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डेनमार्क की डबल बरैल गन बाघ, तेंदुए को किया जाएगा बेहोश

Sat, 13 Mar 2021 12:47 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 13 Mar 2021 12:47 AM IST
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पीलीभीत। जंगल से निकलकर रिहायशी इलाकों में दहशत फैलाने वाले बाघ और तेंदुओं को अब डेनमार्क की सिरिंज प्रोजेक्टर (ट्रेंक्युलाइर गन) से काबू में किया जाएगा। खास बात यह कि निशाना चूकने पर दूसरा डार्ट छोड़कर वन्यजीव को बेहोश किया जा सकता है। इस गन से 50 मीटर दूरी पर मौजूद वन्यजीव को ट्रेंक्युलाइज किया जा सकता है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व यह अत्याधुनिक गन पहुंची गई है।
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पीलीभीत टाइगर रिजर्व में 65 से अधिक बाघ हैं। तेंदुओं की संख्या भी अच्छी खासी है। जंगल की भौगोलिक स्थिति के कारण शिकार का पीछा करते हुए अकसर बाघ और तेंदुए आबादी क्षेत्रों में चले जाते हैं। गन्ने की फसल और नरकुल में जंगल जैसा वातावरण मिलने से अधिकांश बाघ रिहायशी इलाकों में डेरा जमा लेते हैं। पिछले कुछ सालों से पीटीआर के बाघ और तेंदुए भी जंगल से सटे रिहायशी इलाकों में देखे जा रहे हैं। अक्सर रिहायसी इलाके में पहुंचने वाले बाघ व तेंदुए ग्रामीणों पर हमला कर देते हैं। वन्यजीवों के हमले में दर्जनों लोगों की जान जा चुकी है।
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मानव-वन्यजीव संघर्ष की संभावना बढ़ने पर पीटीआर प्रशासन के पास केवल वन्यजीवों को बेहोश कर पकड़ने के बाद जंगल में छोड़ देना ही एकमात्र विकल्प बचना है। अब तक पीटीआर के पास सिंगल बैरल दो ट्रेंक्युलाइज गन थीं, जिनसे कई बार निशाना चूक जाता था या डार्ट मिस हो जाती थी। अगला डार्ट मारने तक वन्यजीव हिंसक होने के साथ मौके से भाग जाता है। अब पीटीआर प्रशासन ने डेनमार्क से डबल बैरल ट्रेंक्युलाइजर गन मंगा ली है। इससे एक समय में एक के बाद एक डार्ट चलाया जा सकेगा।
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एयर प्रेशर से चलती है डार्ट
पीटीआर के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. दक्ष गंगवार के मुताबिक इस अत्याधुनिक गन के माध्यम से वन्यजीव पर निशाना साधने के लिए गैस सिलेंडर से एयर प्रेशर डालना पड़ता है। इस सिलेंडर में कार्बन डाईआक्साइड गैस का इस्तेमाल किया जाता है। यह 16 ग्राम और 72 ग्राम की मात्रा के होते हैं। ट्रेंक्युलाइज करते समय वन्यजीव के मांस वाले हिस्से पर निशाना साधा जाता है। इसमें थाई और कूल्हे का हिस्सा सुरक्षित माना जाता है। ट्रेंक्युलाइज किए गए वन्यजीव पर दवा की डोज का असर 30 से 45 मिनट तक रहता है। इस दौरान यदि वन्यजीव के परीक्षण में देरी की संभावना होती है तो उसे सिरिंज से टॉपअप देकर बेहोशी की सीमा बढ़ाई जाती है।

पीटीआर को रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान प्रयुक्त होने वाले संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। इसमें डेनमार्क की डबल बैरल ट्रेंक्युलाइज गन भी आ गई है। डबल बैरल गन होने से अब निशाने के दौरान चूक होने पर दूसरा डार्ट तत्काल चलाया जा सकेगा। इससे वन्यजीवों को रेस्क्यु करने में आसानी होगी।
- नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, पीलीभीत टाइगर रिजर्व
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