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Pilibhit News: सताती रही शारदा की बाढ़... तटबंध बनने की अब तक अधूरी है आस

Thu, 11 Apr 2024 02:15 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 11 Apr 2024 02:15 AM IST
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Sharda flood continues to haunt... hope of building embankment is still unfulfilled
लोकसभा चुनाव आते ही फिर जीवंत हुआ मुद्दा
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- हर बार बचाव कार्य के नाम पर खपाया जाता है करोड़ों का बजट, समस्या का समाधान नहीं

कलीनगर। लोकसभा चुनाव के समय एक बार फिर शारदा नदी की बाढ़ का मुद्दा जीवंत हो गया है। वर्षा के दौरान तहसील क्षेत्र का एक बड़ा हिस्सा शारदा नदी की बाढ़ की जद में रहता है। प्रत्येक वर्ष नदी के पानी से इस क्षेत्र के ग्रामीणों की जमीन, फसलों का नुकसान पहुंचता है। बचाव कार्य के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते रहे हैं, लेकिन समाधान के रूप में तटबंध की मांग अब तक अधूरी है।
नेपाल से जनपद के कलीनगर तहसील क्षेत्र में शारदा नदी का प्रवेश होता है। नेपाल में इस नदी को महाकाली कहा जाता है। जनपद में प्रवेश करते ही कई नेपाली नदियां और पहाड़ी नाले शारदा नदी में मिलते हैं। बाढ़ के समय शारदा नदी का रूप विकराल हो जाता है। सैकड़ों एकड़ कृषि योग्य जमीन और जंगल में सिर्फ नदी का पानी दिखता है। हर बार कटान के साथ नदी का पानी 20 गांवों में घुस जाता है। करीब एक लाख की आबादी प्रभावित होती है। इसके अलावा पीटीआर के बिजौरी खुर्दकला का जंगल हर साल कटता है। यह सिलसिला कई दशकों से चल रहा है। (संवाद)
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हजारों एकड़ कृषि योग्य भूमि चढ़ चुकी शारदा की भेंट
कलीनगर तहसील क्षेत्र में शारदा नदी अंतरराष्ट्रीय सीमा पिलर नंबर-21 के निकट से जनपद के नोमेंस लैंड से प्रवेश करती है। यहां जगबूढ़ा और सनढ़ी दोनों नदियां शारदा नदी में मिलकर जिले में बर्बादी का सिलसिला शुरू करती हैं। वर्ष 1989 से लेकर अब तक कई गांव शारदा नदी के आगोश में समा चुके हैं। इसके अलावा सरकार की विभिन्न श्रेणियों में दर्ज भूमि, कृषि भूमि और जंगल भी कट चुके हैं। बाढ़ से बेघर हुए परिवार 22 किलोमीटर लंबे शारदा सागर डैम के वर्जित क्षेत्र में अस्थायी झोपड़ियां डालकर रहते हैं ।
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घोषणा हर पार्टी ने की, पर पहना नहीं सकीं अमलीजामा
लगभग हर पार्टी ने अपने कार्यकाल के दौरान शारदा नदी पर तटबंध बनाने की घोषणा की। भाजपा की कल्याण सिंह सरकार में सिंचाई मंत्री रहे ओम प्रकाश सिंह ने सरकार के अंतिम समय में तटबंध बनाने के लिए शारदा सागर खंड के अधिशासी अभियंता के नेतृत्व में इंजीनियरों का दल गठित कर तटबंध बनाने के लिए सर्वे कराया। सर्वे में ढिलाई बरतने पर तटबंध तो नहीं बना लेकिन लापरवाही बरतने के आरोप में कई अभियंताओं को निलंबित जरूर कर दिया गया।
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नेपाल ने बाढ़ से बचाव के लिए किए ठोस प्रबंध
नेपाल सरकार ने अपने नागरिकों की समस्या को देखते हुए जगबूढ़ा, बमनी नदी से बचाव के लिए ठोस प्रबंध कर लिए हैं। इसमें तटबंध बनाने के साथ आवागमन के लिए झूला पुल भी बनाए गए हैं। झस समय भी नेपाल अपनी सीमा में कटान रोकने के लिए मजबूत कार्य करा रहा है।
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ग्रामीण बोले, तटबंध बन जाता तो बच जाती सैकड़ों एकड़ जमीन
पिछले कई वर्षों से शारदा नदी क्षेत्र में तबाही मचाती आ रही है। नदी के दोनों किनारों की ओर के आबादी क्षेत्र समेत कई गांव अब तक कट चुके हैं। तटबंध की घोषणा बराबर की जाती है, लेकिन हवाई घोषणा बनकर रह जाती है।
-बिल्लू राजभर, रमनगरा
हमारे क्षेत्र में जगबूड़ा और सनेडी नदी समेत शारदा नदी मिलकर तबाही मचाती है। बरसों से तटबंध की घोषणा की जा रही, अब तक तटबंध नहीं बनाया जा सका। जिसके चलते नोमैंस लैंड से लेकर ट्रांस शारदा क्षेत्र तक नदी की तबाही होती है। - अरुण भंडार, नौजल्हा
शारदा नदी से हमारे क्षेत्र की हजारों एकड़ कृषि भूमि रेत में बदल गई है। यदि तटबंध बना दिया जाता तो सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि को बचाया जा सकता था। वर्षों से हम लोग डैम के वर्जित क्षेत्र में अस्थायी रूप से बसे हुए हैं। - प्रशांत साना, रमनगरा
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बाढ़ और मानव-वन्यजीव संघर्ष का मुद्दा हमारी योजनाओं में है। अगर हमें मौका मिला तो बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान कराया जाएगा।- जगदेव सिंह जग्गा, जिलाध्यक्ष सपा


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हमें मौका मिलता है तो बाढ़ की समस्या का समाधान कराएंगे। छुट्टा पशु और कई अन्य समस्याओं के समाधान पर काम होगा। - भगवान सिंह गौतम, जिलाध्यक्ष बसपा

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बाढ़ मुख्य मुद्दों में शामिल है। समस्या समाधान को कई काम कराए भी गए हैं। ईको पर्यटन और युवाओं के रोजगार पर भी काम किया गया है। आगे मौका मिलने पर क्षेत्र के सभी समस्याओं का समाधान कराया जाएगा। - संजीव प्रताप सिंह, जिलाध्यक्ष भाजपा
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