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Pilibhit News: तराई में उमस भरी गर्मी से बेचैन रहे लोग
Thu, 24 Jul 2025 01:19 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Thu, 24 Jul 2025 01:19 AM IST
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पीलीभीत। तराई के जिले में उमस भरी गर्मी बढ़ जाने से लोग बेचैनी महसूस करते रहे। बुधवार को जिले के अधिकांश हिस्से में आसमान में बादल तो उमड़े, लेकिन बरसात नहीं हुई। माधोटांडा क्षेत्र में कुछ देर बारिश हुई। इस बार जिले में अब तक औसत से लगभग 63 फीसदी बारिश कम हुई है। इससे धान और गन्ना जैसी फसलों में किसानों की सिंचाई लागत बढ़ जाने की संभावना है।
बुधवार को सुबह आसमान पर बादल छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई। दोपहर में बादल छंट गए और धूप खिली। दोपहर करीब दो बजे के कुछ स्थानों पर चंद मिनट तक बूंदाबांदी होकर रह गई। राजकीय कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डाॅ. शैलेंद्र सिंह ढाका ने पंतनगर स्थित कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के हवाले से जानकारी दी कि जिले में बुधवार को न्यूनतम तापमान 27.7 एवं अधिकतम 34.1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। न्यूनतम तापमान में बढ़ोत्तरी हो जाने से ही मंगलवार की रात उमस भरी गर्मी काफी अधिक रही। डाॅ. ढाका के अनुसार पहली जून से लेकर अब तक औसतन 346 मिलीमीटर बारिश हो जानी चाहिए थी, लेकिन अभी सिर्फ लगभग 125 मिलीमीटर ही बरसात हो सकी है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष इसी अवधि में लगभग 300 मिलीमीटर बारिश हो चुकी थी। वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक के अनुसार 26,27 व 28 जुलाई को अच्छी बारिश होने का पूर्वानुमान है। इससे धान व गन्ना की फसल को लाभ मिलेगा।
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बुधवार को सुबह आसमान पर बादल छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई। दोपहर में बादल छंट गए और धूप खिली। दोपहर करीब दो बजे के कुछ स्थानों पर चंद मिनट तक बूंदाबांदी होकर रह गई। राजकीय कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डाॅ. शैलेंद्र सिंह ढाका ने पंतनगर स्थित कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के हवाले से जानकारी दी कि जिले में बुधवार को न्यूनतम तापमान 27.7 एवं अधिकतम 34.1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। न्यूनतम तापमान में बढ़ोत्तरी हो जाने से ही मंगलवार की रात उमस भरी गर्मी काफी अधिक रही। डाॅ. ढाका के अनुसार पहली जून से लेकर अब तक औसतन 346 मिलीमीटर बारिश हो जानी चाहिए थी, लेकिन अभी सिर्फ लगभग 125 मिलीमीटर ही बरसात हो सकी है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष इसी अवधि में लगभग 300 मिलीमीटर बारिश हो चुकी थी। वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक के अनुसार 26,27 व 28 जुलाई को अच्छी बारिश होने का पूर्वानुमान है। इससे धान व गन्ना की फसल को लाभ मिलेगा।
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