{"_id":"5891eacd4f1c1b313de82b77","slug":"the-remaining-42-electoral-warrior","type":"story","status":"publish","title_hn":" चुनावी समर में बचे 42 योद्धा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चुनावी समर में बचे 42 योद्धा
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Wed, 01 Feb 2017 10:51 PM IST
विज्ञापन
चुनावी समर में बचे 42 योद्धा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया में बुधवार को बरखेड़ा क्षेत्र से दो प्रत्याशियों ने नाम वापस ले लिए। इससे अब जिले की चार सीटों पर 42 प्रत्याशी मैदान हैं। नाम वापसी के बाद शाम को सभी प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित किए गए। जिले की चारों सीटों के लिए 20 जनवरी से शुरू हुए नामांकन में 27 जनवरी तक कुल 47 प्रत्याशियों ने पर्चे भरे थे। इसमें तीन नामांकन जिसमें बीसलपुर से सर्व संभाव पार्टी के प्रत्याशी धर्मेन्द्र व पूरनपुर से लोकगठबंधन पार्टी के ओमकार व निर्दलीय राजेंद्र कुमार के नामांकन जांच के दौरान निरस्त हो गए थे। अब बुधवार को बरखेड़ा क्षेत्र से सपा प्रत्याशी राज्यमंत्री हेमराज वर्मा के भाई ब्लाक प्रमुख अरुण गंगवार एवं निर्दलीय प्रत्याशी नीता ने नामांकन वापस ले लिया। इससे अब जिले में प्रत्याशियों की संख्या घटकर 42 हो गई हैं। तीन बजे तक चली नाम वापसी प्रक्रिया के बाद चुनाव प्रेक्षकों की मौजूदगी में सभी प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित किए गए।
शहर में सगे भाई आमने सामने
जिले में शहर विधानसभा सीट से पिछले चुनाव की तरह इस बार भी दो सगे भाई आमने सामने हैं। शहर सीट से भाजपा प्रत्याशी संजय गंगवार के भाई विजय गंगवार भी इस बार चुनाव मैदान में हैं। पिछले चुनाव में भी उन्होंने अपने भाई के खिलाफ चुनाव लड़ा था जिसमें उन्हें 1886 मत मिले थे। हालांकि इस बार उनका नाम वापस होने की उम्मीद थी और बुधवार को उनके प्रस्तावक नाम वापस लेने कलक्ट्रेट पहुंचे लेकिन नाम वापसी फार्म पर विजय गंगवार के हस्ताक्षर न होने के कारण आरओ ने नामांकन वापस करने से इंकार कर दिया।
विज्ञापन
शहर में सगे भाई आमने सामने
जिले में शहर विधानसभा सीट से पिछले चुनाव की तरह इस बार भी दो सगे भाई आमने सामने हैं। शहर सीट से भाजपा प्रत्याशी संजय गंगवार के भाई विजय गंगवार भी इस बार चुनाव मैदान में हैं। पिछले चुनाव में भी उन्होंने अपने भाई के खिलाफ चुनाव लड़ा था जिसमें उन्हें 1886 मत मिले थे। हालांकि इस बार उनका नाम वापस होने की उम्मीद थी और बुधवार को उनके प्रस्तावक नाम वापस लेने कलक्ट्रेट पहुंचे लेकिन नाम वापसी फार्म पर विजय गंगवार के हस्ताक्षर न होने के कारण आरओ ने नामांकन वापस करने से इंकार कर दिया।
विज्ञापन