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लॉकडाउन 4.0 पर बोले लोगः कोरोना को हराने को यह जरूरी, जान है तो जहान है
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पीलीभीत। कोरोना के खिलाफ जंग में अब 14 दिन का और संयम रखना होगा। अब देशव्यापी लॉकडाउन की मियाद 31 मई तक बढ़ा दी गई है। लॉकडाउन- चार की घोषणा होने के बाद लोग मायूस तो हुए, मगर महामारी की भयावहता को देखते हुए लॉकडाउन बढ़ाने का समर्थन भी किया। सबने एक स्वर में कहा कि कोरोना से जंग लड़ने के लिए वह संयम रखने को तैयार हैं।
कोरोना से निपटने के लिए पहला लॉकडाउन 23 मार्च को लागू किया गया था। यह पूरे 21 दिनों तक चला। मगर, लगातार कोरोना संक्रमण बढ़ते गए तो पीएम मोदी ने 14 अप्रैल को फिर से 19 दिनों का लॉकडाउन लागू करने की घोषणा कर दी। यह लॉकडाउन तीन मई को समाप्त हुआ। इसके बाद सरकार ने 17 मई तक एक बार फिर से लॉकडाउन बढ़ाने की घोषणा कर दी। हालांकि इसमें कुछ शर्तों पर दुकानें खुलने का समय और दिन निर्धारित किए गए। लॉकडाउन-4 की ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीते दिनों ही इशारा कर चुके थे। इससे लोग यह मानकर चल रहे थे कि अभी लॉकडाउन बढ़ेगा। रविवार को लॉकडाउन-4 की अवधि 31 मई तक बढ़ने के बाद आम लोगों का कहना है कि वह बढ़ते लॉकडाउन से निपटने के लिए भी तैयार हैं क्योंकि इसके अलावा कोरोना से निपटने का दूसरा रास्ता नहीं है। अमर उजाला ने आम लोगों, समाजसेवियों और व्यापारियों से लॉकडाउन बढ़ने पर बात की तो उन्होंने कुछ और रियायतें मिलने की उम्मीद जताकर इसका समर्थन किया।
कोरोना महामारी रोकने के लिए लॉकडाउन बढ़ना ही ठीक है। इसमें कुछ रियायतें मिलने की उम्मीद है। लोगों को लॉकडाउन के नियमों का पालन करने के लिए जागरूकता दिखानी होगी। - अवनेश कौशिक
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बढ़ते मरीजों की संख्या देखते हुए लॉकडाउन का बढ़ना पहले ही तय था। ये हमारी ही जान की हिफाजत के लिए है। इसलिए सभी को इसका पालन करना चाहिए। - रवि शर्मा
लॉकडाउन को लेकर हम सबको जिम्मेदारी से काम लेना होगा। इसमें मिलने वाली छूट में नियम से चलें, ताकि जल्द बीमारी से निजात मिल सके। दिक्कतें तो हैं, मगर जान और देश से बढ़कर नहीं। - शीतल वर्मा
कोरोना को हराने के लिए लॉकडॉउन जरूरी है। शासन-प्रशासन आम लोगों की जरूरतें मुहैया कराने पर ध्यान दें और जनता इसका पालन करने में, तभी जल्द जिंदगी पहले की तरह पटरी पर दौड़ती दिखेगी। - शकुंतला देवी
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कोरोना से निपटने के लिए पहला लॉकडाउन 23 मार्च को लागू किया गया था। यह पूरे 21 दिनों तक चला। मगर, लगातार कोरोना संक्रमण बढ़ते गए तो पीएम मोदी ने 14 अप्रैल को फिर से 19 दिनों का लॉकडाउन लागू करने की घोषणा कर दी। यह लॉकडाउन तीन मई को समाप्त हुआ। इसके बाद सरकार ने 17 मई तक एक बार फिर से लॉकडाउन बढ़ाने की घोषणा कर दी। हालांकि इसमें कुछ शर्तों पर दुकानें खुलने का समय और दिन निर्धारित किए गए। लॉकडाउन-4 की ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीते दिनों ही इशारा कर चुके थे। इससे लोग यह मानकर चल रहे थे कि अभी लॉकडाउन बढ़ेगा। रविवार को लॉकडाउन-4 की अवधि 31 मई तक बढ़ने के बाद आम लोगों का कहना है कि वह बढ़ते लॉकडाउन से निपटने के लिए भी तैयार हैं क्योंकि इसके अलावा कोरोना से निपटने का दूसरा रास्ता नहीं है। अमर उजाला ने आम लोगों, समाजसेवियों और व्यापारियों से लॉकडाउन बढ़ने पर बात की तो उन्होंने कुछ और रियायतें मिलने की उम्मीद जताकर इसका समर्थन किया।
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कोरोना महामारी रोकने के लिए लॉकडाउन बढ़ना ही ठीक है। इसमें कुछ रियायतें मिलने की उम्मीद है। लोगों को लॉकडाउन के नियमों का पालन करने के लिए जागरूकता दिखानी होगी। - अवनेश कौशिक
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बढ़ते मरीजों की संख्या देखते हुए लॉकडाउन का बढ़ना पहले ही तय था। ये हमारी ही जान की हिफाजत के लिए है। इसलिए सभी को इसका पालन करना चाहिए। - रवि शर्मा
लॉकडाउन को लेकर हम सबको जिम्मेदारी से काम लेना होगा। इसमें मिलने वाली छूट में नियम से चलें, ताकि जल्द बीमारी से निजात मिल सके। दिक्कतें तो हैं, मगर जान और देश से बढ़कर नहीं। - शीतल वर्मा
कोरोना को हराने के लिए लॉकडॉउन जरूरी है। शासन-प्रशासन आम लोगों की जरूरतें मुहैया कराने पर ध्यान दें और जनता इसका पालन करने में, तभी जल्द जिंदगी पहले की तरह पटरी पर दौड़ती दिखेगी। - शकुंतला देवी