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Pilibhit News: तीन साल में ही बदहाल हो गए शहर के पार्क
Fri, 21 Jul 2023 12:13 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Fri, 21 Jul 2023 12:13 AM IST
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पीलीभीत। अमृत मिशन योजना के तहत शहर के तीन पार्कों का लाखों रुपये खर्च करके सुंदरीकरण कराया गया था। पार्कों की खूबसूरती बढ़ने के बाद बड़ी संख्या में लोग पार्कों में जाने लगे थे। अब ये पार्क बदहाल हो गए हैं। शहर के बीचोंबीच स्थित रामस्वरूप पार्क की स्थिति तो और ज्यादा खराब हो गई है। लोगों ने भी पार्कों से दूरी बना ली है।
अमृत मिशन योजना के तहत शहर के रामस्वरूप पार्क, नेहरू उद्यान और एकता सरोवर में लाखों रुपये से सुंदरीकरण के काम कराए गए थे। रामस्वरूप पार्क का सुंदरीकरण 2016-2017 में कराया गया था। इस पर 14 लाख रुपये खर्च किए गए थे। पार्क में झूले, सीटें, डस्टविन और प्रकाश व्यवस्था की गई थी।
बाजार में आने वाले लोग खाली समय में पार्क में जाकर बैठते थे। बच्चे भी झूला झूलने के लिए दिन भर पार्क में जमे रहते थे। अब पार्क की बदहाली का आलम यह है कि पार्क में बड़ी-बड़ी घास उग आई है। इससे लोगों को पार्क में जाने से डर लगता है। कई माह से पार्क की सफाई ही नहीं की गई है। बच्चों के लिए लगाए गए सभी झूले टूट गए हैं।
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देखरेख के अभाव में लाखों रुपये हुए बर्बाद
वैसे तो पार्कों की देखरेख का जिम्मा पालिका के कर्मचारियों पर है, लेकिन वे महीनों से पार्कों में नहीं झांके हैं। इससे पार्क बदहाल हो गए हैं। इन पर खर्च किया गया लाखों रुपये का बजट बेकार साबित हो रहा है।
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अमृत मिशन योजना के तहत शहर के रामस्वरूप पार्क, नेहरू उद्यान और एकता सरोवर में लाखों रुपये से सुंदरीकरण के काम कराए गए थे। रामस्वरूप पार्क का सुंदरीकरण 2016-2017 में कराया गया था। इस पर 14 लाख रुपये खर्च किए गए थे। पार्क में झूले, सीटें, डस्टविन और प्रकाश व्यवस्था की गई थी।
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बाजार में आने वाले लोग खाली समय में पार्क में जाकर बैठते थे। बच्चे भी झूला झूलने के लिए दिन भर पार्क में जमे रहते थे। अब पार्क की बदहाली का आलम यह है कि पार्क में बड़ी-बड़ी घास उग आई है। इससे लोगों को पार्क में जाने से डर लगता है। कई माह से पार्क की सफाई ही नहीं की गई है। बच्चों के लिए लगाए गए सभी झूले टूट गए हैं।
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देखरेख के अभाव में लाखों रुपये हुए बर्बाद
वैसे तो पार्कों की देखरेख का जिम्मा पालिका के कर्मचारियों पर है, लेकिन वे महीनों से पार्कों में नहीं झांके हैं। इससे पार्क बदहाल हो गए हैं। इन पर खर्च किया गया लाखों रुपये का बजट बेकार साबित हो रहा है।