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Pilibhit News: बाघों के लिए आरक्षित किया जाएगा निर्माणाधीन रेस्क्यू सेंटर

Sun, 20 Oct 2024 02:24 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 20 Oct 2024 02:24 AM IST
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The rescue center under construction will be reserved for tigers
जंगल में विचरण करता बाघ। फाइल फोटो
पीलीभीत। पीलीभीत के पूरनपुर क्षेत्र में बन रहे रेस्क्यू सेंटर को बाघों के लिए आरक्षित किया जाएगा। वहीं चित्रकूट और मेरठ के रेस्क्यू सेंटर में तेंदुओं को रखने की योजना है।
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पीलीभीत टाइगर रिजर्व में वर्ष 2020 की गणना के मुताबिक, 65 से अधिक बाघ होने की पुष्टि हुई थी। बढ़ती संख्या के बाद बाघ की सक्रियता भी बढ़ गई, मगर वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए संस्थानों में कोई इजाफा नहीं हो सका। वहीं रेस्क्यू सेंटर न होने से बाघों और तेंदुओं को रेस्क्यू करने के बाद बाहर भेजना पड़ा। इसको लेकर वर्ष 2020 में शासन ने रेस्क्यू सेंटर को मंजूरी मिली।
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इसके बाद पूरनपुर के गोपालपुर क्षेत्र में पांच हेक्टेयर भूमि पर रेस्क्यू सेंटर के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। दो चरणों में होने वाले कार्य के लिए दस करोड़ रुपये मंजूर किए गए। इसमें पहले चरण में करीब चार करोड़ का बजट जारी किया गया। अब तक यहां बाघ और तेंदुए को रेस्क्यू के बाद रखने की बात कही जा रही थी। अब सिर्फ बाघों को रखने की बात की जा रही है।
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दस से अधिक बाघों के रखने की होगी व्यवस्था
रेस्क्यू सेंटर में एक साथ दस से अधिक बाघों के रखने की व्यवस्था की जाएगी। चिकित्सकों के अलावा अन्य टीमें भी तैनात रहेंगी। हिंसक होने के साथ व्यवहार में परिवर्तन और बीमार होने की स्थिति में रेस्क्यू सेंटर वन्यजीवों का सहारा बनेगा।


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रेस्क्यू सेंटर का यह है लाभ

रेस्क्यू सेंटर में वन्यजीवों के रहने के लिए बाड़े, फीडिंग चैंबर, मेडिकल सुविधाएं, कीपर्स आदि मुहैया कराए जाएंगे। इसके अलावा तालाब भी विकसित किए जाएंगे। वन्यजीवों को पानी की कमी महसूस न हो इसके लिए तालाबों को सौर पंप लगाकर पानी से भरा जाएगा।


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बाघों के संरक्षण के लिए पूरनपुर में रेस्क्यू सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। यहां प्रदेश भर के बाघों को संरक्षित किया जाएगा।
-डॉ. अरुण सक्सेना, वन राज्यमंत्री
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