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भूख ने सताया तो दो सौ किमी दूर घर पैदल ही निकल चला
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पूरनपुर। घर पहुंचने के लिए जब सवारी नहीं मिली तो बहराइच का रहने वाला छंगा नाम का एक व्यक्ति सिर पर सामान की गठरी लादकर उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से पैदल ही निकल पड़ा। 200 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद पूरनपुर पहुंचते ही उसे पुलिस ने रोक लिया। पूछने पर उसने घर पहुंचवाने की फरियाद की। इस पर पुलिस ने खुटार की तरफ जा रहे वाहन पर बैठाकर उसे भेज दिया। इससे पहले उसकी सीएचसी में स्क्रीनिंग कराई गई।
बहराइच के मिहीपुरवा में रहने वाले छंगा ने बताया कि चार माह पूर्व गांव के तीन लोगों के साथ उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में मजदूरी करने गया था। लॉकडाउन लगने पर मजदूरी मिलना बंद हो गई। कमाई गई रकम भी कुछ दिन में खर्च हो गई। फिर उसे खाने के भी लाले पड़ गए। स्थानीय लोगों से खाना मांगकर जैसे-तैसे कुछ दिन पेट भरा। घर वापसी के लिए ऑनलाइन आवेदन किया। इसमें घर जाने की की स्वीकृति भी मिल गई। उसी के गांव के रहने वाले राजाराम को भी स्वीकृति मिली। अनुमति के तौर पर दिए गए पत्र में दोनों का नाम था। राजाराम एक वाहन से छह दिन पहले गांव निकल गया। इसके बाद उस पर कोई कागज नहीं बचा तो सवारी की उम्मीद भी मिट गई। छह दिन पहले पिथौरागढ़ से पैदल घर को चल दिया था।
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बहराइच के मिहीपुरवा में रहने वाले छंगा ने बताया कि चार माह पूर्व गांव के तीन लोगों के साथ उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में मजदूरी करने गया था। लॉकडाउन लगने पर मजदूरी मिलना बंद हो गई। कमाई गई रकम भी कुछ दिन में खर्च हो गई। फिर उसे खाने के भी लाले पड़ गए। स्थानीय लोगों से खाना मांगकर जैसे-तैसे कुछ दिन पेट भरा। घर वापसी के लिए ऑनलाइन आवेदन किया। इसमें घर जाने की की स्वीकृति भी मिल गई। उसी के गांव के रहने वाले राजाराम को भी स्वीकृति मिली। अनुमति के तौर पर दिए गए पत्र में दोनों का नाम था। राजाराम एक वाहन से छह दिन पहले गांव निकल गया। इसके बाद उस पर कोई कागज नहीं बचा तो सवारी की उम्मीद भी मिट गई। छह दिन पहले पिथौरागढ़ से पैदल घर को चल दिया था।
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