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कैसे निपटेंगे तीसरी लहर से, अभी तक ऑक्सीजन प्लांट का फाउंडेशन तक तैयार नहीं
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पीलीभीत। कोरोना की दूसरी लहर में सामने आई ऑक्सीजन की किल्लत कहीं तीसरी लहर में भी भारी न पड़ जाए। क्योंकि जिले में बनने वाले तीन ऑक्सीजन प्लांट का काम दस फीसदी भी पूरा नहीं हो सका है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के सामने तीसरी लहर से निपटना किसी चुनौती से कम नहीं।
जिले में संक्रमण की दूसरी लहर में 6500 से ज्यादा कोरोना संक्रमित निकले थे। जिसमें 283 लोगों की कोरोना से मौत हो गई। इनमें से कई लोगों की ऑक्सीजन की कमी से मौत हो गई थी। संक्रमण की दूसरी लहर थमने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने ऑक्सीजन प्लांट लगने की कवायद शुुरू की थी। जिसमें दो ऑक्सीजन प्लांट बनाने की कवायद शुरू की गई थी। इसके अलावा एक ऑक्सीजन प्लांट बनवाने के लिए पीएमएसवाई योजना के अंतर्गत बनाया जा रहा है। जिसमें दो जिला अस्पताल कैंपस में और एक माधोटांडा सीएचसी में बन रहा है। प्रस्ताव पास होनेे के बाद उन्हें अगस्त तक पूरा करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन जिले में जिला अस्पताल में बने वाले ऑक्सीजन प्लांट में दस फीसदी से अधिक काम नहीं हो सका है। अभी तक ऑक्सीजन प्लांट की फाउंडेशन भी तैयार नहीं हो सकी। मशीन लगना तो दूर की बात है। ऐसे में जिले में ऑक्सीजन प्लांट का काम सुस्त गति से चल रहा है। वही माधोटांडा में भी कुछ इसी तरह हालात है। एक तरफ स्वास्थ्य विशेषज्ञ तीसरी लहर अगस्त के बाद आने का अंदेशा जता रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग इस तरह कैसे तीसरी लहर का इन चुनौतियों से सामना करेगा।
ऑक्सीजन प्लांट लगाने का काम जारी है। काम शुरू हो चुका है। किन्हीं कारणों के चलते काम देर से शुरू हुआ था। फिलहाल अब तेज रफ्तार के साथ काम चल रहा है। जल्द ही निर्माण पूरा कराकर ऑक्सीजन प्लांट शुरू कर दिया जाएगा - डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
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जिले में संक्रमण की दूसरी लहर में 6500 से ज्यादा कोरोना संक्रमित निकले थे। जिसमें 283 लोगों की कोरोना से मौत हो गई। इनमें से कई लोगों की ऑक्सीजन की कमी से मौत हो गई थी। संक्रमण की दूसरी लहर थमने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने ऑक्सीजन प्लांट लगने की कवायद शुुरू की थी। जिसमें दो ऑक्सीजन प्लांट बनाने की कवायद शुरू की गई थी। इसके अलावा एक ऑक्सीजन प्लांट बनवाने के लिए पीएमएसवाई योजना के अंतर्गत बनाया जा रहा है। जिसमें दो जिला अस्पताल कैंपस में और एक माधोटांडा सीएचसी में बन रहा है। प्रस्ताव पास होनेे के बाद उन्हें अगस्त तक पूरा करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन जिले में जिला अस्पताल में बने वाले ऑक्सीजन प्लांट में दस फीसदी से अधिक काम नहीं हो सका है। अभी तक ऑक्सीजन प्लांट की फाउंडेशन भी तैयार नहीं हो सकी। मशीन लगना तो दूर की बात है। ऐसे में जिले में ऑक्सीजन प्लांट का काम सुस्त गति से चल रहा है। वही माधोटांडा में भी कुछ इसी तरह हालात है। एक तरफ स्वास्थ्य विशेषज्ञ तीसरी लहर अगस्त के बाद आने का अंदेशा जता रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग इस तरह कैसे तीसरी लहर का इन चुनौतियों से सामना करेगा।
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ऑक्सीजन प्लांट लगाने का काम जारी है। काम शुरू हो चुका है। किन्हीं कारणों के चलते काम देर से शुरू हुआ था। फिलहाल अब तेज रफ्तार के साथ काम चल रहा है। जल्द ही निर्माण पूरा कराकर ऑक्सीजन प्लांट शुरू कर दिया जाएगा - डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
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