{"_id":"633b295d723bc059640c0ed7","slug":"rice-mill-pilibhit-news-bly499672172","type":"story","status":"publish","title_hn":"राइस मिलों और उनके तीन किमी दायरे में आने वाले धर्मकांटों की होगी जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राइस मिलों और उनके तीन किमी दायरे में आने वाले धर्मकांटों की होगी जांच
सार
किसानों से सीधे खरीद करने वाली राइस मिलों में घटतौली न हो इसलिए जिले की सभी राइस मिलों और उनके तीन किलोमीटर दायरे में आने वाले धर्मकांटों की जांच की जाएगी। राइस मिलें अपने धर्मकांटे की तौल को ही वैध मान रही हैं। सोमवार को भी जिले में 20 हजार क्विंटल से ज्यादा धान मंडियों में पहुंचा।
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पीलीभीत। किसानों से सीधे खरीद करने वाली राइस मिलों में घटतौली न हो इसलिए जिले की सभी राइस मिलों और उनके तीन किलोमीटर दायरे में आने वाले धर्मकांटों की जांच की जाएगी। उनके लाइसेंस और अन्य जरूरी दस्तावेज भी चेक किए जाएंगे। इस बाबत खरीद अधिकारी ने बांट-माप विभाग को निर्देश जारी कर रिपोर्ट तलब की है।
मंडियों और राइस मिलों में धान पहुंचना शुरू हो गया है। हालांकि सरकारी क्रय केंद्र अभी सूने हैं। प्रशासन के पास ऐसी कुछ शिकायतें पहुंच रही हैं कि कुछ राइस मिलों पर घटतौली की जा रही है। राइस मिलें अपने धर्मकांटे की तौल को ही वैध मान रही हैं। अपने धर्मकांटे पर तौल कराने के लिए विवश भी करती हैं। पिछले साल भी इस तरह के मामले सामने आए थे।
बता दें कि जिले में 69 राइस मिलें हैं। इनमें 23 मिलें सरकारी क्रय केंद्रों से अटैच की गई हैं। मिलों पर किसानों के अनाज की घटतौली न हो इसलिए प्रशासन शिकंजा कस रहा है। निर्देश जारी करने के बाद खरीद अधिकारी ने कहा है कि अगर किसी राइस मिल में घटतौली का मामला मिला तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। अगर किसान मिल के धर्मकांटे की तौल से संतुष्ट नहीं है तो वह दूसरे धर्मकांटे से वजन करा सकता है। अगर कोई राइस मिल मालिक किसानों से बदसलूकी करता है तो किसान सीधे उनसे शिकायत कर सकते हैं।
विज्ञापन
----
तीसरे दिन भी सरकारी क्रय केंद्रों पर नहीं हुई खरीद
सरकारी क्रय केंद्रों को एक अक्तूबर से शुरू कर दिया गया, लेकिन तीसरे दिन भी क्रय केंद्र सूने रहे। नमी ज्यादा होने के कारण खरीद नहीं हो सकी। वहीं मंडी में बंपर धान आ रहा है। सोमवार को भी जिले में 20 हजार क्विंटल से ज्यादा धान मंडियों में पहुंचा। दूसरी तरफ सरकारी क्रय केंद्रों की अभी पॉस मशीनें भी शुरू नहीं की गईं हैं। डिप्टी आरएमओ विकास चंद्र तिवारी ने बताया कि सोमवार को भी सरकारी केंद्रों पर खरीद नहीं हो सकी।
--
मिलों में किसान सीधे धान लेकर जा रहा हैं। किसी तरह की घटतौली न हो इसलिए सभी मिलों और उनके आसपास के धर्मकांटों की जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
-सूरज यादव, एडीएम न्यायिक/ जिला खरीद अधिकारी
विज्ञापन
मंडियों और राइस मिलों में धान पहुंचना शुरू हो गया है। हालांकि सरकारी क्रय केंद्र अभी सूने हैं। प्रशासन के पास ऐसी कुछ शिकायतें पहुंच रही हैं कि कुछ राइस मिलों पर घटतौली की जा रही है। राइस मिलें अपने धर्मकांटे की तौल को ही वैध मान रही हैं। अपने धर्मकांटे पर तौल कराने के लिए विवश भी करती हैं। पिछले साल भी इस तरह के मामले सामने आए थे।
विज्ञापन
बता दें कि जिले में 69 राइस मिलें हैं। इनमें 23 मिलें सरकारी क्रय केंद्रों से अटैच की गई हैं। मिलों पर किसानों के अनाज की घटतौली न हो इसलिए प्रशासन शिकंजा कस रहा है। निर्देश जारी करने के बाद खरीद अधिकारी ने कहा है कि अगर किसी राइस मिल में घटतौली का मामला मिला तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। अगर किसान मिल के धर्मकांटे की तौल से संतुष्ट नहीं है तो वह दूसरे धर्मकांटे से वजन करा सकता है। अगर कोई राइस मिल मालिक किसानों से बदसलूकी करता है तो किसान सीधे उनसे शिकायत कर सकते हैं।
विज्ञापन
----
तीसरे दिन भी सरकारी क्रय केंद्रों पर नहीं हुई खरीद
सरकारी क्रय केंद्रों को एक अक्तूबर से शुरू कर दिया गया, लेकिन तीसरे दिन भी क्रय केंद्र सूने रहे। नमी ज्यादा होने के कारण खरीद नहीं हो सकी। वहीं मंडी में बंपर धान आ रहा है। सोमवार को भी जिले में 20 हजार क्विंटल से ज्यादा धान मंडियों में पहुंचा। दूसरी तरफ सरकारी क्रय केंद्रों की अभी पॉस मशीनें भी शुरू नहीं की गईं हैं। डिप्टी आरएमओ विकास चंद्र तिवारी ने बताया कि सोमवार को भी सरकारी केंद्रों पर खरीद नहीं हो सकी।
--
मिलों में किसान सीधे धान लेकर जा रहा हैं। किसी तरह की घटतौली न हो इसलिए सभी मिलों और उनके आसपास के धर्मकांटों की जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
-सूरज यादव, एडीएम न्यायिक/ जिला खरीद अधिकारी