{"_id":"5da45cee8ebc3e014a68a3ca","slug":"others-in-pilibhit-pilibhit-news-bly380085262","type":"story","status":"publish","title_hn":"विधायक के भांजे से मारपीट के मामले में शासन ने लगाई विवेचना पर रोक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विधायक के भांजे से मारपीट के मामले में शासन ने लगाई विवेचना पर रोक
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भाजपा के बरखेड़ा विधायक किशनलाल राजपूत के भांजे ऋषभ से मारपीट करने के मामले में सुनगढ़ी थाने में दर्ज एफआईआर की विवेचना पर शासन स्तर से रोक लगा दी गई है। शासन स्तर से एडीजी लखनऊ को दी गई जांच के पूरी होने के बाद ही विवेचना को आगे बढ़ाने के लिए कहा गया है। इसका लिखित आदेश जिले के पुलिस अधिकारियों को भेजा गया है।
विधायक के भंाजे ऋषभ से 12 सितंबर की रात हुई घटना के बाद गनर समेत चार नामजद समेत 17 के खिलाफ लूटपाट, जानलेवा हमला और अपहरण की धाराओं में एफआईआर हुई थी। पुलिस ने गनर मोहित गुर्जर समेत तीन को जेल भेज दिया था। इधर, विधायक किशन लाल पर गनर को पुलिस के सामने जूते-चप्पल से पीटने का आरोप लगाते हुए समाजवादी पार्टी और गुर्जर महासभा ने विरोध किया था। इसके बाद विवेचना के दौरान संगीन धाराएं हटा दी गई थीं। फिर जेल गए तीनों आरोपी जमानत पर छूट गए थे। शासन स्तर से इस मामले की जांच एडीजी लखनऊ जोन एसएन साबत को दी गई है। वह एक बार जिले में आकर बयान ले भी चुके हैं। अब इस जांच के पूरी होने तक विवेचना पर रोक लगा दी गई है।
एक बार और आएगी लखनऊ से टीम
शासन से मिली जांच पर एडीजी लखनऊ जोन एसएन साबत दो दिन रुककर प्रकरण से जुड़े कई लोगों के बयान ले चुके हैं। उनकी जांच अभी चल रही है। कुछ और लोगों के नाम प्रकाश में आने पर अब उनके भी बयान लिए जाएंगे। इसके बाद इसी सप्ताह एडीजी की टीम के दुबारा आएगी।
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चोरी की बाइक के सौदे को लेकर निकला था विवाद
घटना के बाद जब पुलिस अधिकारियों ने विवाद की जड़ तक पहुंचने के लिए छानबीन की तो कई चौकाने वाले तथ्य उजागर हुए थे। पूरा झगड़ा एक चोरी की बाइक के सौदे से जुड़ा निकला था। ऋषभ के एक दोस्त से सिपाही ने चोरी की बाइक खरीदी थी। बाद में उसी को वापस करने के लिए लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। पुलिस ने उक्त बाइक को भी कब्जे में ले लिया था। हालांकि इस दिशा में किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई।
इस मामले में एडीजी लखनऊ जांच कर रहे हैं। उनकी अभी जांच चल रही है। इस जांच के पूरे होने तक विवेचना पर रोक लगाई गई है। इसका लिखित आदेश भेजा गया है। इसका पालन किया जा रहा है। - रोहित मिश्र, एएसपी
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विधायक के भंाजे ऋषभ से 12 सितंबर की रात हुई घटना के बाद गनर समेत चार नामजद समेत 17 के खिलाफ लूटपाट, जानलेवा हमला और अपहरण की धाराओं में एफआईआर हुई थी। पुलिस ने गनर मोहित गुर्जर समेत तीन को जेल भेज दिया था। इधर, विधायक किशन लाल पर गनर को पुलिस के सामने जूते-चप्पल से पीटने का आरोप लगाते हुए समाजवादी पार्टी और गुर्जर महासभा ने विरोध किया था। इसके बाद विवेचना के दौरान संगीन धाराएं हटा दी गई थीं। फिर जेल गए तीनों आरोपी जमानत पर छूट गए थे। शासन स्तर से इस मामले की जांच एडीजी लखनऊ जोन एसएन साबत को दी गई है। वह एक बार जिले में आकर बयान ले भी चुके हैं। अब इस जांच के पूरी होने तक विवेचना पर रोक लगा दी गई है।
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एक बार और आएगी लखनऊ से टीम
शासन से मिली जांच पर एडीजी लखनऊ जोन एसएन साबत दो दिन रुककर प्रकरण से जुड़े कई लोगों के बयान ले चुके हैं। उनकी जांच अभी चल रही है। कुछ और लोगों के नाम प्रकाश में आने पर अब उनके भी बयान लिए जाएंगे। इसके बाद इसी सप्ताह एडीजी की टीम के दुबारा आएगी।
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चोरी की बाइक के सौदे को लेकर निकला था विवाद
घटना के बाद जब पुलिस अधिकारियों ने विवाद की जड़ तक पहुंचने के लिए छानबीन की तो कई चौकाने वाले तथ्य उजागर हुए थे। पूरा झगड़ा एक चोरी की बाइक के सौदे से जुड़ा निकला था। ऋषभ के एक दोस्त से सिपाही ने चोरी की बाइक खरीदी थी। बाद में उसी को वापस करने के लिए लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। पुलिस ने उक्त बाइक को भी कब्जे में ले लिया था। हालांकि इस दिशा में किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई।
इस मामले में एडीजी लखनऊ जांच कर रहे हैं। उनकी अभी जांच चल रही है। इस जांच के पूरे होने तक विवेचना पर रोक लगाई गई है। इसका लिखित आदेश भेजा गया है। इसका पालन किया जा रहा है। - रोहित मिश्र, एएसपी