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पंचायत सचिवों से मांगा जवाब ..मनरेगा में ठेकेदारों से कहां कराया काम
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पीलीभीत। मनरेगा में ठेकेदारों से काम कराने और रोजगार सेवकों से अभिलेखों में जबरदस्ती हस्ताक्षर कराने का मामला उजागर होने के बाद डीएम की सख्ती का असर दिखा। मनरेगा के डीसी (उपायुक्त) का पत्र मिलने के बाद मरौरी ब्लॉक के बीडीओ ने समस्त सचिवों से इसे लेकर जानकारी मांगी है। उन्हें यह भी चेतावनी दी गई कि अगर गड़बड़ी पकड़ी गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में भारी गड़बड़ी बीते दिनों उजागर हुई थी। रोजगार सेवकों के जबरन हस्ताक्षर कराने, मनरेगा मजदूरों के बजाय ठेकेदारों से काम कराने का भी आरोप लगा था। रोजगार सेवकों ने इसे लेकर शिकायत भी की थी। यह भी कहा था कि कराए गए कामों की उन्हें जानकारी नहीं दी जाती। शिकायत में खासकर मरौरी ब्लॉक का जिक्र खुलकर किया गया था। इस शिकायत पर मनरेगा उपायुक्त अनभिज्ञता जता रहे थे। अमर उजाला ने मनरेगा की इस गड़बड़ी पर तीन सितंबर को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। डीएम पुलकित खरे ने समाचार का संज्ञान लिया तो मनरेगा से जुड़े अफसरों में हलचल बढ़ गई। पहले शिकायत से अनभिज्ञता जताने वाले उपायुक्त भी इसे लेकर गंभीर हुए। मरौरी ब्लॉक के बीडीओ से ऐसे सचिवों की जानकारी मांगी गई, जिनकी ग्राम पंचायतों में ठेकेदारी से काम कराए गए। उपायुक्त के पत्र के बाद बीडीओ ने भी समस्त सचिवों से ठेके पर कराए गए कामों की जानकारी मांगी है। बीडीओ मरौरी सर्वेश कुमार ने बताया कि उपायुक्त का पत्र उन्हें मिला है। मनरेगा में ठेकेदारी प्रथा से काम कराना नियम विरुद्ध है। अगर किसी भी ग्राम पंचायत में ठेकेदारों से काम कराया गया है, तो उस पर कार्रवाई होगी।
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महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में भारी गड़बड़ी बीते दिनों उजागर हुई थी। रोजगार सेवकों के जबरन हस्ताक्षर कराने, मनरेगा मजदूरों के बजाय ठेकेदारों से काम कराने का भी आरोप लगा था। रोजगार सेवकों ने इसे लेकर शिकायत भी की थी। यह भी कहा था कि कराए गए कामों की उन्हें जानकारी नहीं दी जाती। शिकायत में खासकर मरौरी ब्लॉक का जिक्र खुलकर किया गया था। इस शिकायत पर मनरेगा उपायुक्त अनभिज्ञता जता रहे थे। अमर उजाला ने मनरेगा की इस गड़बड़ी पर तीन सितंबर को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। डीएम पुलकित खरे ने समाचार का संज्ञान लिया तो मनरेगा से जुड़े अफसरों में हलचल बढ़ गई। पहले शिकायत से अनभिज्ञता जताने वाले उपायुक्त भी इसे लेकर गंभीर हुए। मरौरी ब्लॉक के बीडीओ से ऐसे सचिवों की जानकारी मांगी गई, जिनकी ग्राम पंचायतों में ठेकेदारी से काम कराए गए। उपायुक्त के पत्र के बाद बीडीओ ने भी समस्त सचिवों से ठेके पर कराए गए कामों की जानकारी मांगी है। बीडीओ मरौरी सर्वेश कुमार ने बताया कि उपायुक्त का पत्र उन्हें मिला है। मनरेगा में ठेकेदारी प्रथा से काम कराना नियम विरुद्ध है। अगर किसी भी ग्राम पंचायत में ठेकेदारों से काम कराया गया है, तो उस पर कार्रवाई होगी।
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