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सुंदरीकरण के नाम पर करोड़ों खपा दिए, मगर, पार्क अब भी बदहाल 18-22-34
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शहर के बल्लभनगर कॉलोनी में अधूरा पड़ा पार्क का निर्माण
- फोटो : PILIBHIT
पीलीभीत। शहर को सुंदर और हरा-भरा बनाने के लिए अमृत योजना के तहत शासन से मिले 1.62 करोड़ रुपये से नगरपालिका ने चार पार्कों को संवारने के दावे किए, मगर हकीकत में अब भी उनकी हालत बदहाल है। नगरपालिका का कहना है कि काम अधूर रह गया है जो जल्द पूरा कर लिया जाएगा। मगर वित्तीय वर्ष समाप्त होने में 40 दिन बाकी रह गए हैं, ऐसे में काम पूरा होने के आसार तो कम हैं, बजट ठिकाने लगने की कोशिशें ज्यादा दिख रही हैं।
वितीय वर्ष 2018-19 में अमृत योजना के तहत शहर के बल्लभनगर कॉलोनी में एआरटीओ कार्यालय के पास स्थित पार्क, रामस्वरूप पार्क, नेहरू पार्क उद्यान और एकता सरोवर के सौंदर्यीकरण के लिए एक करोड़ 62 लाख रुपये का बजट भेजा गया था। इन पार्कों में सौंदर्यीकरण के नाम पर पार्कों में झूले, फौव्वारा, पिचिंग और टहलने के लिए गोल राउंड में पाथ बनाने का कार्य होना था। वितीय वर्ष समाप्त होने में महज 40 दिन बचे हैं। लेकिन पार्कों की हालात में कोई भी सुधार नहीं हुआ है। इनमें अभी तक काम अधूरा पड़ा है। न तो झूले लगे हैं और न ही टहलने के लिए फुटपाथ बने। पार्कों में ठीक से सफाई तक नहीं होती। तमाम जगहों पर गंदगी के ढेर लगे रहते हैं। कोई पार्क बाइक स्टैंड के रूप में नजर आ रहा है तो कोई आवारा जानवरों का चरागाह बनकर रह गया है। शहर में आम चर्चा है कि नगरपालिका ठेकेदारों ने पार्कों के सौंदर्यीकरण के नाम पर बजट केवल कागजों में खपाया। धरातल पर कोई काम नहीं कराया।
अधूरा पड़ा बल्लभनगर कॉलोनी का पार्क
बल्लभनगर कॉलोनी में एआरटीओ कार्यालय के पास से बने पार्क का सौंदर्यीकरण का काम होना था। लेकिन अभी तक पार्क में न तो रोड बन पाई है। न ही पत्थर बिछाया गया है। पार्क में लगाई गई इंटरलॉकिंग रोड भी उखड़ना शुरू हो गई। पार्क में बैठने के लिए बेंच की व्यवस्था भी नहीं की गई है।
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एकता सरोवर पार्क में नल खराब, बाकी ऊबड़ खाबड़
रोडवेज के समीप बने एकता सरोवर पार्क की हालात भी ठीक नहीं है। पार्क में बैठने की व्यवस्था भी नहीं गई है। इतना ही नहीं चाहरदीवारी में नई ईंट के स्थान पर पुरानी ईंटें लगाई गई हैं। न तो पार्क में नल ठीक है न ही बैठने की व्यवस्था।
रामस्वरूप पार्क बन गया बाइक स्टैंड
जेपी रोड पर स्थित रामस्वरूप पार्क में थोड़ा बहुत सौंदर्यीकरण किया गया है। लेकिन बाजार में आने वाले लोगों ने इसे बाइक खड़ी करने का स्टैंड बना दिया है। इतना ही नहीं, पार्क के रखरखाव की कोई भी व्यवस्था नहीं है।
पुराने पार्को की नही बदली सूरत, मॉडल पार्क का भेजा दिया प्रस्ताव
जहां एक तरफ नगरपालिका शहर के पुराने पार्कों के हालात को सुधार नहीं पा रही हैं, वहीं टनकपुर हाईवे पर स्थित निरंजनकुंज कालोनी के पास मॉडल पार्क के लिए एक करोड़ 32 लाख रुपये का स्टीमेट बनाकर भेजा दिया है। इसमें ओपन जिम, झूले, फौव्वारा, बेंच, टहलने के लिए रोड बनाने का प्रस्ताव है।
पार्कों में अमृत योजना के तहत कार्य कराया जा रहा था। कुछ पार्कों में काम पूरा नहीं हो सका है। ठेकेदारों को निर्देश दिए गए है कि जल्द काम पूरा कराएं। मॉडल पार्क का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इसकी मंजूरी भी मिल गई है। इनमें भी जल्द काम शुरू कराया जाएगा। - निशा मिश्रा, ईओ, नगरपालिका
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वितीय वर्ष 2018-19 में अमृत योजना के तहत शहर के बल्लभनगर कॉलोनी में एआरटीओ कार्यालय के पास स्थित पार्क, रामस्वरूप पार्क, नेहरू पार्क उद्यान और एकता सरोवर के सौंदर्यीकरण के लिए एक करोड़ 62 लाख रुपये का बजट भेजा गया था। इन पार्कों में सौंदर्यीकरण के नाम पर पार्कों में झूले, फौव्वारा, पिचिंग और टहलने के लिए गोल राउंड में पाथ बनाने का कार्य होना था। वितीय वर्ष समाप्त होने में महज 40 दिन बचे हैं। लेकिन पार्कों की हालात में कोई भी सुधार नहीं हुआ है। इनमें अभी तक काम अधूरा पड़ा है। न तो झूले लगे हैं और न ही टहलने के लिए फुटपाथ बने। पार्कों में ठीक से सफाई तक नहीं होती। तमाम जगहों पर गंदगी के ढेर लगे रहते हैं। कोई पार्क बाइक स्टैंड के रूप में नजर आ रहा है तो कोई आवारा जानवरों का चरागाह बनकर रह गया है। शहर में आम चर्चा है कि नगरपालिका ठेकेदारों ने पार्कों के सौंदर्यीकरण के नाम पर बजट केवल कागजों में खपाया। धरातल पर कोई काम नहीं कराया।
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अधूरा पड़ा बल्लभनगर कॉलोनी का पार्क
बल्लभनगर कॉलोनी में एआरटीओ कार्यालय के पास से बने पार्क का सौंदर्यीकरण का काम होना था। लेकिन अभी तक पार्क में न तो रोड बन पाई है। न ही पत्थर बिछाया गया है। पार्क में लगाई गई इंटरलॉकिंग रोड भी उखड़ना शुरू हो गई। पार्क में बैठने के लिए बेंच की व्यवस्था भी नहीं की गई है।
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एकता सरोवर पार्क में नल खराब, बाकी ऊबड़ खाबड़
रोडवेज के समीप बने एकता सरोवर पार्क की हालात भी ठीक नहीं है। पार्क में बैठने की व्यवस्था भी नहीं गई है। इतना ही नहीं चाहरदीवारी में नई ईंट के स्थान पर पुरानी ईंटें लगाई गई हैं। न तो पार्क में नल ठीक है न ही बैठने की व्यवस्था।
रामस्वरूप पार्क बन गया बाइक स्टैंड
जेपी रोड पर स्थित रामस्वरूप पार्क में थोड़ा बहुत सौंदर्यीकरण किया गया है। लेकिन बाजार में आने वाले लोगों ने इसे बाइक खड़ी करने का स्टैंड बना दिया है। इतना ही नहीं, पार्क के रखरखाव की कोई भी व्यवस्था नहीं है।
पुराने पार्को की नही बदली सूरत, मॉडल पार्क का भेजा दिया प्रस्ताव
जहां एक तरफ नगरपालिका शहर के पुराने पार्कों के हालात को सुधार नहीं पा रही हैं, वहीं टनकपुर हाईवे पर स्थित निरंजनकुंज कालोनी के पास मॉडल पार्क के लिए एक करोड़ 32 लाख रुपये का स्टीमेट बनाकर भेजा दिया है। इसमें ओपन जिम, झूले, फौव्वारा, बेंच, टहलने के लिए रोड बनाने का प्रस्ताव है।
पार्कों में अमृत योजना के तहत कार्य कराया जा रहा था। कुछ पार्कों में काम पूरा नहीं हो सका है। ठेकेदारों को निर्देश दिए गए है कि जल्द काम पूरा कराएं। मॉडल पार्क का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इसकी मंजूरी भी मिल गई है। इनमें भी जल्द काम शुरू कराया जाएगा। - निशा मिश्रा, ईओ, नगरपालिका