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बराही रेंज में बनेगा नया इको टूरिज्म स्पॉट
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पीलीभीत। एनटीसीए टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में पर्यटकों के रात्रि विश्राम पर रोक लगाने के बाद टाइगर रिजर्व प्रशासन ने एक और टूरिज्म स्पॉट विकसित करने की योजना पिछले दिनों बनाई थी। काफी खोजबीन के बाद टाइगर रिजर्व प्रशासन ने अब इसके लिए जगह तय कर ली है। बराही रेंज के सिमरा स्थित जमीन को उपयुक्त पाया गया है। टाइगर रिजर्व प्रशासन शीघ्र ही प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजेगा।
चूका बीच इको टूरिज्म स्पॉट टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में है। हालांकि जब इसे विकसित किया गया था, तब यहां का जंगल टाइगर रिजर्व क्षेत्र घोषित नहीं हुआ था। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में इको टूरिज्म स्पॉट चूका बीच को विकसित किया गया था। तत्कालीन सपा सरकार में जून 2014 में जिले के जंगल को टाइगर रिजर्व घोषित कर दिया गया। हालांकि कोर एरिया में बने टूरिज्म स्पॉट को लेकर तत्कालीन वनमंत्री फरीद महमूद किदवई ने इस पर खासी नाराजगी जताई और टूरिज्म स्पॉट को हटाने की भी बात कही थी।
इधर, एनटीसीए (नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी) ने पीलीभीत टाइगर रिजर्व समेत अन्य टाइगर रिजर्वों में कोर एरिया में बढ़ते दबाव के चलते कोर एरिया वाले क्षेत्र में पर्यटकों के रात्रि विश्राम पर प्रतिबंध लगा दिया था। ऐसे में यह तय मान लिया गया कि कोर एरिया से एक न एक दिन बोरिया बिस्तर हटाना ही होगा। इसी के मद्देनजर टाइगर रिजर्व ने एक और इको टूरिज्म स्पॉट विकसित करने की योजना बनाई है। यह टूरिज्म स्पॉट जंगल क्षेत्र से बाहर बनाया जाना है। ताकि पर्यटकों को रात्रि विश्राम की भी सुविधा समेत अन्य सुविधाएं आसानी से मुहैय्या हो सके। खास बात यह है कि नया टूरिज्म स्पॉट फॉरेस्ट थीम पर बनेगा ताकि लोगों को जंगल में होने का अनुभव हो। नए टूरिज्म स्पॉट को लेकर टाइगर रिजर्व प्रशासन ने करीब पखवाड़ा पहले ही जमीन की तलाश शुरू कर दी थी। टाइगर रिजर्व प्रशासन ने बराही रेंज के सिमरा में मिली जमीन को उपयुक्त माना है। यदि सब कुछ ठीकठाक रहा तो चिह्नित स्थान पर ही नया टूरिज्म स्पॉट बनाया जाएगा। अब टाइगर रिजर्व प्रशासन प्रस्ताव बनाने की तैयारी कर रहा है।
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टाइगर रिजर्व से सटे क्षेत्र में नया टूरिज्म स्पॉट विकसित किया जाना है। इसके लिए बराही के सिमरा क्षेत्र की जमीन को उपयुक्त माना गया है। अब प्रस्ताव बनाकर उच्च अधिकरियों को भेजा जाएगा। -नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, टाइगर रिजर्व
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चूका बीच इको टूरिज्म स्पॉट टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में है। हालांकि जब इसे विकसित किया गया था, तब यहां का जंगल टाइगर रिजर्व क्षेत्र घोषित नहीं हुआ था। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में इको टूरिज्म स्पॉट चूका बीच को विकसित किया गया था। तत्कालीन सपा सरकार में जून 2014 में जिले के जंगल को टाइगर रिजर्व घोषित कर दिया गया। हालांकि कोर एरिया में बने टूरिज्म स्पॉट को लेकर तत्कालीन वनमंत्री फरीद महमूद किदवई ने इस पर खासी नाराजगी जताई और टूरिज्म स्पॉट को हटाने की भी बात कही थी।
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इधर, एनटीसीए (नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी) ने पीलीभीत टाइगर रिजर्व समेत अन्य टाइगर रिजर्वों में कोर एरिया में बढ़ते दबाव के चलते कोर एरिया वाले क्षेत्र में पर्यटकों के रात्रि विश्राम पर प्रतिबंध लगा दिया था। ऐसे में यह तय मान लिया गया कि कोर एरिया से एक न एक दिन बोरिया बिस्तर हटाना ही होगा। इसी के मद्देनजर टाइगर रिजर्व ने एक और इको टूरिज्म स्पॉट विकसित करने की योजना बनाई है। यह टूरिज्म स्पॉट जंगल क्षेत्र से बाहर बनाया जाना है। ताकि पर्यटकों को रात्रि विश्राम की भी सुविधा समेत अन्य सुविधाएं आसानी से मुहैय्या हो सके। खास बात यह है कि नया टूरिज्म स्पॉट फॉरेस्ट थीम पर बनेगा ताकि लोगों को जंगल में होने का अनुभव हो। नए टूरिज्म स्पॉट को लेकर टाइगर रिजर्व प्रशासन ने करीब पखवाड़ा पहले ही जमीन की तलाश शुरू कर दी थी। टाइगर रिजर्व प्रशासन ने बराही रेंज के सिमरा में मिली जमीन को उपयुक्त माना है। यदि सब कुछ ठीकठाक रहा तो चिह्नित स्थान पर ही नया टूरिज्म स्पॉट बनाया जाएगा। अब टाइगर रिजर्व प्रशासन प्रस्ताव बनाने की तैयारी कर रहा है।
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टाइगर रिजर्व से सटे क्षेत्र में नया टूरिज्म स्पॉट विकसित किया जाना है। इसके लिए बराही के सिमरा क्षेत्र की जमीन को उपयुक्त माना गया है। अब प्रस्ताव बनाकर उच्च अधिकरियों को भेजा जाएगा। -नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, टाइगर रिजर्व