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Pilibhit News: ग्यासपुर सहकारी समिति में 53 मृत बकायेदारों पर 12.39 लाख का ऋण

Sun, 28 Dec 2025 12:15 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Sun, 28 Dec 2025 12:15 AM IST
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People face the problems.
बीसलपुर की गयासपुर सहकारी समिति संवाद
बीसलपुर। ग्यासपुर बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति के 53 मृतक बकायेदारों पर 12.39 लाख रुपये का ऋण बकाया है। इन बकायेदारों के वारिसों से इस ऋण की वसूली के लिए समिति कर्मचारी उनके घरों के चक्कर लगा रहे हैं। समिति के अभिलेखों के अनुसार करीब 17 लाख रुपये ऋण के 962 बकायेदार हैं। इसमें 4.50 लाख रुपये ऋण के 909 बकायेदार तो जीवित हैं, लेकिन 53 बकायेदारों की मृत्यु हो चुकी है। मृतक बकायेदारों के नाम पर 12.39 लाख रुपये की देनदारी है।
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मृतक बकायेदारों के अधिकांश वारिस यह कहकर टालमटोल करते हैं कि उनके दिवंगत परिजन ने कर्ज लिया ही नहीं था। कुछ का जवाब होता है कि जब बकाया देने वाला इस दुनिया में नहीं है, तो कौन अदा करेगा। कुछ ऐसे भी हैं जो बकाया देने से साफ इन्कार कर देते हैं। कई मृत बकायेदारों के परिजन बकाया ऋण माफ करने की मांग करते हैं। कई परिजन यह भी कह देते हैं कि उनके दिवंगत परिजन ने बकाया तो अदा कर दिया था लेकिन समिति कर्मचारियों ने उन्हें रसीद नहीं दी थी।
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इन स्थानों के थे मृतक बकायेदार
नगर के कई मोहल्लों के अलावा अर्जुनपुर, गांगूपुर, साबेपुर, गुलैंदा, गोटिया, चठिया सेवाराम, गोवल, नीवा डांडी, मिघौना, अहिरपुरा, रमपुरा, देवकलिया, मानपुर, बढेपुरा और ढुकसी आदि गांवों के थे।
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बकाया वसूल न होने पर रोका जाता है वेतन

समिति क्षेत्र के मृत बकायेदारों का बकाया ऋण जमा न होने पर समिति कर्मचारियों का वेतन रोक दिया जाता है। वेतन रुक जाने से समिति कर्मचारियों को काफी आर्थिक दिक्कत होती है। बताया जाता है कि समिति के कर्मचारियों का दो-दो वर्षों तक वेतन रुका रहता है।



समिति के जितने मृतक बकायेदार हैं, उनका कर्ज माफ होना चाहिए। जब कर्ज लेने वाला दुनिया में नहीं है तो उनके परिजनों से वसूल करने का कोई मतलब नहीं है।- आरपी सिंह, कृषक मोहल्ला ग्यासपुर


समिति के जितने बकायेदार मृतक हो चुके हैं, उनके परिजन को बिना कर्ज अदा किए ही अदेय प्रमाण पत्र मिलना चाहिए, जिससे आगे चलकर उन्हें कोई परेशान न कर सके।- कृष्ण बहादुर गंगवार, कृषक मोहल्ला एकता नगर
मृत बकायेदारों के परिजनों और अन्य बकायेदारों से समिति का कर्ज वसूल करने के मामले में अपने स्तर से हर संभव प्रयास कर रहे हैं।- मुन्नालाल गंगवार, समिति सचिव

यदि किसी बकायेदार की मृत्यु हो जाती है तो उसके वारिसों से वसूली किए जाने का नियम है क्योंकि सहकारिता विभाग जमीन पर कर्ज देता है। जिस जमीन पर कर्ज दिया गया, उस पर खेती करने वाले से बकाया कर्ज वसूल किया जाएगा।

लाल सिंह, सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता)
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