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Pilibhit News: दहाड़ तो गूंजी, लेकिन घटी सैलानियों की संख्या, राजस्व घटा

Tue, 12 May 2026 01:46 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 12 May 2026 01:46 AM IST
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The roar resounded, but the number of tourists decreased, and revenue decreased.
पीटीआर में जंगल सफारी के दौरान लिया गया बाघोंं का अद्भुत चित्र। स्रोत सैलानी - फोटो : पूर्व हवलदार एवं दिव्यांग राजेश कुमार मलिक।
पीलीभीत। प्राकृतिक सुंदरता, जंगल सफारी और बाघों के रोमांच के लिए प्रसिद्ध पीलीभीत टाइगर रिजर्व में इस बार पर्यटकों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। पिछले पर्यटन सत्र की तुलना में इस वर्ष नवंबर से अप्रैल तक करीब पांच हजार कम सैलानी पहुंचे हैं। इससे विभागीय राजस्व पर भी असर पड़ा है।
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पीटीआर का पर्यटन सत्र प्रत्येक वर्ष नवंबर माह में शुरू होकर जून तक चलता है। महोफ रेंज स्थित चूका बीच यहां का प्रमुख आकर्षण है। शारदा डैम के किनारे स्थित चूका बीच पर बनी हटें और प्राकृतिक वातावरण सैलानियों को आकर्षित करते हैं। इसके अलावा जंगल सफारी के लिए करीब सौ वाहन लगाए गए हैं। महोफ, मुस्तफाबाद और बराही गेट से सफारी बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। तीन घंटे की जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों को सप्तसरोवर, सातझाल और बाइफरकेशन समेत कई पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जाता है। सफारी के दौरान बाघों के दीदार को लेकर पर्यटकों में विशेष उत्साह रहता है।
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अधिकारियों के अनुसार अधिकांश दिनों में पर्यटकों को बाघ दिखाई देते हैं। इधर इस सत्र के दौरान भी बेहतर व्यवस्थाओं के बीच सैलानियों ने जंगल सफारी का आनंद लिया। बाघों के दीदार भी हुए। अधिकांश दिन बाघों के वीडियो और फोटो वायरल होते रहे, लेकिन फिर भी संख्या में गिरावट दर्ज की गई है।
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अप्रैल तक पिछले सत्र में पहुंचे 39,453, इस बार संख्या रही 34,351
आंकड़ों के अनुसार, पिछले पर्यटन सत्र में नवंबर से अप्रैल तक 39,453 पर्यटक पीटीआर पहुंचे थे, जबकि इस बार इसी अवधि में 34,351 पर्यटकों की आमद दर्ज की गई। यानी करीब पांच हजार सैलानी कम पहुंचे। सबसे अधिक गिरावट मुस्तफाबाद प्रवेश काउंटर पर दर्ज की गई। पिछले सत्र में अप्रैल तक यहां से 35,737 पर्यटकों ने जंगल सफारी की थी, जबकि इस बार यह संख्या घटकर 26,408 रह गई। हालांकि महोफ गेट पर पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है। पिछले सत्र में जहां 3,716 पर्यटक पहुंचे थे। वहीं इस बार अप्रैल तक 4,243 पर्यटकों ने सफारी कराई। इसके अलावा इस सत्र में शुरू किए गए बराही गेट से अप्रैल तक 3,700 पर्यटकों ने बुकिंग कराई। बावजूद इसके कुल पर्यटक संख्या में गिरावट ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है।
करीब 14 लाख राजस्व में आई गिरावट
सैलानियों की संख्या कम होने से विभाग को राजस्व का भी नुकसान पहुंचा है। पिछले सत्र में जहां नवंबर से अप्रैल तक सैलानियों की आमद से विभाग को 83.98 लाख का राजस्व हुआ था। इस बार अप्रैल माह तक विभाग को 69.53 लाख का राजस्व हुआ। इस बार पिछले सत्र की अपेक्षा 14 लाख रुपये से अधिक के राजस्व में गिरावट दर्ज की गई है। संवाद

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इस बार संख्या में जरूर कुछ गिरावट दर्ज की गई है। उसके पीछे प्रमुख कारण यह भी रहा कि पर्यटन स्थल पहुंचने वाले प्रमुख मार्गों के डगा और कलीनगर पुल पर आवागमन बंद होने से स्थानीय पर्यटक कम पहुंचे। अन्य भी कई कारण रहे।
- मनीष सिंह, डीएफओ, पीटीआर
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