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कैदियों ने बनाया सैनिटाइजर टनल, बंदी तैयार कर रहे मास्क
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जेल में मास्क में बनाते बंदी
- फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए हर कोई इससे निपटने और खुद को सुरक्षित रखने के लिए इंतजाम करने में जुटा है। इसी क्रम में जिला कारागार में बंदियों ने जुगाड़ करके सैनिटाइजर टनल बनाई है। इसको जेल के मुख्य गेट पर लगाकर हर आने-जाने वाले पर सैनिटाइजर का छिड़काव किया जा रहा है। इसके अलावा जिला जेल के बंदी मिलकर कोरोना से बचने के लिए मास्क भी तैयार कर रहे हैं।
कोरोना वायरस से बचाव के लिए सामाजिक दूरी बनाने के साथ ही मास्क और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने को कहा गया है। शासन ने मास्क पहनना अनिवार्य भी कर दिया है। 17 बैरक वाली जिला जेल में बंदियों को रखने की क्षमता 603 बंदियों की है, मगर इस समय करीब आठ सौ बंदी हैं। 76 बंदी अंतरिम जमानत पर और 13 कैदी पैरोल पर रिहा हो चुके हैं। क्षमता से अधिक बंदी होने के कारण कोरोना के संक्रमण खतरा और बढ़ा हुआ है। इसी वजह से बंदियों की विशेष निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। जेल में अब कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए इंतजाम दुरुस्त करने और दूसरों की मदद को जेल प्रशासन ने कैदी और बंदियों की मदद से काम शुरू कर दिया है। जेल प्रशासन की मदद मिलने के बाद कैदी अशोक, आशिक, प्रदीप और शिवशंकर ने सैनिटाइजर टनल बनाई है। इसमें लगा पंखा हवा के साथ ही सैनिटाइजर भी फेंकता है, उसके सामने खड़े होकर पूरे शरीर को सैनिटाइज किया जा सकता है। या फिर जेल के किसी भी कोने में इस टनल को ले जाकर वहां सैनिटाइज किया जा सकता है। इस काम में पंखे के अलावा एक बॉक्स और पाइप का इस्तेमाल किया गया है।
जेलर विवेकशील त्रिपाठी और डिप्टी जेलर विक्रम सिंह की देखरेख में छह बंदी मनोज कुमार, अब्दुल वहीद, राजकिशोर, गंगा सिंह, तस्लीम, सलीम कोरोना से बचने के लिए मास्क बना रहे हैं। इस काम में उनकी मदद 2018 में जेल से रिहा होकर गया टेलर सिरसा गांव निवासी गंगासरन कर रहा है। अब तक 100 मास्क तैयार भी कर लिए गए हैं।
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कैदियों के द्वारा बनाए गए सैनिटाइजर टनल को मेनगेट पर लगाया है। जेल में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति का सैनिटाइजर का छिड़काव इसी से करा रहे हैं। इसके अलावा बंदी कोरोना से बचने के लिए मास्क भी तैयार कराए जा रहे हैं। यह मास्क पुलिस को भी मुहैया कराए जाएंगे। - अनूप सिंह, जेल अधीक्षक
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कोरोना वायरस से बचाव के लिए सामाजिक दूरी बनाने के साथ ही मास्क और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने को कहा गया है। शासन ने मास्क पहनना अनिवार्य भी कर दिया है। 17 बैरक वाली जिला जेल में बंदियों को रखने की क्षमता 603 बंदियों की है, मगर इस समय करीब आठ सौ बंदी हैं। 76 बंदी अंतरिम जमानत पर और 13 कैदी पैरोल पर रिहा हो चुके हैं। क्षमता से अधिक बंदी होने के कारण कोरोना के संक्रमण खतरा और बढ़ा हुआ है। इसी वजह से बंदियों की विशेष निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। जेल में अब कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए इंतजाम दुरुस्त करने और दूसरों की मदद को जेल प्रशासन ने कैदी और बंदियों की मदद से काम शुरू कर दिया है। जेल प्रशासन की मदद मिलने के बाद कैदी अशोक, आशिक, प्रदीप और शिवशंकर ने सैनिटाइजर टनल बनाई है। इसमें लगा पंखा हवा के साथ ही सैनिटाइजर भी फेंकता है, उसके सामने खड़े होकर पूरे शरीर को सैनिटाइज किया जा सकता है। या फिर जेल के किसी भी कोने में इस टनल को ले जाकर वहां सैनिटाइज किया जा सकता है। इस काम में पंखे के अलावा एक बॉक्स और पाइप का इस्तेमाल किया गया है।
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जेलर विवेकशील त्रिपाठी और डिप्टी जेलर विक्रम सिंह की देखरेख में छह बंदी मनोज कुमार, अब्दुल वहीद, राजकिशोर, गंगा सिंह, तस्लीम, सलीम कोरोना से बचने के लिए मास्क बना रहे हैं। इस काम में उनकी मदद 2018 में जेल से रिहा होकर गया टेलर सिरसा गांव निवासी गंगासरन कर रहा है। अब तक 100 मास्क तैयार भी कर लिए गए हैं।
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कैदियों के द्वारा बनाए गए सैनिटाइजर टनल को मेनगेट पर लगाया है। जेल में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति का सैनिटाइजर का छिड़काव इसी से करा रहे हैं। इसके अलावा बंदी कोरोना से बचने के लिए मास्क भी तैयार कराए जा रहे हैं। यह मास्क पुलिस को भी मुहैया कराए जाएंगे। - अनूप सिंह, जेल अधीक्षक