेप पत्र न्यायालय मे दाखिल किया। न्यायालय ने सुनवाई के बाद आरोपित चिरौंजी लाल कुशवाहा को दोषी पाते हुए धारा 307/34 आईपीसी के तहत तीन साल का कारावास और चार हजार रुपये जुर्माना, गैंगस्टर एक्ट की धारा 3(2) के तहत तीन साल का कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना व आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत तीन साल का कारावास और दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। अदालत ने आदेश दिया कि तीनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। जुर्माना अदा नहीं करने पर संबंधित धाराओं में एक-एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। आरोपी शकील अहमद के विरुद्ध अपराध सिद्ध न होने पर दोषमुक्त किया गया।
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पीलीभीत। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफटीसी)/गैंगस्टर एक्ट अनु सक्सेना की अदालत ने जानलेवा हमले, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट के मामले में दोषी को तीन साल के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर कुल 11 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन के अनुसार, थाना दियोरिया कलां क्षेत्र के गांव देवकली निवासी चिरौंजी लाल कुशवाहा पुत्र माखन लाल व मोहल्ला हबीबुल्ला खा जनूवी केशकील अहमद के खिलाफ थाना बीसलपुर में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद वाद विवेचना आराेप पत्र न्यायालय मे दाखिल किया। न्यायालय ने सुनवाई के बाद आरोपित चिरौंजी लाल कुशवाहा को दोषी पाते हुए धारा 307/34 आईपीसी के तहत तीन साल का कारावास और चार हजार रुपये जुर्माना, गैंगस्टर एक्ट की धारा 3(2) के तहत तीन साल का कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना व आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत तीन साल का कारावास और दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। अदालत ने आदेश दिया कि तीनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। जुर्माना अदा नहीं करने पर संबंधित धाराओं में एक-एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। आरोपी शकील अहमद के विरुद्ध अपराध सिद्ध न होने पर दोषमुक्त किया गया।
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