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बैंकों में नहीं कैश खत्म,  दिन भर जूझते रहे लोग

Thu, 01 Dec 2016 10:28 PM IST
ब्यूरो /पीलीभीत
ब्यूरो /पीलीभीत Updated Thu, 01 Dec 2016 10:28 PM IST
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No cash over banks, People struggled throughout the day
बैंकों में नहीं कैश खत्म,  दिन भर जूझते रहे लोग - फोटो : पीलीभ्‍ाीत/उत्‍ततर प्रदेश्‍ा
 बैंकों में कैश की कमी आम जनता के लिए मुसीबत बनती जा रही हैं। किसी तरह से काम चल रहे लोग नकदी न मिलने से परेशान हैं जिससे उनमें नाराजगी बढ़ रही हैं। बृहस्पतिवार को वित्त मंत्री के आदेश के बाद न तो किसी बैंक में अलग से काउंटर लगा और ही भुगतान की व्यवस्था में सुधार हुआ। कई एटीएम नो कैश के चलते बंद रहे। नकदी न मिलने से परेशान बीसलपुर के उपभोक्ताओं ने जमकर हंगामा किया।
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नोट बंदी के बाद से परेशान जनता को पहली दिसंबर से राहत मिलने की उम्मीद थी। नौकरी पेशा और पेंशन धारकों को खातों में धनराशि पहुंचने से बैंकों में धनराशि प्राप्त करने वालों की संख्या तो बढ़ गई लेकिन बैंकों में उसके लिए कोई व्यवस्था नहीं दिखी। अन्य दिनों की तरह बृहस्पतिवार को भी अधिकांश बैंक कंगाल दिखीं और जिनमें कैश था वह भी जल्द खत्म हो गया। हालांकि स्टेट बैंक, आईडीबीआई, इंडिया बैंक आदि में कैश होने से इनके ग्राहकों को राहत मिली लेकिन जिले में सर्वाधिक दिक्कत बैंक ऑफ बड़ौदा के ग्राहकों को हुई। बड़ौंदा बैंक की अधिकांश शाखाएं लगातार पांचवें दिन भी कैश विहीन रहीं कुछ बैंकों में नाममात्र का लेनदेन हुआ। कमोवेश यही हाल एटीएम भी रहा। बड़ौदा बैंक के सभी एटीएम बंद रहे हैं साथ ही एचडीएफसी, आईडीबीआई, इंडिया बैंक, आईसीआईआई, एक्सिस बैंक के एटीएम से पैसे नहीं निकले।
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जमुनिया। गांव में स्थित बड़ौदा ग्रामीण बैंक में एक सप्ताह से कैश नहीं है। इससे लोग परेशान हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सुबह से लाइन में लगते हैं लेकिन 11 बजे मैनेजर के आने पर पता चलता की कि कैश नहीं है जिससे खाली लौटना पड़ता है।
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नाम अग्रणी काम सबसे फिसड्डी 
जिले में सर्वाधिक शाखाएं बैंक ऑफ बड़ौदा की हैं। यह जिले की अग्रणी बैंक भी है लेकिन भुगतान के मामले में सबसे बदतर  हालत इसी बैंक की है। पिछले पांच दिनों से बैंक ऑफ बड़ौदा की शहरी एवं ग्रामीण सभी बैंकें खाली हैं और बुधवार को इसी बैंक के खिलाफ सर्वाधिक धरना प्रदर्शन हुए थे। हालांकि शुक्रवार से इन बैंकों की व्यवस्था में सुधार का दावा एलडीएम मनोहर सिंह जंगपांगी ने की है। उनके अनुसार पर्याप्त कैश आ गया है जिसे बैंक शाखाओं में भेजा जा रहा है।
 
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