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Pilibhit News: गांव चलतुआ को खाली कराने के लिए संयुक्त जांच पूरी

Wed, 08 Jan 2025 12:05 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Wed, 08 Jan 2025 12:05 AM IST
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Joint investigation completed to evacuate village Chaltua
पूरनपुर। गांव चलतुआ के लोगों को जंगल के बाहर दूसरे स्थान पर बसाने के लिए वन व राजस्व टीम ने सर्वे पूरा कर लिया है। सर्वे रिपोर्ट एसडीएम को दे दी है। सर्वे में अधिकांश लोगों ने बसने के लिए जमीन लेने की बात कही। मात्र कुछ लोगों ने विकल्प के रूप में रुपये लेने की मंशा जाहिर की।
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चलतुआ गांव किशनपुर सेंच्युरी में जंगल के बीच में बसा है। गांव में पहुंचने के लिए चार किलोमीटर जंगल में दूरी तय करनी पड़ती है। चारों ओर जंगल से घिरे गांव में अक्सर जंगली जानवरों का भय बना रहता है। ढ़ाई साल पहले खेत की रखवाली कर रहे बुजुर्ग को हाथी ने पटककर मार डाला था।
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करीब पांच साल पहले मानव-वन्यजीव संघर्ष में लोगों ने बाघ को लाठियों से पीटकर मौत के घाट उतार दिया था। करीब सात महीने पहले गांव पहुंचे डीएम संजय सिंह को लोगों ने समस्याएं बताई थी। डीएम ने ग्रामीणों की मंशा जानने के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की थी, टीम में एसडीएम पूरनपुर, डीएफओ, एसडीओ वन को शामिल किया गया था। गांव के लोगों को जंगल के बाहर बसाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
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इसके लिए गांव छोड़ने वालों को 15 लाख रुपये या दो हेक्टेयर जमीन देने का विकल्प तय किया गया है। 18 दिसंबर को गांव में एसडीएम अजीत प्रताप सिंह की मौजूदगी में बैठक हुई। गांव के अधिकांश लोगों का कहना है कि वे लोग खुद गांव में नहीं रहना चाहते। मगर गांव में उनके घर, गांव के समीप खेती भी है।
बैठक के बाद गांव में राजस्व, वन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सर्वे शुरू किया था। सर्वे में कितने परिवार और घर गांव में हैं। गांव के लोग गांव छोड़ने पर कौन सा विकल्प चुनना चाहते है आदि जानकारी कर टीमों को अपनी रिपोर्ट सात दिन में देनी थी।

चलतुआ के रेंजर मोहम्मद अयूब हसन ने बताया कि संयुक्त जांच रिपोर्ट एसडीएम को भेज दी गई है। एसडीएम अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट मिल गई है। जिसमें अधिकांश लोगों ने रहने को जमीन का विकल्प चुना है। अब गांव में रह रहे लोगों की जमीनों का सत्यापन कराया जाएगा। इसके बाद अगली कार्रवाई शुरू होगी।
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