{"_id":"f9f7e5fe8a0186b964b24fb3bd4b2e95","slug":"murder-hindi-news-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"चचेरे भाइयों ने युवक को पीटकर मार डाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चचेरे भाइयों ने युवक को पीटकर मार डाला
ब्यूरो, अमर उजाला पीलीभीत
Updated Sun, 28 Dec 2014 12:21 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गांव पिपरिया दुलई निवासी रामऔतार उर्फ पप्पू की चचेरे भाइयों से जमीन को लेकर रंजिश चल रही थी। बताते हैं कि शुक्रवार की शाम रामऔतार घर के समीप स्थित दुकान से बीड़ी लेकर घर लौट रहा था। आरोप है कि रास्ते में चचेरे भाई गांव निवासी शिवकुमार आदि से उसका विवाद हो गया। गाली-गलौज के साथ मारपीट हुई। रामऔतार बचने के लिए भाग कर घर पहुंचा। पीछे से लाठी, डंडा व धारदार हथियार लेकर पहुंचे आरोपियों ने उसकी पिटाई की। सिर पर कुल्हाड़ी से वार कर घायल कर दिया। इससे उसकी मौत हो गई। हमलावरों ने बचाने आई उसकी पत्नी लक्ष्मी देवी और बड़े भाई नवल की भी पिटाई कर दी। नवल घर से भाग गया।
मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना में प्रयुक्त कुल्हाड़ी, लाठी कब्जे में लेकर घायल करन को हिरासत में लिया। इंस्पेक्टर धर्र्मपाल सिंह ने बताया कि लक्ष्मी देवी की ओर से मृतक के चचेरे भाई शिवकुमार, करन, रामशंकर और सत्यपाल के खिलाफ गाली-गलौज, मारपीट और गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। रामऔतार एक राइस मिल में पल्लेदारी करता था।
मृतक के खिलाफ भी एनसीआर दर्ज
पूरनपुर। मारपीट में घायल हत्यारोपी करन ने शुक्रवार की रात में ही कोेतवाली पहुंचा था। पुलिस ने उसकी तहरीर पर रामकिशोर के खिलाफ एनसीआर दर्ज की थी। करन को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा था। चिकित्सकों ने उसे एक्सरे के लिए रेफर किया है।
विज्ञापन
पूरनपुर। पत्नी लक्ष्मी देवी ने बताया कि भाइयों के बंटवारे के बाद उसकी ददिया सास ने उसके हिस्से में कुछ निर्माण करा दिया था। ससुर के मरने के बाद चचिया ससुर रामविलास के पुत्र उसके निर्माण में हिस्सा मांगने लगे। इसका पति विरोध करते थे। इसको लेकर अक्सर गाली-गलौज होती थी। इस झगड़े में आखिर
पति की जान ही चली गई।
...फिर हो गई विधवा
पूरनपुर। मृतक की पत्नी लक्ष्मी देवी का मायका बल्देवपुर चांट में है। लक्ष्मी देवी ने बताया कि उसकी करीब बारह साल पहले शादी एक गांव में हुई थी। तब उसने एक पुत्र को जन्म दिया। करीब पांच साल पहले बीमारी से उसके पहले पति की मौत हो गई थी। देवर, जेठ परेशान करने लगे। इस पर उसने रामऔतार से तीन साल पहले शादी कर ली।
समय पर मिलता इलाज तो बच सकता था रामऔतार
घायल रामऔतार इलाज के लिए घंटों तड़पता रहा। पत्नी लक्ष्मी देवी ने अस्पताल ले जाने के लिए गांव में घूमकर मदद की गुहार लगाई, लेकिन किसी ने अपना दरवाजा नहीं खोला। अगर पुलिस को ही समय से सूचना मिल जाती और मृतक का इलाज हो जाता तो शायद रामऔतार की जान नहीं जाती।
मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना में प्रयुक्त कुल्हाड़ी, लाठी कब्जे में लेकर घायल करन को हिरासत में लिया। इंस्पेक्टर धर्र्मपाल सिंह ने बताया कि लक्ष्मी देवी की ओर से मृतक के चचेरे भाई शिवकुमार, करन, रामशंकर और सत्यपाल के खिलाफ गाली-गलौज, मारपीट और गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। रामऔतार एक राइस मिल में पल्लेदारी करता था।
विज्ञापन
मृतक के खिलाफ भी एनसीआर दर्ज
पूरनपुर। मारपीट में घायल हत्यारोपी करन ने शुक्रवार की रात में ही कोेतवाली पहुंचा था। पुलिस ने उसकी तहरीर पर रामकिशोर के खिलाफ एनसीआर दर्ज की थी। करन को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा था। चिकित्सकों ने उसे एक्सरे के लिए रेफर किया है।
विज्ञापन
पूरनपुर। पत्नी लक्ष्मी देवी ने बताया कि भाइयों के बंटवारे के बाद उसकी ददिया सास ने उसके हिस्से में कुछ निर्माण करा दिया था। ससुर के मरने के बाद चचिया ससुर रामविलास के पुत्र उसके निर्माण में हिस्सा मांगने लगे। इसका पति विरोध करते थे। इसको लेकर अक्सर गाली-गलौज होती थी। इस झगड़े में आखिर
पति की जान ही चली गई।
...फिर हो गई विधवा
पूरनपुर। मृतक की पत्नी लक्ष्मी देवी का मायका बल्देवपुर चांट में है। लक्ष्मी देवी ने बताया कि उसकी करीब बारह साल पहले शादी एक गांव में हुई थी। तब उसने एक पुत्र को जन्म दिया। करीब पांच साल पहले बीमारी से उसके पहले पति की मौत हो गई थी। देवर, जेठ परेशान करने लगे। इस पर उसने रामऔतार से तीन साल पहले शादी कर ली।
समय पर मिलता इलाज तो बच सकता था रामऔतार
घायल रामऔतार इलाज के लिए घंटों तड़पता रहा। पत्नी लक्ष्मी देवी ने अस्पताल ले जाने के लिए गांव में घूमकर मदद की गुहार लगाई, लेकिन किसी ने अपना दरवाजा नहीं खोला। अगर पुलिस को ही समय से सूचना मिल जाती और मृतक का इलाज हो जाता तो शायद रामऔतार की जान नहीं जाती।