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उपाधि महाविद्यालय में लेखाकार कार्यालय सील
पीलीभीत।
Updated Thu, 24 Sep 2015 11:31 PM IST
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वित्तीय अनियमितताओं की आशंका पर डीएम/कंट्रोलर के निर्देश पर उपाधि
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महाविद्यालय के लेखाकार कार्यालय को सील कर दिया गया। इस मामले में
प्राचार्य ने अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि डीएम को इसकी जानकारी होगी। दफ्तर
सील होने की कार्रवाई से महाविद्यालय में हड़कंप मच गया।
डीएम मासूम अली सरवर ने कुछ दिन पूर्व उपाधि महाविद्यालय के लेखाकार अनिल गोयल को तलब कर महाविद्यालय के आय व्यय का ब्यौरा मांगा था। चार दिन बीतने के बाद भी लेखाकार आय व्यय का ब्यौरा लेकर नहीं पहुंचे। इस मामले में डीएम ने जानकारी की तो पता चला कि लेखाकार चार दिन से महाविद्यालय से गैरहाजिर है। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने एसडीएम सदर सुरेंद्र बहादुर को लेखाकार सील करने के निर्देश दिए। जिस पर बृहस्पतिवार को एसडीएम ने महाविद्यालय पहुंचकर लेखाकार कार्यालय को सील कर दिया। प्रशासन द्वारा की गई इस कार्रवाई से महाविद्यालय में हड़कंप मच गया। इस मामले में जब प्राचार्य डॉ. प्रमोद कुमार सिंह ने जानकारी की गई तो उन्होंने मामले में अनभिज्ञता जताते हुए जानकारी चीफ प्रॉक्टर से लेने की बात कही।
चीफ प्राक्टर ने खड़े किए हाथ
इस मामले में चीफ प्रॉक्टर डॉ. आरसी शुक्ला से जानकारी की गई तो उन्होंने मामले की जानकारी प्राचार्य से लेने की बात कही। इस पर प्राचार्य व चीफ प्रॉक्टर का आमना सामना हुआ तो भी चीफ प्रॉक्टर ने यही बात कही। जिस पर प्राचार्य ने शिक्षण कार्य व अनुशासन तक की जानकारी देने की बात कहते हुए पल्ला झाड़ लिया।
इससे पहले भी हो चुकी है घपलेबाजी
महाविद्यालय में इससे पूर्व भी वित्तीय अनियमितताएं पकड़ी जा चुकी है। करीब पांच साल पूर्व महाविद्यालय में स्थित इलाहाबाद बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक अपूर्व व्यास ने छात्रवृत्ति की करीब एक करोड़ से अधिक धनराशि गबन कर ली थी। इसमें शाखा प्रबंधक को जेल जाना पड़ा। सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2011 में हुए आडिट के दौरान वित्तीय अनियमितताएं पकड़ी गई थीं।
000
लेखाकार अनिल गोयल को सभी अभिलेख लेकर आने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन वह चार दिन से गैरहाजिर चल रहे हैं। वित्तीय अनियमितता की संभावना पर कार्यालय सील करवाया गया है। जानकारी मिली है कि लेखाकार बरेली के एक अस्पताल में भर्ती है।
- मासूम अली सरवर, डीएम।
डीएम मासूम अली सरवर ने कुछ दिन पूर्व उपाधि महाविद्यालय के लेखाकार अनिल गोयल को तलब कर महाविद्यालय के आय व्यय का ब्यौरा मांगा था। चार दिन बीतने के बाद भी लेखाकार आय व्यय का ब्यौरा लेकर नहीं पहुंचे। इस मामले में डीएम ने जानकारी की तो पता चला कि लेखाकार चार दिन से महाविद्यालय से गैरहाजिर है। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने एसडीएम सदर सुरेंद्र बहादुर को लेखाकार सील करने के निर्देश दिए। जिस पर बृहस्पतिवार को एसडीएम ने महाविद्यालय पहुंचकर लेखाकार कार्यालय को सील कर दिया। प्रशासन द्वारा की गई इस कार्रवाई से महाविद्यालय में हड़कंप मच गया। इस मामले में जब प्राचार्य डॉ. प्रमोद कुमार सिंह ने जानकारी की गई तो उन्होंने मामले में अनभिज्ञता जताते हुए जानकारी चीफ प्रॉक्टर से लेने की बात कही।
चीफ प्राक्टर ने खड़े किए हाथ
इस मामले में चीफ प्रॉक्टर डॉ. आरसी शुक्ला से जानकारी की गई तो उन्होंने मामले की जानकारी प्राचार्य से लेने की बात कही। इस पर प्राचार्य व चीफ प्रॉक्टर का आमना सामना हुआ तो भी चीफ प्रॉक्टर ने यही बात कही। जिस पर प्राचार्य ने शिक्षण कार्य व अनुशासन तक की जानकारी देने की बात कहते हुए पल्ला झाड़ लिया।
इससे पहले भी हो चुकी है घपलेबाजी
महाविद्यालय में इससे पूर्व भी वित्तीय अनियमितताएं पकड़ी जा चुकी है। करीब पांच साल पूर्व महाविद्यालय में स्थित इलाहाबाद बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक अपूर्व व्यास ने छात्रवृत्ति की करीब एक करोड़ से अधिक धनराशि गबन कर ली थी। इसमें शाखा प्रबंधक को जेल जाना पड़ा। सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2011 में हुए आडिट के दौरान वित्तीय अनियमितताएं पकड़ी गई थीं।
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लेखाकार अनिल गोयल को सभी अभिलेख लेकर आने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन वह चार दिन से गैरहाजिर चल रहे हैं। वित्तीय अनियमितता की संभावना पर कार्यालय सील करवाया गया है। जानकारी मिली है कि लेखाकार बरेली के एक अस्पताल में भर्ती है।
- मासूम अली सरवर, डीएम।