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भटककर गांव पहुंचा चीतल का बच्चा
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Mon, 28 Nov 2016 10:22 PM IST
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भटककर गांव पहुंचा चीतल का बच्चा
- फोटो : पीलीभ्ाीत/उत्ततर प्रदेश्ा
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जंगल से भटककर चीतल का एक बच्चा गांव में आ गया। शिवमंदिर पर रहने वाले बाबाजी ने उसे कुत्तों से बचाकर पशुशाला में रख लिया। बाद में सूचना पर पहुंचे वनकर्मी उसे अपने साथ ले गए।
जमुनिया खासपुर में गांव के पूरब उत्तर की ओर शिव मंदिर के रहने वाले बाबा वीरबल ने बताया रविवार सुबह पूर्जा अर्चना से पूर्व साफ सफाई कर रहे थे। इसी दौरान खेतों की ओर से उन्हें चीतल का बच्चा दिखाई दिया। उसे देखकर कुछ कुत्ते भौकने लगे। उन्होंने आनन फानन कुत्तों को भगाया और चीतल के बच्चे को मंदिर परिसर में ले गये। हालांकि उसके शरीर पर कोई चोट का निशान नहीं मिला। बाद में उसे मंदिर परिसर में बनी पशुशाला में सुरक्षित रखा गया। गांव के लोगों को भी इसकी सूचना मिल गई। उसे देखने वाले जमा होने लगे। कुछ देर बाद ही वन विभाग को भी सूचना दी गई लेकिन बाघ प्रकरण में उलझे वन विभाग के अधिकारियों ने खुद न आकर वाचर को गांव में भेज दिया। हालांकि वाचर चीतल को लेकर चले गए। डिप्टी रेंजर आरिफ जमाल ने बताया उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। हो सकता है रेंजर के आदेश पर स्टाफ उसे लेकर आया हो।
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जमुनिया खासपुर में गांव के पूरब उत्तर की ओर शिव मंदिर के रहने वाले बाबा वीरबल ने बताया रविवार सुबह पूर्जा अर्चना से पूर्व साफ सफाई कर रहे थे। इसी दौरान खेतों की ओर से उन्हें चीतल का बच्चा दिखाई दिया। उसे देखकर कुछ कुत्ते भौकने लगे। उन्होंने आनन फानन कुत्तों को भगाया और चीतल के बच्चे को मंदिर परिसर में ले गये। हालांकि उसके शरीर पर कोई चोट का निशान नहीं मिला। बाद में उसे मंदिर परिसर में बनी पशुशाला में सुरक्षित रखा गया। गांव के लोगों को भी इसकी सूचना मिल गई। उसे देखने वाले जमा होने लगे। कुछ देर बाद ही वन विभाग को भी सूचना दी गई लेकिन बाघ प्रकरण में उलझे वन विभाग के अधिकारियों ने खुद न आकर वाचर को गांव में भेज दिया। हालांकि वाचर चीतल को लेकर चले गए। डिप्टी रेंजर आरिफ जमाल ने बताया उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। हो सकता है रेंजर के आदेश पर स्टाफ उसे लेकर आया हो।
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